बटन vs टच इंडक्शन: कौन सा चलेगा ज्यादा दिन और पड़ेगा सस्ता? खरीदने से पहले जान लें

इंडक्शन चूल्हा खरीदने जा रहे हैं? बटन या टच पैनल गलत चुनाव आपको भारी पड़ सकता है. जानिए दोनों के फायदे-नुकसान और समझिए कौन सा ऑप्शन आपके लिए सही रहेगा, ताकि बाद में पछताना न पड़े.

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बटन वाला या टच...कौन सा इंडक्शन है बेस्ट ऑप्शन. (AI Generated image)

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Touch vs Button Induction Difference: अगर आप भी गैस सिलेंडर की बढ़ती दिक्कतों से परेशान होकर इंडक्शन चूल्हा खरीदने का सोच रहे हैं, तो जरा ठहरिए. मार्केट में आजकल दो तरह के इंडक्शन मिलते हैं- बटन वाले और टच पैनल वाले. ऊपर से देखने में दोनों एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन इस्तेमाल के दौरान इनका फर्क साफ नजर आता है. कई लोग सिर्फ लुक देखकर टच वाला इंडक्शन ले लेते हैं और बाद में पछताते हैं. ऐसे में खरीदने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा इंडक्शन सही रहेगा.

बटन वाले इंडक्शन की खूबियां

बटन वाले इंडक्शन चूल्हे मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं. इनमें फिजिकल बटन होते हैं, जो रोजाना के भारी इस्तेमाल को आसानी से झेल लेते हैं. खासकर भारतीय रसोई में, जहां काम करते समय हाथ गीले या तेल वाले होते हैं, वहां ये ज्यादा भरोसेमंद साबित होते हैं. इन्हें चलाना भी आसान होता है, इसलिए जो लोग ज्यादा टेक्नोलॉजी फ्रेंडली नहीं हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है. साथ ही, इनकी कीमत भी टच वाले मॉडल के मुकाबले कम होती है और मेंटेनेंस भी सस्ता पड़ता है.

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बटन वाले इंडक्शन की खामियां

जहां एक तरफ ये मजबूत होते हैं, वहीं इन्हें साफ करना थोड़ा मुश्किल होता है. बटन के बीच में गंदगी और तेल जमा हो सकता है, जिससे सफाई में परेशानी होती है. इसके अलावा, इनका कंट्रोल पैनल पूरी तरह से सील नहीं होता, इसलिए अगर गलती से पानी या कोई तरल गिर जाए तो शॉर्ट-सर्किट का खतरा बना रहता है. लुक्स की बात करें तो ये थोड़े पुराने स्टाइल के लगते हैं. साथ ही, बटन के ऊपर लगी प्लास्टिक लेयर समय के साथ खराब भी हो सकती है.

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टच वाले इंडक्शन की खूबियां

टच पैनल वाले इंडक्शन चूल्हे दिखने में काफी मॉडर्न और प्रीमियम लगते हैं. इनका ऊपरी हिस्सा कांच का होता है, जिससे इन्हें साफ करना बेहद आसान हो जाता है. इनमें कई स्मार्ट फीचर्स भी मिलते हैं, जैसे टाइमर, चाइल्ड लॉक और अलग-अलग डिश के लिए प्री-सेट ऑप्शन. सबसे अच्छी बात यह है कि ये पूरी तरह से सील्ड होते हैं, इसलिए अगर ऊपर पानी गिर भी जाए तो अंदर जाने का खतरा कम रहता है. इस्तेमाल के दौरान भी सिर्फ एक हल्के टच से आप तापमान कंट्रोल कर सकते हैं.

टच वाले इंडक्शन की खामियां

हालांकि, टच वाले इंडक्शन हर मामले में परफेक्ट नहीं होते. सबसे बड़ी कमी इनकी कीमत और महंगा रिपेयर है. अगर इसका टच पैनल या सेंसर खराब हो जाए, तो अक्सर पूरा पैनल बदलना पड़ता है, जो काफी महंगा साबित होता है. इसके अलावा, किचन में गीले या तेल वाले हाथों से काम करते समय टच पैनल सही से काम नहीं करता, जिससे इस्तेमाल में दिक्कत आती है.

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आपके लिए कौन सा बेहतर है?

अगर आप ऐसा इंडक्शन चाहते हैं जो टिकाऊ हो, कम खर्च में मेंटेन हो और रोजाना के काम में बिना परेशानी चले, तो बटन वाला इंडक्शन आपके लिए सही रहेगा. वहीं अगर आपको मॉडर्न लुक, आसान सफाई और स्मार्ट फीचर्स पसंद हैं, तो टच वाला इंडक्शन बेहतर ऑप्शन हो सकता है. आखिर में चुनाव आपकी जरूरत और बजट पर निर्भर करता है कि सही इंडक्शन वही है, जो आपकी रसोई में बिना झंझट के काम करे.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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