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बटन vs टच इंडक्शन: कौन सा चलेगा ज्यादा दिन और पड़ेगा सस्ता? खरीदने से पहले जान लें
इंडक्शन चूल्हा खरीदने जा रहे हैं? बटन या टच पैनल गलत चुनाव आपको भारी पड़ सकता है. जानिए दोनों के फायदे-नुकसान और समझिए कौन सा ऑप्शन आपके लिए सही रहेगा, ताकि बाद में पछताना न पड़े.
बटन वाला या टच...कौन सा इंडक्शन है बेस्ट ऑप्शन. (AI Generated image)
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हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
इंडक्शन चूल्हे के प्रकार और विशेषताएं
बाजार में बटन वाले और टच पैनल वाले दो तरह के इंडक्शन चूल्हे उपलब्ध हैं।
बटन वाले इंडक्शन मजबूत, सस्ते और गीले हाथों से भी आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
टच पैनल वाले इंडक्शन आधुनिक दिखते हैं, साफ करने में आसान होते हैं और इनमें स्मार्ट फीचर्स होते हैं।
Touch vs Button Induction Difference: अगर आप भी गैस सिलेंडर की बढ़ती दिक्कतों से परेशान होकर इंडक्शन चूल्हा खरीदने का सोच रहे हैं, तो जरा ठहरिए. मार्केट में आजकल दो तरह के इंडक्शन मिलते हैं- बटन वाले और टच पैनल वाले. ऊपर से देखने में दोनों एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन इस्तेमाल के दौरान इनका फर्क साफ नजर आता है. कई लोग सिर्फ लुक देखकर टच वाला इंडक्शन ले लेते हैं और बाद में पछताते हैं. ऐसे में खरीदने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा इंडक्शन सही रहेगा.
बटन वाले इंडक्शन की खूबियां
बटन वाले इंडक्शन चूल्हे मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं. इनमें फिजिकल बटन होते हैं, जो रोजाना के भारी इस्तेमाल को आसानी से झेल लेते हैं. खासकर भारतीय रसोई में, जहां काम करते समय हाथ गीले या तेल वाले होते हैं, वहां ये ज्यादा भरोसेमंद साबित होते हैं. इन्हें चलाना भी आसान होता है, इसलिए जो लोग ज्यादा टेक्नोलॉजी फ्रेंडली नहीं हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है. साथ ही, इनकी कीमत भी टच वाले मॉडल के मुकाबले कम होती है और मेंटेनेंस भी सस्ता पड़ता है.
बटन वाले इंडक्शन की खामियां
जहां एक तरफ ये मजबूत होते हैं, वहीं इन्हें साफ करना थोड़ा मुश्किल होता है. बटन के बीच में गंदगी और तेल जमा हो सकता है, जिससे सफाई में परेशानी होती है. इसके अलावा, इनका कंट्रोल पैनल पूरी तरह से सील नहीं होता, इसलिए अगर गलती से पानी या कोई तरल गिर जाए तो शॉर्ट-सर्किट का खतरा बना रहता है. लुक्स की बात करें तो ये थोड़े पुराने स्टाइल के लगते हैं. साथ ही, बटन के ऊपर लगी प्लास्टिक लेयर समय के साथ खराब भी हो सकती है.
AI Generated image
टच वाले इंडक्शन की खूबियां
टच पैनल वाले इंडक्शन चूल्हे दिखने में काफी मॉडर्न और प्रीमियम लगते हैं. इनका ऊपरी हिस्सा कांच का होता है, जिससे इन्हें साफ करना बेहद आसान हो जाता है. इनमें कई स्मार्ट फीचर्स भी मिलते हैं, जैसे टाइमर, चाइल्ड लॉक और अलग-अलग डिश के लिए प्री-सेट ऑप्शन. सबसे अच्छी बात यह है कि ये पूरी तरह से सील्ड होते हैं, इसलिए अगर ऊपर पानी गिर भी जाए तो अंदर जाने का खतरा कम रहता है. इस्तेमाल के दौरान भी सिर्फ एक हल्के टच से आप तापमान कंट्रोल कर सकते हैं.
टच वाले इंडक्शन की खामियां
हालांकि, टच वाले इंडक्शन हर मामले में परफेक्ट नहीं होते. सबसे बड़ी कमी इनकी कीमत और महंगा रिपेयर है. अगर इसका टच पैनल या सेंसर खराब हो जाए, तो अक्सर पूरा पैनल बदलना पड़ता है, जो काफी महंगा साबित होता है. इसके अलावा, किचन में गीले या तेल वाले हाथों से काम करते समय टच पैनल सही से काम नहीं करता, जिससे इस्तेमाल में दिक्कत आती है.
आपके लिए कौन सा बेहतर है?
