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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में जारी संघर्ष को खत्म करने और क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए एक प्लान बनाया है. इसे नाम दिया है, ‘बोर्ड ऑफ पीस’. ट्रंप ने इस अंतरराष्ट्रीय बोर्ड में शामिल होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा है.

क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’?

यह ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना के दूसरे चरण का सबसे अहम हिस्सा है. बोर्ड का मुख्य मकसद गाजा में युद्ध के बाद शांति, शासन व्यवस्था में सुधार और वहां के बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करना है. यह बोर्ड गाजा में एक नई और पारदर्शी शासन व्यवस्था बनाने का काम करेगा. युद्ध से तबाह हुए गाजा को फिर से बसाना और आर्थिक निवेश भी जुटाएगा. गाजा के विकास के लिए बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय फंडिंग का प्रबंधन किया जाएगा. इसके अलावा क्षेत्र को आतंकवाद मुक्त और शांति सुनिश्चित करेगा.

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यह भी पढ़ें : भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी, PM मोदी के कंधे पर मिडिल ईस्ट में शांति का दारोमदार! ट्रंप ने किया इनवाइट

भारत को न्योते के मायने

भारत को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता अमेरिका में भारत की बढ़ती कूटनीतिक साख को दर्शाता है. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए भारत एक संतुलित और विश्वसनीय भागीदार है. भारत के अलावा पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र और कतर जैसे देशों को भी इसमें आमंत्रित किया गया है.

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एक बिलियन डॉलर की शर्त?

बोर्ड के चार्टर में एक प्रस्ताव यह भी है कि लंबी अवधि की सदस्यता के लिए सदस्य देशों को 1 बिलियन डॉलर का योगदान देना पड़ सकता है. हालांकि, भारत ने अभी तक इस निमंत्रण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

किस देश को मिला न्योता?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत समेत करीब 50 देशों को इस बोर्ड का सदस्य बनने का न्योता मिला है. इनमें पाकिस्तान, इजरायल, तुर्किए, मिस्र, कतर, कनाडा और अर्जेंटीना जैसे देश शामिल हैं.

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कौन-कौन हैं इसके सदस्य?

व्हाइट हाउस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस बोर्ड के अध्यक्ष खुद डोनाल्ड ट्रंप होंगे. इनके अलावा इसकी कार्यसमिति में कई वैश्विक दिग्गज शामिल किए गए हैं.

टोनी ब्लेयर – ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री, मध्य पूर्व की कूटनीति का लंबा अनुभव
जारेड कुशनर – ट्रंप के दामाद. पहले भी ‘अब्राहम समझौते’ को सफल बनाया था
अजय बंगा – वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष.
मार्को रुबियो- अमेरिका के विदेश मंत्री
स्टीव विटकॉफ और मार्क रोवन – प्रसिद्ध व्यवसायी और निवेशक
रॉबर्ट गेब्रियल – सुरक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ

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First published on: Jan 19, 2026 08:43 AM

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