---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Gaming angle-right

Online Gaming Bill рдХреЗ рд░рд╛рд╕реНрддреЗ рдореЗрдВ рдирд╣реАрдВ рдЖ рд╕рдХрддрд╛ рдХреЛрд░реНрдЯ, рдХреЗрдВрджреНрд░ рд╕рд░рдХрд╛рд░ рдХрд╛ рдЬрд╡рд╛рдм, Dream11 рдЬреИрд╕реА рдРрдкреНрд╕ рдХреА рдореБрд╢реНрдХрд┐рд▓реЗрдВ рд░рд╣реЗрдВрдЧреА рдЬрд╛рд░реА!

рдСрдирд▓рд╛рдЗрди рдЧреЗрдорд┐рдВрдЧ рдмрд┐рд▓ рдХреЛ рднрд╛рд░рдд рд╕рд░рдХрд╛рд░ рджреНрд╡рд╛рд░рд╛ рд▓рд╛рдпрд╛ рдЧрдпрд╛ рдерд╛ред рдЕрдм рдЗрд╕рдХреЗ рдЦрд┐рд▓рд╛рдл рдпрд╛рдЪрд┐рдХрд╛ рджрд░реНрдЬ рд╣реБрдИ рдереА рдФрд░ рдХреЗрдВрджреНрд░ рд╕рд░рдХрд╛рд░ рдХрд╛ рдЬрд╡рд╛рдм рднреА рдЖ рдЧрдпрд╛ рд╣реИред рдЕрдЧрд▓реА рд╕реБрдирд╡рд╛рдИ 8 рд╕рд┐рддрдВрдмрд░ 2025 рдХреЛ рд╣реЛрдиреЗ рд╡рд╛рд▓реА рд╣реИред

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Online Gaming Bill: ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को भारत सरकार ने पास कर दिया था। इसके बाद से यह लगातार चर्चा का विषय है। Dream11 समेत कई सारी रियल मनी गेमिंग ऐप्स बैन हो चुकी हैं। हाल ही में कर्नाटक हाईकोर्ट में इस बिल को चुनौती देते हुए याचिका दर्ज की गई थी। केंद्र सरकार ने अब इस विषय में जवाब दिया। ऐसा लग रहा है कि Dream11 जैसी अन्य ऐप्स के लिए मुश्किलें जारी रहेंगी।

Online Gaming Bill के रास्ते में नहीं आ सकते कोर्ट

केंद्र सरकार ने दर्ज याचिका के जवाब में कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया कि अदालतें Online Gaming Bill के प्रचार के रास्ते में नहीं आ सकती। उन्होंने बताया कि जब किसी कानून को एक बार राष्ट्रपति से अनुमति मिल जाती है, तो फिर कोर्ट इस मामले में कुछ नहीं कर सकता। Online Gaming Act को लेकर भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया कि संसद की अनुमति और राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद बिल को इस वजह से कैंसिल नहीं किया जा सकता कि कोई एक विशेष व्यक्ति खुश नहीं है। मेहता का कहने का अर्थ है कि ऑनलाइन गेमिंग बिजनेस के एक वर्ग के विरोध के चलते बदलाव नहीं होगा और गेमिंग समेत इनके एडवर्टाइजमेंट पर प्रतिबंध लगा रहेगा।

---विज्ञापन---

किसने दर्ज की याचिका?

A23 ऑनलाइन रमी और पोकर गेम की कंपनी हेड डिजिटल वर्क्स ने याचिका दायर की थी और नए गेमिंग बिल को चुनौती दे दी थी। इस कंपनी के वकीलों ने कोर्ट से मांग की थी कि कुछ समय के लिए Online Gaming Bill पर रोक लगा दी जाए। उन्होंने यह भी मांग कर दी कि जब तक हाईकोर्ट द्वारा मामले की जांच नहीं की जाए, तब तक बिल को लागू नहीं किया जाए। जवाब में मेहता ने बताया कि एक बार किसी एक्ट को राष्ट्रपति से मंजूरी मिल जाती है, तो फिर उसे रोका नहीं जा सकता है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा और 8 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक जवाब की मांग की। लग रहा है कि यह मामला आगे बढ़ेगा और रियल मनी गेमिंग ऐप्स की मुश्किलें जारी रहेंगी।

ये भी पढ़ें:- Online Gaming Bill के बाद कैसे बनें ईस्पोर्ट्स प्लेयर? BGMI खेलकर कमा सकते हैं लाखों रूपये

---विज्ञापन---

First published on: Aug 31, 2025 02:32 PM

End of Article
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola