कितना जरूरी है विटामीन डी? जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट लेना क्या हो सकता है खतरनाक? यहां जानिए

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Vitamin D and the Immune System: विटामिन डी यानी सनसाइन विटामिन, जो सूरज से हमें फ्री में मिल जाती है। इससे हमारी इम्यूनिटी बेहतर होती है और साथ में हड्डियों में मजबूती आती है। कई तरह के संक्रमण और बीमारियों से बचाव करती है। विटामिन डी शरीर में मेटाबोलिज्म जैसे काम में मददगार है, इसलिए प्रोपर मात्रा में होना बहुत जरूरी है।

कई बार व्यस्त जीवनशैली में ना ढंग से खा पाते हैं और न ढंग से सो पाते हैं और ये सब विटामिन डी की कमी के कारण होता है। ये हमारी बॉडी को नुकसान पहुंचाता है और इसलिए लोग ज्यादा बीमार होते हैं। विटामिन डी अगर ज्यादा हो गया तो ये समस्या भी पैदा कर सकता है। यानी विटामिन डी की जरूरत तो है, एक सीमा के अंदर।

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विटामिन डी के फायदे

मजबूत हड्डियां- विटामिन डी कैल्शियम को सोखने में हेल्प करता है, जो हड्डियों मजबूत देता है।

इम्यून सिस्टम- इम्यून सिस्टम को स्ट्रोंग बनाने के लिए विटामिन डी जरूरी है और यह इंफेक्शन को रोकता है।

हार्ट के लिए फायदेमंद- विटामिन डी बीपी को कंट्रोल करने और दिल से जुड़ी बीमारी के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।

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मेंटल हेल्थ- विटामिन डी का डिप्रेशन, तनाव और अन्य मेंटल हेल्थ पर पॉजिटिव असर करता है।

कैंसर- कुछ स्टडी में पता चला है कि विटामिन डी का प्रोपर लेवल कैंसर के जोखिम को थोड़ा कम कर सकता है।

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विटामिन डी की कमी के लक्षण

  • कमजोर हड्डियां और पीठ दर्द
  • ब्लड प्रेशर
  • बालों का झड़ना
  • सूजन और जलन
  • थकान होना
  • शरीर में झुर्रियां पड़ना
  • डिप्रेशन और तनाव होना
  • डायबिटीज होना
  • इम्यूनिटी कमजोर होना

विटामिन D कितना लेना चाहिए ये आपकी ऐज, लिंग और हेल्थ के आधार पर निर्भर करता है। हालांकि, अगर रोज की खुराक से ये कुछ गुना ज्यादा लेते हैं तो इससे हाइपरविटामिनोसिस डी हो सकता है। इसमें उल्टी, भूख न लगना, कब्ज और कमजोरी का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा, हाई डोज ब्लड में कैल्शियम के हाई लेवल का कारण बन सकता है, इससे किडनी को नुकसान हो सकता है।

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Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।

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