Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

एंटरटेनमेंट

लिक माय शू से कपड़े उतार…, इंडियन सिनेमा में फीमेल कैरेक्टर्स बने शो पीस, फिल्मों में ऐसे सीन्स क्यों? | Explainer

Explainer: बीते दिन ही शाहिद कपूर की फिल्म 'ओ रोमियो' का ट्रेलर रिलीज किया गया, जिसमें एक्टर को फुल इंटेंस एक्शन मोड में देखा जा सकता है लेकिन फीमेल कैरेक्टर को कमजोर और एक्टर को गालियों का इस्तेमाल करते देखा गया. इसकी वजह से इसकी आलोचना की जा रही है.

Author
Written By: Rahul Yadav Updated: Jan 22, 2026 13:39
female actors have become showpieces in Indian cinema
इंडियन सिनेमा में फीमेल कैरेक्टर्स बने शो पीस?

Explainer: पिछले कुछ समय से इंडियन फिल्मों में महिलाओं की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. ये सवाल तब से उठे जब शाहिद कपूर की फिल्म ‘कबीर सिंह’ को रिलीज किया गया था, जिस तरीके से शाहिद को कियारा को फिल्म में थप्पड़ मारते और गंदा इशारा करते हुए दिखाया गया था. इसकी काफी आलोचना हुई थी. ऐसे में 2026 में भी इंडियन सिनेमा में फीमेल कैरेक्टर्स को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. फिल्मों में फीमेल कैरेक्टर्स को केवल शो पीस की तरह पेश किया जा रहा है. आज कल की कहानियों में मर्दानगी ज्यादा होती है.

बीते दिन ही शाहिद कपूर की फिल्म ‘ओ रोमियो’ को रिलीज किया गया था, जिसमें तृप्ति डिमरी से शाहिद कपड़े उतारने के लिए कहते हैं, जिसके बाद सवाल खड़ा होने लगा कि आजकल की फिल्मों में ये कैसा प्यार दिखाया जा रहा है कि लड़का लड़की से कपड़े उतारने के लिए कहता है. इतना ही नहीं, इसके पहले यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर रिलीज किया तो इसमें यश विदेशी एक्ट्रेस के साथ कार में इंटीमेट होते दिखे थे. उस समय भी फिल्मों में महिलाओं के कैरेक्टर्स और उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठे थे कि आखिर क्यों फीमेल को केवल शो पीस बना दिया गया है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें:‘बिस्तर गीला होता है…’, पत्नी ट्विंकल खन्ना को लेकर Tv पर अक्षय कुमार ने कही ये बात, सबके सामने खोली पोल

इन फिल्मों में महिलाएं बनीं शो पीस!

भारतीय फिल्मों में महिलाओं की भूमिका अब तो लिक माय शू से कपड़े उतार… तक पहुंच गई है. फिल्मों को समाज का आईना कहा जाता है लेकिन, आजकल के समय में फिल्मों की कहानी में महिलाओं की क्या भूमिका है? इसके बारे में बहुत कम ही बात किया जाता है. फीमेल कैरेक्टर को दिन प्रतिदिन इतना वीक किया जा रहा है, जिसमें केवल वो स्क्रीन पर शो पीस बनकर रह जाती हैं. फिल्मों में उनके साथ वॉयलेंस, आइटम नंबर्स, इंटीमेट सीन्स ही फिल्माए जाते हैं. मूवीज में मेकर्स उनकी मजबूत कड़ी को नहीं दिखाते हैं. कम ही फिल्में होंगी, जिसमें महिलाओं के कैरेक्टर को मजबूती के साथ दिखाया गया हो. इस लिस्ट में उन फिल्मों का जिक्र कर रहे हैं, जिसके जरिए सिर्फ मर्दानगी को परोसा गया. देखिए…

---विज्ञापन---

कबीर सिंह

शाहिद कपूर और कियारा आडवाणी की फिल्म ‘कबीर सिंह’ को 2019 में रिलीज किया गया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी लेकिन, इसमें फीमेल कैरेक्टर्स को मजबूती के साथ पेश नहीं किया गया था. फीमेल कैरेक्टर को इस तरीके से दिखाया गया था कि एक्टर उसके साथ मारपीट करता है और गंदे इशारे के साथ गालियां देता है. उस समय भी इस पर सवाल उठे थे.