अगर आप ऐसा इंडक्शन चाहते हैं जो टिकाऊ हो, कम खर्च में मेंटेन हो और रोजाना के काम में बिना परेशानी चले, तो बटन वाला इंडक्शन आपके लिए सही रहेगा. वहीं अगर आपको मॉडर्न लुक, आसान सफाई और स्मार्ट फीचर्स पसंद हैं, तो टच वाला इंडक्शन बेहतर ऑप्शन हो सकता है. आखिर में चुनाव आपकी जरूरत और बजट पर निर्भर करता है कि सही इंडक्शन वही है, जो आपकी रसोई में बिना झंझट के काम करे.
Touch vs Button Induction Difference: अगर आप भी गैस सिलेंडर की बढ़ती दिक्कतों से परेशान होकर इंडक्शन चूल्हा खरीदने का सोच रहे हैं, तो जरा ठहरिए. मार्केट में आजकल दो तरह के इंडक्शन मिलते हैं- बटन वाले और टच पैनल वाले. ऊपर से देखने में दोनों एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन इस्तेमाल के दौरान इनका फर्क साफ नजर आता है. कई लोग सिर्फ लुक देखकर टच वाला इंडक्शन ले लेते हैं और बाद में पछताते हैं. ऐसे में खरीदने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा इंडक्शन सही रहेगा.
बटन वाले इंडक्शन की खूबियां
बटन वाले इंडक्शन चूल्हे मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं. इनमें फिजिकल बटन होते हैं, जो रोजाना के भारी इस्तेमाल को आसानी से झेल लेते हैं. खासकर भारतीय रसोई में, जहां काम करते समय हाथ गीले या तेल वाले होते हैं, वहां ये ज्यादा भरोसेमंद साबित होते हैं. इन्हें चलाना भी आसान होता है, इसलिए जो लोग ज्यादा टेक्नोलॉजी फ्रेंडली नहीं हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है. साथ ही, इनकी कीमत भी टच वाले मॉडल के मुकाबले कम होती है और मेंटेनेंस भी सस्ता पड़ता है.
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बटन वाले इंडक्शन की खामियां
जहां एक तरफ ये मजबूत होते हैं, वहीं इन्हें साफ करना थोड़ा मुश्किल होता है. बटन के बीच में गंदगी और तेल जमा हो सकता है, जिससे सफाई में परेशानी होती है. इसके अलावा, इनका कंट्रोल पैनल पूरी तरह से सील नहीं होता, इसलिए अगर गलती से पानी या कोई तरल गिर जाए तो शॉर्ट-सर्किट का खतरा बना रहता है. लुक्स की बात करें तो ये थोड़े पुराने स्टाइल के लगते हैं. साथ ही, बटन के ऊपर लगी प्लास्टिक लेयर समय के साथ खराब भी हो सकती है.
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टच वाले इंडक्शन की खूबियां
टच पैनल वाले इंडक्शन चूल्हे दिखने में काफी मॉडर्न और प्रीमियम लगते हैं. इनका ऊपरी हिस्सा कांच का होता है, जिससे इन्हें साफ करना बेहद आसान हो जाता है. इनमें कई स्मार्ट फीचर्स भी मिलते हैं, जैसे टाइमर, चाइल्ड लॉक और अलग-अलग डिश के लिए प्री-सेट ऑप्शन. सबसे अच्छी बात यह है कि ये पूरी तरह से सील्ड होते हैं, इसलिए अगर ऊपर पानी गिर भी जाए तो अंदर जाने का खतरा कम रहता है. इस्तेमाल के दौरान भी सिर्फ एक हल्के टच से आप तापमान कंट्रोल कर सकते हैं.
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टच वाले इंडक्शन की खामियां
हालांकि, टच वाले इंडक्शन हर मामले में परफेक्ट नहीं होते. सबसे बड़ी कमी इनकी कीमत और महंगा रिपेयर है. अगर इसका टच पैनल या सेंसर खराब हो जाए, तो अक्सर पूरा पैनल बदलना पड़ता है, जो काफी महंगा साबित होता है. इसके अलावा, किचन में गीले या तेल वाले हाथों से काम करते समय टच पैनल सही से काम नहीं करता, जिससे इस्तेमाल में दिक्कत आती है.
आपके लिए कौन सा बेहतर है?
अगर आप ऐसा इंडक्शन चाहते हैं जो टिकाऊ हो, कम खर्च में मेंटेन हो और रोजाना के काम में बिना परेशानी चले, तो बटन वाला इंडक्शन आपके लिए सही रहेगा. वहीं अगर आपको मॉडर्न लुक, आसान सफाई और स्मार्ट फीचर्स पसंद हैं, तो टच वाला इंडक्शन बेहतर ऑप्शन हो सकता है. आखिर में चुनाव आपकी जरूरत और बजट पर निर्भर करता है कि सही इंडक्शन वही है, जो आपकी रसोई में बिना झंझट के काम करे.