राफेल की नई खेप से कैसे बढ़ेगी भारत की ताकत? क्यों चीन और पाकिस्तान के लिए ये बनेगा 'काल'

भारतीय वायुसेना इस समय अपनी सबसे बड़ी चुनौती से जूझ रही- वह है फाइटर स्क्वाड्रनों की घटती संख्या. वायुसेना को जरूरत 42 स्क्वाड्रन की है, जबकि उसे पास स्क्वाड्रन हैं, महज 29-30 ही.

RAFEL.jpg (2)

राफेल की सबसे बड़ी खासियत इसकी 'मल्टी-रोल' क्षमता है.

भारत ने 114 नए राफेल विमान खरीदने जा रहा है, सरकार की ओर से इसे मंजूरी मिल गई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में इसकी मंजूरी दी. भारत पहले भी राफेल विमान खरीद चुका है. अप्रैल 2025 में 26 राफेल-मरीन जेट के लिए फ्रांस से डील की थी. भारतीय वायुसेना इस समय अपनी सबसे बड़ी चुनौती से जूझ रही- वह है फाइटर स्क्वाड्रनों की घटती संख्या. वायुसेना को जरूरत 42 स्क्वाड्रन की है, जबकि उसे पास स्क्वाड्रन हैं, महज 29-30 ही. ऐसे में राफेल विमानों की नई खरीद भारत के ‘टू-फ्रंट वॉर’ की तैयारियों के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होने वाली है.

विज्ञापन

एक ही मिशन में कई काम

राफेल की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘मल्टी-रोल’ क्षमता है. यह विमान युद्ध के दौरान अपनी भूमिका को पलक झपकते ही बदल सकता है. जैसे अगर राफेल टोही मिशन पर निकला है और अचानक उसे दुश्मन का कोई ठिकाना दिखता है, तो वह बिना समय गंवाए वहीं हमला कर सकता है. इसे अपनी कॉन्फिगरेशन बदलने के लिए वापस बेस पर आने की जरूरत नहीं पड़ती. जरूरत पड़ने पर इसे असम के डिब्रूगढ़ (पूर्वी सीमा) से राजस्थान के जैसलमेर (पश्चिमी सीमा) तक बहुत कम समय में तैनात किया जा सकता है.

विज्ञापन

14 ‘हार्ड पॉइंट्स’ से लैस

राफेल विमान 14 ‘हार्ड पॉइंट्स’ से लैस है. यानी इसमें 14 अलग-अलग जगहों पर हथियार लगाए जा सकते हैं. इसकी असली ताकत इसकी मिसाइलें हैं –

विज्ञापन

मेट्योर : यह हवा से हवा में मार करने वाली दुनिया की सबसे घातक मिसाइलों में से एक है. दुश्मन का विमान इस मिसाइल से बच नहीं सकता.
स्कैल्प : यह हवा से जमीन पर मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइल है, जो दुश्मन के बंकरों और ठिकानों को मीलों दूर से तबाह कर सकती है.
हैमर : यह सटीक निशाना लगाने वाला हथियार है जो किसी भी मौसम में काम कर सकता है.

विज्ञापन

दुश्मन को भनक तक नहीं लगेगी

राफेल में ‘स्पेक्ट्रा’ नाम का एक इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट लगा है. यह दुश्मन की ओर से आने वाली मिसाइलों को रोक सकता है. इसके अलावा, इसकी ‘डेटा लिंक’ तकनीक इसे दुश्मन के रडारों के लिए ‘साइलेंट’ बना देती है. यानी राफेल हमला कर देगा और दुश्मन को पता भी नहीं चलेगा कि हमला कहां से हुआ.

विज्ञापन

फ्रांस एक भरोसेमंद साथी

भारत का फ्रांस के साथ रक्षा संबंध दशकों पुराना है. 1950 के दशक में ‘तूफानी’ और ‘मिस्टेयर’ से लेकर 1984 में ‘मिराज-2000’ तक, फ्रांस ने हमेशा भारत का साथ दिया है. कारगिल युद्ध में फ्रांस से खरीदे गए मिराज-2000 ने पराक्रम दिखाया था. सबसे अहम बात यह है कि अमेरिका या ब्रिटेन की तरह फ्रांस ने कभी भारत पर किसी भी तरह का बैन या दबाव बनाने की कोशिश नहीं की.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