UPI से गलत नंबर पर हो गया ट्रांजैक्शन, क्या वापस मिलेंगे पैसे? जानिए क्या है नियम

UPI से पेमेंट करते समय एक छोटी सी गलती आपका बड़ा नुकसान कर सकती है. अगर पैसे गलत अकाउंट में चले जाएं, तो क्या वो वापस मिलते हैं? जानिए सच्चाई और वो तरीके जिनसे आप अपना पैसा बचा सकते हैं.

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गलत ट्रांजैक्शन के बाद क्या करें? जानिए नियम. (AI Generated Image)

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UPI Transaction Reversal Rules: आज के समय में UPI हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सब्जी वाले से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह लोग बस फोन से पेमेंट कर देते हैं. लेकिन जितनी तेजी से यह सुविधा बढ़ी है, उतनी ही तेजी से गलत ट्रांजैक्शन की समस्या भी सामने आई है. कई बार जल्दबाजी या छोटी सी गलती के कारण पैसे किसी गलत व्यक्ति के खाते में चले जाते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है- क्या ये पैसा वापस मिल सकता है या नहीं?

गलत UPI ट्रांजैक्शन कैसे होता है?

UPI से पेमेंट करते समय छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है. अगर आप मोबाइल नंबर या UPI ID डालते समय एक भी अंक गलत टाइप कर दें, तो पैसे किसी और के खाते में चले जाते हैं. QR स्कैन में भी कभी-कभी गलत कोड स्कैन हो सकता है. अक्सर लोगों को अपनी गलती का एहसास तब होता है, जब पैसा ट्रांसफर हो चुका होता है.

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क्या पैसा वापस मिल सकता है?

गलत UPI ट्रांजैक्शन को तुरंत रिवर्स करना संभव नहीं होता. इसमें कोई Undo बटन नहीं होता. पैसा वापस मिलने की सबसे बड़ी उम्मीद तभी होती है, जब सामने वाला व्यक्ति खुद आपकी बात समझकर पैसे लौटाने को तैयार हो. बिना उसकी सहमति के ट्रांजैक्शन को वापस नहीं लिया जा सकता.

गलत ट्रांजैक्शन कर दिया तो क्या करें

सामने वाले से संपर्क करें

अगर आपने गलती से पैसे भेज दिए हैं, तो सबसे पहले उस व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश करें. उसकी डिटेल्स देखकर कॉल करें और अपनी स्थिति समझाएं. कई बार लोग ईमानदारी से पैसे लौटा देते हैं और मामला यहीं खत्म हो जाता है.

बैंक में शिकायत दर्ज करें

अगर सामने वाला व्यक्ति जवाब नहीं देता या पैसे लौटाने से मना कर देता है, तो तुरंत अपने बैंक को इसकी जानकारी दें. ज्यादातर बैंक ऐप्स में Report Issue का विकल्प होता है. वहां जाकर ट्रांजैक्शन को गलत बताकर शिकायत दर्ज करें.

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ग्रीवांस और RBI लोकपाल का भी ऑप्शन

अगर बैंक से मदद नहीं मिलती है, तो आप बैंक के शिकायत निवारण विभाग से संपर्क कर सकते हैं. इसके बाद भी समाधान न मिले, तो RBI के लोकपाल (Ombudsman) के पास शिकायत दर्ज करने का विकल्प होता है. यहां आपकी शिकायत पर आगे कार्रवाई की जा सकती है.

सीमाएं समझना जरूरी है

यह जानना बहुत जरूरी है कि अगर सामने वाला व्यक्ति पैसे लौटाने से मना कर देता है और मामला धोखाधड़ी से जुड़ा नहीं है, तो बैंक भी पैसे वापस नहीं कर सकता. यानी कई मामलों में पैसा वापस मिलना मुश्किल हो जाता है.

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गलत ट्रांजैक्शन से कैसे बचें

UPI इस्तेमाल करते समय सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है. हमेशा पेमेंट करने से पहले नाम और डिटेल्स दोबारा जांच लें. अगर बड़ी रकम भेज रहे हैं, तो पहले 1 रुपये भेजकर कंफर्म करें. QR कोड मांगकर स्कैन करना भी सुरक्षित तरीका है. थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है.

कब शुरू हुआ था UPI

National Payments Corporation of India ने 11 अप्रैल 2016 को UPI यानी Unified Payments Interface लॉन्च किया था. इसके बाद से डिजिटल पेमेंट में जबरदस्त बदलाव आया है. अब लोग कैश रखने के बजाय सीधे मोबाइल से QR स्कैन करके पेमेंट करना ज्यादा आसान समझते हैं.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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