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1.38 करोड़ की प्रॉपर्टी परवेज मुशर्रफ की नहीं तो किसकी, UP के बागपत में नीलामी में किसने खरीदी?

Pervez Musharraf Property Auction: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 13 बीघा जमीन की नीलामी हुई है, जो पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की बताई जा रही है। इस प्रॉपर्टी को ऑनलाइन ऑक्शन में जिले के 3 लोगों ने एक करोड़ से ज्यादा में खरीदा है।

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Pervez Musharraf Property Auction in India: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के कोताना गांव में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की प्रॉपर्टी की ऑनलाइन नीलामी हुई है। यह नीलामी लगभग 13 बीघा जमीन की हुई है, जिसे साल 2010 में शत्रु सम्पत्ति घोषित किया गया था। बता दें कि बांगर के इलाके में मौजूद इस प्रॉपर्टी को अभिरक्षक कार्यालय, लखनऊ की ओर से ऑनलाइन नीलाम किया गया, जिसका बेस प्राइस 39 लाख 6 हजार रुपये रखा गया था, लेकिन प्रॉपर्टी एक करोड़ 38 लाख 16 हजार में नीलाम किया गया है।

बता दें कि बागपत की बड़ौत तहसील से लगभग 8 किलोमीटर दूर कोताना गांव में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के माता-पिता रहा करते थे, लेकिन आजादी से पहले साल 1943 में वह गांव छोड़कर दिल्ली चले गए। वहीं पर परवेज मुशर्रफ का जन्म हुआ। हालांकि मुशर्रफ कोताना गांव में कभी नही आएं और बटवारे के दौरान उनका परिवार भी भारत छोड़कर पाकिस्तान में जाकर बस गया था।

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गत 5 सितंबर को नीलाम हुई प्रॉपर्टी

बता दें कि कोताना गांव में स्थित नीलाम हुई शत्रु सम्पत्ति नुरू के नाम से रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज है। नुरू साल 1965 में भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन उनके नाम से दर्ज 13 बीघा जमीन साल 2010 में शत्रु सम्पत्ति घोषित कर दी गई थी। गत 5 सितम्बर 2024 को हुई नीलामी में इस प्रॉपर्टी को 3 लोगों ने खरीदा है। बड़ौत के पंकज कुमार ठेकेदार ने भी इस जमीन का कुछ हिस्सा ई-नीलामी के जरिए खरीदा है।

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उक्त नीलाम हुई सम्पत्ति को सोशल मीडिया पर परवेज मुशर्रफ के परिजनों की संपत्ति बताया जा रहा है, लेकिन ADM बागपत पंकज वर्मा के अनुसार, इसका कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। न ही कोई ऐसा प्रमाण सामने आया है कि नुरू, परवेज मुशर्रफ का परिजन था। राजस्व अभिलेख में यह सम्पत्ति नुरू के नाम से दर्ज है। सम्पत्ति परवेज मुशर्रफ के परिजनों की है या नहीं, इसका अभिलेख उपलब्ध होने पर ही स्पष्ट कहा जा सकेगा। हालांकि अभी तक ऐसा कोई अभिलेख सामने नहीं आया है, जिससे इसे परवेज मुशर्रफ की सम्पति कहा जा सके।

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नीलाम की गई सम्पत्ति की नीलामी का ब्यौरा इस प्रकार है…

  • खसरा नम्बर 1070 की भूमि की बोली 25.85 लाख रुपया
  • खसरा नम्बर 1071 की भूमि की बोली 25.63 लाख रुपया
  • खसरा नम्बर 1072 की भूमि की बोली 11.06 लाख रुपया
  • खसरा नम्बर 1073 की भूमि की बोली 11.08 लाख रुपया
  • खसरा नम्बर 1074 की भूमि की बोली 30.88 लाख रुपया
  • खसरा नम्बर 1075 की भूमि की बोली 11.08 लाख रुपया
  • खसरा नम्बर 1076 की भूमि की बोली 8.86 लाख रुपया
  • खसरा नम्बर 1078 की भूमि की बोली 13.71 लाख रुपया

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First published on: Sep 06, 2024 01:20 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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