Highest Unemployment Rate: देश के किस राज्य में सबसे ज्यादा है बेरोजगारी दर? आंकड़े देख चौंक जाएंगे
भारत में बेरोजगारी की स्थिति को लेकर जारी अलग-अलग आंकड़े राज्यों की अलग तस्वीर पेश करते हैं. PLFS (Periodic Labour Force Survey) के मुताबिक 15 से 29 साल के युवाओं में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है. केरल, लक्षद्वीप और हरियाणा जैसे क्षेत्रों में यह दर बहुत ज्यादा है.
Edited By : Versha Singh|Updated: Aug 21, 2026 13:04
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देश की अर्थव्यवस्था के बढ़ने के साथ रोजगार के अवसरों को लेकर भी लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. खासकर युवाओं के बीच बेरोजगारी की स्थिति कई राज्यों में चिंता का कारण बना हुआ है. केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के मुताबिक देश के कई हिस्सों में 15 से 29 साल के लोगों के बीच बेरोजगारी काफी ज्यादा है. तो चलिए जानते हैं कि भारत में कौन से राज्य में बेरोजगारी दर ज्यादा है.
लक्षद्वीप और केरल में सबसे ज्यादा युवा हैं बेरोजगार
केंद्र सरकार के पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के मुताबिक, देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 15 से 29 साल की उम्र के युवाओं के बीच बेरोजगारी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. लक्षद्वीप में युवा बेरोजगारी दर करीब 36.2% रही, जिसके चलते यह सबसे अधिक युवा बेरोजगारी वाले क्षेत्रों की लिस्ट में शामिल है.
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केरल में भी युवाओं के लिए रोजगार की स्थिति चुनौतीपूर्ण है. अलग-अलग समय और आंकड़े के अनुसार, राज्य में युवा बेरोजगारी दर करीब 29% से 36.2% तक दर्ज की गई. इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 33.6%, जम्मू-कश्मीर में 28.4%, नागालैंड में 27.4% और छत्तीसगढ़ में 26.3% युवा बेरोजगारी दर्ज की गई.
ये आंकड़े बताते हैं कि उच्च शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ने के बाद भी उनके लिए उपयुक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. नौकरी की तलाश करने वाले युवाओं की बढ़ती संख्या के बीच उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार मिलना भी एक बड़ी चुनौती है.
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(फोटो सोर्स- PLFS सर्वे)
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़े
बता दें कि PLFS जहां रोजगार और बेरोजगारी से जुड़े सरकारी आंकड़े उपलब्ध कराता है, वहीं सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के डेटा ने एक अलग तस्वीर पेश की है. CMIE के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में बेरोजगारी दर 37.4% रही. हालांकि, अलग-अलग डेटाबेस में अंतर होता है क्योंकि बेरोजगारी के आंकड़े मापने का तरीका, उसका समय, आबादी की संख्या सब अलग हो सकते हैं. इसलिए किसी राज्य की स्थिति या रैंकिंग का आकलन करते समय यह देखना जरूरी है कि आंकड़े किस मापदंड के आधार पर लिए गए हैं.
युवा बेरोजगारी का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तरह से दिखाई देता है. राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरों में रहने वाले युवाओं के लिए रोजगार पाना ज्यादा मुश्किल होता है. शहरी युवाओं की बेरोजगारी दर करीब 18.2% दर्ज की गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 15.1% रही. शहरों में युवाओं की बड़ी संख्या मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में नियमित और औपचारिक रोजगार ढूंढ़ती है. ऐसे में इन क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर नहीं मिलने का असर बेरोजगारी के आंकड़ों पर भी दिखाई देता है.
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युवा महिलाओं के लिए रोजगार पाना बड़ी चुनौती
युवा आबादी में बेरोजगारी के आंकड़ों में पुरुषों और महिलाओं के बीच भी बड़ा अंतर है. युवा पुरुषों की बेरोजगारी दर जहां करीब 14.6% रही, वहीं युवा महिलाओं में यह आंकड़ा लगभग 20.7% दर्ज किया गया. महिलाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसर, कार्यस्थल तक पहुंचने में आने वाली दिक्कतें, परिवार और देखभाल से जुड़ी जिम्मेदारियां के कारण महिलाओं के लिए कार्यस्थलों की कमी इस अंतर का मुख्य कारण हैं.
सबसे ज्यादा युवा बेरोजगार क्षेत्र:
लक्षद्वीप: युवा बेरोजगारी दर लगभग 36.2% केरल: युवा बेरोजगारी दर लगभग 29% से 36.2% अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: लगभग 33.6% जम्मू-कश्मीर: लगभग 28.4% नागालैंड: लगभग 27.4% छत्तीसगढ़: लगभग 26.3%
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CMIE के अनुसार:
हरियाणा: सबसे अधिक युवा बेरोजगारी दर लगभग 37.4%
शहर और ग्रामीण बेरोजगारी के बीच अंतर:
शहरी युवाओं की बेरोजगारी दर 18.2% ग्रामीण युवाओं की बेरोजगारी दर 15.1%
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लिंग आधारित बेरोजगारी:
युवा पुरुषों की बेरोजगारी दर लगभग 14.6% युवा महिलाओं की बेरोजगारी दर लगभग 20.7%