Balraj Singh
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हमास एक आतंकी संगठन है या नहीं, इस मामले में दुनिया के कई देशों की सोच परस्पर बंटी हुई है। इसे कुछ देश सपोर्ट करते हैं। हमास इजराइल का वजूद नकारता है, यही वजह है कि वह सदा वहां कब्जाने की कोशिश में लगा रहता है। कुछ देश मानते हैं कि हमास अपने हक और जमीन की लड़ाई लड़ रहा है। वहीं हमास के काम करके, तबाही मचाने और बेगुनाहों का खून बहाने की वजह से कई देश आतंकी समूह भी घोषित कर चुके हैं। अब इसकी कमान इस्माइल हानियेह के हाथों, जिसे इस संगठन का टॉप लीडर कहा जाता है। इस्माइल ने गाजा की इस्लामिक यूनिवर्सिटी से स्नातक किया और फिलिस्तीन का पीएम रहा है। 2017 से वह हमास के राजनैतिक ब्यूरो के प्रमुख तौर पर काम कर रहा है।
इसी बीच हमास आतंकी संगठन है या नहीं, एक बार फिर इसका मुद्दा उठा है। दुनिया के कई देश आतंकी संगठन मानते हैं और कुछ इसे आजादी संगठन बोलते हैं। इजराइल भी इसे आतंकी संगठन मानता है। हालिया हमले के बाद भारत में इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन बताते हैंं कि अब वह समय आ गया है जब कई दूसरे देशों की तरह भारत भी हमास को आतंकी संगठन घोषित करे। उसने आतंक के खिलाफ अभियान चलाने में इजराइल की मदद करने के लिए भारत का धन्यवाद किया। इजराइल की इस अपील पर फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे में सवाल है कि वो कौन से देश हैं जो हमास को आतंकी संगठन मानते हैं, वो कौन-से देश हैं जो हमास को आतंकी समूह नहीं मानते और इसके पीछे क्या-क्या तर्क देते हैं।
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अमेरिका, ब्रिटेन, इजराइल, ऑस्ट्रेलिया, जापान और कई यूरोपियन देश, ये वो देश हैं जिन्होंने हमास को आधिकारिक तौर पर आतंकी समूह घोषित किया है। इसके अलावा इन देशों के रीजनल ब्लॉक भी उसे लेकर यही सोच रखते हैं। इन देशों के नेताओं ने समय-समय पर हमास को लेकर अपना रुख भी साफ किया है। UK के PM ऋषि सुनक ने हाल ही में कहा, जो लोग हमास का सपोर्ट करते हैं, इस हमले के लिए भी जिम्मेदार हैं। वो फ्रीडम फाइटर नहीं हैं, वो आतंकवादी हैं। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग ने 11 अक्टूबर को दिए अपने भाषण में कहा, ऑस्ट्रेलिया आतंक के खिलाफ है। हम इजराइल के साथ हैं। हम साफ तौर पर हमास के हमले की भर्त्सना करते हैं। उन्होंने अंधाधुंध रॉकेट फायरिंग कर नागरिकों को निशाना बनाया और उन्हें बंधक भी बनाया।
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तुर्की ने हमास को आतंकी समूह मानने से इनकार कर दिया है। इस बयान के बाद एक बार फिर बहस छिड़ गई है। कई ऐसे अहम देश हैं, जो हमास को आतंकी संगठन नहीं मानते। इनमें चीन, मिस्र, कतर, रूस, सीरिया, ब्राजील और ईरान देश भी शामिल हैं। इनका मानना है कि हमास आतंकी संगठन नहीं, बल्कि ये सैनिकों का एक ग्रुप है। इजराइल और हमास की जंग के बीच तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने बयान दिया है कि हमास कोई आतंकी संगठन नहीं, एक मुक्ति संगठन है, जो जमीन हासिल करने के लिए अपनी रक्षा कर रहा है। उनका कहना है कि मुस्लिम देशों को युद्धविराम की कोशिश करनी चाहिए। उन्हें मिलकर मुस्लिम देशों में शांति लाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके साथ ही विश्व शक्तियों से गाजा पर इजराइल के विध्वंसकारी हमले रोकने की अपील की।
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