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क्या है ब्लैडर मैपिंग और कैसे करती है काम? सफदरजंग अस्पताल में शुरू हुई तकनीक, अब Bladder Mapping से हो सकेगी जांच

What Is Bladder Mapping: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली में भारत की पहली ब्लैडर मैपिंग तकनीक का शुभारंभ किया है. यह तकनीक क्या है और कैसे काम करती है, जानिए यहां.

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ब्लैडर संबंधी दिक्कतों और कैंसर की अब इस तरह होगी जांच. AI Generated Image

Bladder Mapping: दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में ब्लैडर मैपिंग की नई तकनीक शुरू की गई है. अब जटिल बीमारियों की जांच के लिए देश में पहली बार ब्लैडर मैपिंग हो सकेगी. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली के यूरोलॉजी विभाग में सेंटर फॉर एडवांस्ड ब्लैडर डायगनोस्टिक का शुभारंभ किया है. यहां ब्लैडर मैपिंग, पीईटी-सीटी, और SPECT-CT फैसिलिटीज शुरू की गई हैं. यह एक आधुनिक तकनीक है जिससे मूत्राशय की ज्यादा सटीक जांच हो सकेगी और ब्लैडर कैंसर (Bladder Cancer) के निदान और उपचार की दिशा में मदद मिलेगी. जानिए ब्लैडर मैपिंग में क्या होता है और इसके क्या फायदे हैं.

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ब्लैडर मैपिंग कैसे होती है

सफदरजंग में ब्लैडर मैपिंग के साथ ही ब्रेन मैपिंग को जोड़ा गया है जिससे ब्लैडर की जांच में दिमाग की मैपिंग भी की जाएगी. यह तकनीक मूत्राशय के भरने और खाली होने के दौरान मस्तिष्क में रक्त के ऑक्सीजन लेवल में होने वाले बदलावों का आकलन करेगी. इससे डॉक्टरों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि समस्या ब्लैडर यानी मूत्राशय से संबंधित है या न्योरोलॉजिकल है या फिर दोनों कारणों से हो रही है. ब्लैडर मैपिंग पेशाब की थैली में होने वाली दिक्कतों की सटीक रिपोर्ट भी देगी.

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ब्लैडर मैपिंग के मुख्य लाभ क्या हैं

  • ब्लैडर मैपिंग से मूत्राशय संबंधी रोगों की सटीक जांच हो सकेगी
  • इससे उन असामान्य क्षेत्रों की पहचान में मदद मिले जिन्हें सामान्य जांच में पहचानना मुश्किल होता है
  • बीमारी का पता चलते ही उसका इलाज किस तरह से किया जा सकता है या किस तरह से उपचार हो सकता है इसकी बेहतर प्लानिंग की जा सकती है
  • कैंसर की जांच और देखभाल की सुविधा बेहतर हो जाएगी.

मूत्राशय से जुड़ी किन दिक्कतों से लोग दोचार होते हैं

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मूत्राशय की सूजन – बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण बहुत से लोगों को मूत्राशय की सूजन से दोचार होना पड़ता है.

यूरिन लीकेज होना – यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस में ब्लैडर ओवर रिएक्टिव हो जाता है जिससे व्यक्ति का ब्लैडर कंट्रोल कम हो जाता है और पेशाब की लीकेज हो सकती है.

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ब्लैडर स्टोन्स – मूत्राशय में पथरी होने को ब्लैडर स्टोन कहते हैं. इस दिक्कत में मूत्राशय में दर्द महसूस होता है और पेशाब करने में दिक्कत होती है.

ब्लैडर कैंसर – मूत्राशय में पनपने वाले कैंसर को ब्लैडर कैंसर कहते हैं. इसमें एब्नॉर्मल सेल्स ब्लैडर में बनने लगती हैं और शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकती हैं.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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