8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग को लेकर असम ने पहल करते हुए करीब सात लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को गुड न्यूज दी है. 1 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आठवें वेतन आयोग की घोषणा की थी, अब उसका गठन भी कर दिया गया है. असम में 8वें वेतन आयोग का गठन होने से यह पहला राज्य बन गया है. आयोग का उद्देश्य राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और सेवा शर्तों की व्यापक समीक्षा करना है. अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों और कुछ तकनीकी वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को इससे बाहर रखा गया है. इस आयोग को राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतनमान और सेवा शर्तों की संरचना को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों की जांच करने का कार्य सौंपा गया है.
Assam becomes the first state in India to form the 8th State Pay Commission. It’s a landmark move in government employee welfare. The commission will review pay, allowances, pensions, and service conditions, aiming for fair compensation while maintaining fiscal balance.
केंद्र के… pic.twitter.com/77bVd218FU---विज्ञापन---— 8th Pay Commission (आठवाँ वेतन आयोग) (@8th_CPC) January 2, 2026
सुभाष चंद्र दास होंगे अध्यक्ष
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक 8वें असम वेतन आयोग 2026 के अध्यक्ष सुभाष चंद्र दास होंगे. वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, वित्त विभाग के सचिव आयोग के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे. अन्य सदस्यों में कार्मिक विभाग, ARTPPC विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठतम सचिव; न्यायिक विभाग के एलआर-सह-आयुक्त और विशेष सचिव; वित्त (बजट) विभाग के विशेष निदेशक या वित्त विभाग के वरिष्ठतम सचिव के नामित व्यक्ति और गुवाहाटी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतुल महंत शामिल हैं.
तकनीकी व न्यायिक सेवा अधिकारी दायरे से बाहर
अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी, डिग्री कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, आयुर्वेदिक कॉलेजों, फार्मेसी संस्थानों, पॉलिटेक्निक और अन्य अधिसूचित संस्थानों में यूजीसी/एआईसीटीई के अंतर्गत आने वाले तकनीकी संस्थानों के कर्मचारी तथा न्यायिक सेवा अधिकारी इसके दायरे से बाहर रहेंगे.
12 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगा आयोग
आयोग राज्य की आर्थिक स्थिति, राजकोषीय अनुशासन, विकासात्मक प्राथमिकताओं और केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को ध्यान में रखेगा. इसका मुख्यालय गुवाहाटी में होगा और इसे 12 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है. सरकार ने वेतन संशोधन के साथ-साथ डिजिटल तकनीक, मानव संसाधन सुधार, प्रदर्शन आधारित शासन और उत्पादकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया है. सरकार ने कहा कि वेतन संरचनाओं की व्यापक समीक्षा आवश्यक है, और बताया कि अंतिम संशोधन 7वें असम वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद 1 अप्रैल, 2016 से लागू किए गए थे.










