Rajesh Bharti
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Meningococcal Bacteria Found Returning From Saudi Arabia : सऊदी अरब से लौट रहे ज्यादातर लोगों में अजीब-सी बीमारी हो रही है। इनमें शरीर पर चकत्ते पड़ना और बुखार व उल्टियां शामिल हैं। हालत ऐसी है कि लोगों की जान जा रही है। ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस समेत कई देशों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इस बीमारी को लेकर दुनिया के कई देशों ने अलर्ट जारी किया है। इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों और युवाओं में देखने को मिल रहा है।
सऊदी अरब से लौटे जिन लोगों में यह बीमारी हुई है, उनके नाम मेनिनजाइटिस (Meningitis) और सेप्टिसीमिया (Septicaemia) हैं। इन बीमारी का कारण मेनिंगोकोकल (Meningococcal) बैक्टीरिया है। मेनिनजाइटिस बहुत तेजी से फैलती है। इस कारण इसके इलाज की तुरंत जरूरत होती है। इस बीमारी की चपेट में आने वाले करीब 10 से 15 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है। वहीं काफी संख्या में लोग अक्षम हो जाते हैं। मेनिंगोकोकल बैक्टीरिया की चपेट में आने से कई बच्चों की मौत हो चुकी है। एक्सपर्ट बताते हैं कि मेनिंगोकोकल के कारण बैक्टीरिया खून को संक्रमित कर देते हैं। इससे सेप्टिसीमिया बीमारी हो जाती है और इसमें खून जहरीला हो जाता है।

दुनिया के कई देशों में फैली मेनिंगोकोकल बैक्टीरियल बीमारी।
इस बीमारी को डॉक्टर कोरोना से ज्यादा खतरनाक बता रहे हैं। अमेरिका समेत कई देशों में इस बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि अमेरिका में ऐसे मामले पहली बार नहीं आए हैं। पिछले साल अमेरिका में इस बैटीरियल बीमारी के 400 से ज्यादा मामले सामने आए थे।
यह बीमारी सांस और बलगम के माध्यम में एक शख्स से दूसरे में फैल जाती है। यही नहीं, खांसने, छींकने, झूठा खाने, झूठे बर्तन का इस्तेमाल करने आदि से भी यह बीमारी फैल सकती है। अगर आप किसी को किस करते हैं, तो भी यह बैक्टीरिया एक शख्स से दूसरे शख्स में पहुंच सकता है। इस बैक्टीरिया के कई स्ट्रेन सामने आ चुके हैं।
Meningococcal vaccines help protect against the bacteria that cause meningococcal disease. It’s recommended for preteens, teens, and certain high-risk groups. Learn more: https://t.co/DfYxn8O9hI #beahealthhero #healthherotn #cdc pic.twitter.com/CHlAZKf2pk
— Health Hero Tennessee (@healthherotn) May 18, 2024
जो भी शख्स इस बीमारी की चपेट में आता है, उसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के जरिए किया जाता है। जो लोग सही हो जाते हैं, उनमें से कुछ लोगों में इस बीमारी का बुरा असर देखा जाता है। ऐसे लोगों की किडनी खराब हो सकती है, बहरापन हो सकता है, दिमाग से संबंधित बीमारी पैदा हो सकती है।
| लक्षण | मेनिनजाइटिस | सेप्टिसीमिया |
| बुखार और उल्टियां | हां | हां |
| तेज सिर दर्द | हां | नहीं |
| जॉइंट और मसल्स पेन | नहीं | हां |
| हाथ-पैरों का ठंडा होना | नहीं | हां |
| चकत्ते पड़ना | नहीं | हां |
| सांस फूलना | नहीं | हां |
| गर्दन में अकड़न | हां | नहीं |
| तेज रोशनी में देखने में परेशानी | हां | नहीं |
| गहरी नींद आना या उठने में परेशानी होना | हां | हां |
| कन्फ्यूज रहना | हां | हां |
| दौरे पड़ना | हां | नहीं |
डॉक्टर्स के मुताबिक इस बीमारी से बचने का इलाज भी सिर्फ वैक्सीन है। लोगों को इससे बचने के लिए मेनिनजाइटिस B, मेनिनजाइटिस C, न्यूमोकोकल, MMR, मेनिनजाइटिस ACWY वैक्सीन में से कोई एक लगवानी होगी। अमेरिका और दूसरे कई देशों ने अपने यहां उन लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है जो लोग सऊदी अरब जा रहे हैं। इन देशों ने कहा है कि वे लोग वैक्सीन लगवाकर ही जाएं। साथ ही इस बीमारी से बचने के लिए सभी को वैक्सीन लगवाने की बात कही है। दूसरी ओर लोगों को मास्क लगाकर रहने की भी सलाह दी गई है।
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भारत में भी सेप्टिसीमिया के कई मामले सामने आ चुके हैं। फरवरी में उत्तर प्रदेश में काफी मामले सामने आए थे। इसका असर बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा देखा गया था। कई लोगों की मौत हो गई थी। कई राज्य के मेडिकल ऑफिसर ने लोगों को मेनिनजाइटिस वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है।
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