World Stroke Day 2024: स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें अचानक दुर्घटना होती है, जिससे जान जाने का जोखिम रहता है। 26 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच वर्ल्ड स्ट्रोक अवेयरनेस वीक मनाया जाता है। इस वीक के जरिए संगठन और हेल्थ एक्सपर्ट दुनिया भर के लोगों में स्ट्रोक को लेकर जागरूकता पैदा करते हैं, इस बीमारी के शुरुआती संकेतों की पहचान तथा गरीब लोगों में होने वाले स्ट्रोक के इलाज के लिए धन इकट्ठा करते हैं। पिछले कुछ सालों में स्ट्रोक के मामले भारत में भी अधिक देखे जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो भारत में स्ट्रोक से होने वाली मौतें दूसरे नंबर पर हैं। स्ट्रोक की समस्या दफ्तरों और वर्कप्लेस में भी बढ़ती जा रही है। आइए हेल्थ एक्सपर्ट से जानते हैं मॉडर्न वर्कप्लेस में स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के कुछ तरीके।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉ. विक्रम वोरा, जो SOS इंटरनेशनल के मेडिकल डायरेक्टर हैं, बताते हैं कि मॉडर्न ऑफिस में टेक्नोलॉजी तो आ गई है लेकिन इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता है कि इन हाई-टेक कंपनियों में लोगों को तनाव के साथ-साथ ज्यादा लंबे घंटे बिताने होते हैं। इससे कर्मचारियों में स्ट्रेस के साथ-साथ हाई बीपी की समस्या भी बढ़ गई है। एक्सपर्ट बताते हैं कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए स्ट्रोक के जोखिमों को कम करने के लिए शारीरिक गतिविधि और तनाव को मैनेज करने के लिए आयोजन करने चाहिए।
ऑफिस मैनेजमेंट को क्या करना चाहिए?
डॉक्टर वोरा के अनुसार, कर्मचारियों में स्ट्रोक का जोखिम कम हो, इस बात का ख्याल कंपनियों को रखने की जरूरत है। वे अपने इंप्लॉइज के लिए दफ्तरों के वातावरण को सुधार सकते हैं। हफ्ते में 1 बार कोई स्वास्थ्य से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। ऑफिस कैंटिन में खाने-पीने के हेल्दी आइटम्स को शामिल करवाया जा सकता है। ऑफिस में कुछ फन एरियाज का प्रबंध करें ताकि इंप्लॉइज टेंशन कम करने के लिए यहां समय बिता सकें। काम को लेकर फ्लेक्सिबिलिटी रखने से भी कर्मचारियों को बचाया जा सकता है।

फोटो क्रेडिट- फ्रीपिक
इंप्लॉइज ऐसे रहें स्वस्थ
हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें।
पौष्टिक आहार खाएं।
नींद पूरी करें।
तनाव कम करें।
रोजाना एक्सरसाइज करें।
डायबिटीज और बीपी को मैनेज करें।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।