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लालू यादव की किस बीमारी से बिगड़ी तबीयत? रेफर किया एम्स, जानें संकेत और बचाव

आरजेडी के अध्यक्ष लालु प्रसाद यादव का शुगर लेवल बढ़ा। इस कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और अब वह आगे के इलाज के लिए दिल्ली एम्स पहुंच चुके हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि उन्हें दिल की बीमारी भी है और वह एकबार किडनी ट्रांसप्लांट भी करवा चुके हैं।

Author Edited By : Namrata Mohanty Updated: Apr 3, 2025 07:36

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद से उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया। वह बुधवार रात दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्हें शाम 4 बजे तक दिल्ली की फ्लाइट लेनी थी, मगर अचानक तबीयत बिगड़ने से उन्हें पटना के निजी अस्पताल में तुरंत भर्ती करवाया गया जहां उनका शुगर लेवल हाई देखा गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो लालु यादव दिल के रोगों से भी ग्रसित है। उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया है। हालांकि, इससे पहले भी कई बार लालु यादव की तबीयत बिगड़ चुकी है। साल 2022 में उनकी किडनी डैमेज हो गई थी। उनकी किडनी केवल 25 % ही काम कर रही थी जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह दी थी। उसी साल दिसंबर में सिंगापुर में उनकी सर्जरी हुई थी। इस समय वह हाई शुगर की समस्या से परेशान हैं।

क्या हुआ है लालू यादव को?

लालू यादव लंबे समय से शुगर की बीमारी से जूझ रहे हैं। शुगर के स्तर का ऊपर-नीचे होने से मरीज की तबीयत बिगड़ सकती है। इस बार उनका शुगर लेवल हाई हुआ है। बढ़े हुए स्तर का असर शरीर पर पड़ सकता है, खासकर दिल, किडनी और आंखों पर भी। शुगर स्पाइक का मतलब होता है शरीर में ग्लूकोज की मात्रा अचानक बढ़ जाना। यह मेडिकल सिचुएशन डायबिटीज रोगियों के साथ होती है। लालु यादव भी इस समस्या से पीड़ित हैं।

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शुगर स्पाइक होने के संकेत क्या?

1. प्यास लगना

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अगर किसी को बहुत ज्यादा प्यास लगती है, तो यह शुगर लेवल हाई होने का संकेत हो सकता है। दरअसल, ग्लूकोज इंक्रीज होने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है।

2. बार-बार पेशाब आना

प्यास लगने की वजह से बार-बार पानी पिया जाता है। ऐसे में किडनी पर असर पड़ता है, जिस वजह से वह ज्यादा देर तक पेशाब को होल्ड नहीं कर पाती है और बार-बार पेशाब आता है।

3. थकान

शुगर स्पाइक होने से शरीर में पर्याप्त ऊर्जा की कमी हो जाती है। खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाने से सेल्स की कार्यक्षमता कम हो जाती है। ऐसे में थकान ज्यादा होती है।

4.भूख लगना

किसी-किसी मरीज में शुगर स्पाइक होने से भूख लगने की समस्या भी बढ़ जाती है।

5. धुंधला दिखाई देना

खून में शुगर बढ़ने से ब्लड शुगर स्पाइक होता है। ऐसे में कुछ मरीजों को देखने में भी दिक्कतें महसूस हो सकती हैं। इसके अलावा, सिरदर्द, तनाव और चिड़चिड़ापन भी इसके कुछ संकेत होते हैं।

लालु यादव को स्किन पर कुछ घाव भी होने लगे थे, जो आमतौर पर शुगर स्पाइक होने पर मरीज की बॉडी पर भी हो जाते हैं। शुगर स्पाइक की वजह से शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे त्वचा पर छोटे-मोटे संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकते हैं और घाव धीरे-धीरे ठीक होते हैं। इसके अलावा, पिछले साल भी लालु यादव की मुंबई में एंजियोप्लास्टी हुई थी।

शुगर स्पाइक के कारण क्या है?

शुगर स्पाइक या ग्लूकोज स्पाइक स्ट्रेस, नींद की कमी, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और अनहेल्दी इटिंग की वजह से हो सकता है। जो लोग कार्बोहाइड्रेट युक्त फूड्स खाते हैं, फैट और हाई प्रोटीन इनटेक भी शुगर स्पाइक करता है। प्रोसेस्ड फूड्स, शराब-तंबाकू और सिगरेट का अनियंत्रित सेवन करना और शारीरिक गतिविधियां न करना भी शुगर स्पाइक की वजह है।

शुगर स्पाइक कितना खतरनाक?

शुगर स्पाइक से डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA) नामक स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें मधुमेह मरीजों में इंसुलिन की कमी के कारण खून में कीटोन नामक एक हानिकारक पदार्थ जमने लगता है, जो खून को दूषित करता है। यह एक गंभीर और घातक स्थिति होती है, जिसमें मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है। शुगर स्पाइक होने से दिल की बीमारियां जैसे कि कार्डियो अटैक की संभावनाएं तेज हो जाती हैं। इससे किडनी फेलियर और नर्व डैमेज भी हो सकता है।

शुगर स्पाइक से बचाव के तरीके

  • समय-समय पर नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करवाएं।
  • संतुलित आहार लें, जिसमें सब्जियों, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त फूड्स हों।
  • व्यायाम करें।
  • तनाव को मैनेज करें।
  • इंसुलिन और दवाइयों को नियमित रूप से सेवन करें।
  • भोजन को समय पर खाएं।

एक्सपर्ट ने दी खास सलाह

महाराष्ट्र के डॉक्टर नवीन अग्रवाल बताते हैं कि डायबिटीज की खराब स्थिति को शुगर स्पाइक कहा जा सकता है। इस प्रॉब्लम में मरीज के शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ जाता है, तो उसकी जान जाने का खतरा हो सकता है। हालांकि, यह तब मुमकिन है जब किसी का शुगर लेवल 400-500 से ऊपर पहुंच जाए। ये लोग कभी-कभी कोमा में भी जा सकते हैं।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

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Namrata Mohanty

First published on: Apr 03, 2025 07:36 AM

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