यह भी पढ़ें: बॉलीवुड की वो एक्ट्रेस जिसने ‘चुड़ैल’ बन डराया, फिर हुईं कहीं लापता; 24 साल पहले दी थी ब्लॉकबस्टर

एनिमल

रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ को साल 2023 में रिलीज किया गया था. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था. फिल्म ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई तो की थी लेकिन रश्मिका मंदाना के कैरेक्टर को टिपिकल इंडियन वुमन के जैसे ही दिखाया गया था. जहां रणवीर सिंह पिता की लिगेसी को बचाने में लगे थे वहीं रश्मिका का कैरेक्टर केवल एक पुरुष कैरेक्टर को सेटिस्फाई करने का काम करता है. फिर चाहे वो शारीरिक रूप से हो या फिर घर और बच्चों की जिम्मेदारियां संभालना हो. फिल्म में रश्मिका केवल शो पीस के तौर पर ही रह गई थीं. ना तो खास डायलॉग था और ना ही कोई जबरदस्त सीन. इसमें रणबीर और तृप्ति डिमरी का एक सीन था, जिसमें वो एक्ट्रेस को कहते हैं, ‘लिक माय शू’. इसकी काफी आलोचना हुई थी.

केजीएफ

इस लिस्ट में यश की फिल्म ‘केजीएफ’ भी शामिल है, जिसका सीक्वल भी आ चुका है. इस फिल्म में जहां यश लोगों के लिए लड़ रहे होते हैं वहीं, एक्ट्रेस श्रीनिधि शेट्टी के कैरेक्टर को ना तो डायलॉग दिया था ना ही खास स्क्रीन स्पेस. वो केवल एक लेडी लव के तौर पर यश को संभालने का काम कर रही थीं. वहीं, इसके सीक्वल ‘केजीएफ 2’ में भी उनके कैरेक्टर को लगभग मौन ही रखा गया था.

यह भी पढ़ें: 98वें अकादमी पुरस्कारों का ऐलान आज, रेस में भारत की 5 फिल्में, जानिए कब और कहां देख सकते हैं शो

टॉक्सिक

अब यश अपनी अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म के टीजर की खूब आलोचना हुई क्योंकि एक्टर कार में विदेशी एक्ट्रेस के साथ इंटीमेट होते हैं. इसमें केवल अभी तक मर्दानगी दिखाई गई है. हालांकि, फिल्म की रिलीज अभी बाकी है और इसमें हुमा कुरैशी, नयनतारा, कियारा आडवाणी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया भी हैं. टीजर में तो कहानी का पता नहीं चला लेकिन, फिल्म का रिलीज होना बाकी है. ऐसे में अब देखना होगा कि इसमें एक्ट्रेसेस को शो पीस बनाकर पेश किया गया है या फिर कुछ कहानी भी है.

ओ रोमियो

इसके अलावा इस लिस्ट में शाहिद कपूर की एक और फिल्म ‘ओ रोमियो’ भी शामिल हो गई है, जो सच्ची घटना से प्रेरित तो है लेकिन इसमें उनका तृप्ति डिमरी के साथ एक डायलॉग है, जिसमें वो उन्हें कपड़े उतारने के लिए कहते हैं. इतना ही नहीं, इसका ट्रेलर गालियों से भरा है. इस पर आलोचक सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ये कैसी प्रेम कहानी है, जिसमें उसकी प्रेमिका की इज्जत ही नहीं है.

लिक माय शू से कपड़े उतार…

भारतीय सिनेमा की फिल्मों में आज महिलाओं का कैरेक्टर लिक माय शू से कपड़े उतार… तक पहुंच गया है. भारतीय सिनेमा के मेकर्स अब मर्दानगी को ऐसे स्वैग से दिखाते हैं जैसे ना जाने क्या दिखा रहे हों?

प्रियंका चोपड़ा ने तोड़ा ‘मर्दानगी’ का बैरियर

अंत में, आपने ऊपर फिल्मों में देखा कि कैसे फीमेल के कैरेक्टर्स को केवल हर चीज सहते हुए दिखाया गया है. उनके लिए ऐसी चीजें जो 2026 में उम्मीद नहीं की जाती है. इंडस्ट्री में कुछ ऐसी एक्ट्रेसेस हैं, जिन्होंने फिल्मों में मर्दानगी वाले बैरियर को तोड़ा है और खुद को स्थापित किया है. अपने कैरेक्टर को मजबूत बनाकर स्क्रीन पर पेश किया. इसमें एक नाम प्रियंका चोपड़ा का है, जिन्होंने ये साबित कर दिया कि वो टिपिकल वुमन नहीं, जो सह सकती हैं. वह अपने दम पर भी बिना मेल लीड एक्टर के फिल्म को हिट करा सकती हैं. उन्होंने हॉलीवुड का रुख किया, जिसमें उन्हें एक्शन से लेकर रोमांस तक हर कैरेक्टर में मजबूत महिला का किरदार निभाते हुए देखा गया है.

First published on: Jan 22, 2026 01:39 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.