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‘क्या आप समझ रही हैं?….’, आवारा कुत्तों के मामले में शर्मिला टैगोर को पड़ी सुप्रीम कोर्ट की फटकार

Supreme Court On Sharmila Tagore: सुप्रीम कोर्ट ने अवारा कुत्तों के मामले में शर्मिला टैगोर को फटकार लगाई है. शर्मिला के बताए हुए सुझावों को कोर्ट ने वास्तिवकता से कोसों दूर बताया है. इसके लिए उन्होंने कई तर्क दिए और जमीनी हकीकत से रूबरू करवाया.

Author Edited By : Archi Tiwari
Updated: Jan 9, 2026 18:25
Supreme Court slams Actress Sharmila Tagore
शर्मिला टैगोर सुप्रीम कोर्ट,

सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों में लगातार सुनवाई कर रहा है. इस पर 9 जनवरी, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई दौरान एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर को फटकार लगाई. कहा कि एक्ट्रेस को जमीनी हकीकत नहीं पता है. उन्हें वास्तविकता से परे बताया गया. आइए जानते हैं पूरी जानकारी.

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शर्मिला टैगोर की दलील

कुछ दिनों पहले शर्मिला टैगोर ने एग्रेसिव कुत्तों और नॉर्मल कुत्तों के बीच फर्क करने के लिए सुझाव दिया, जिस पर उन्होंने एक एक्सपर्ट कमेटी बनाने का सुझाव दिया. इस सुझाव में उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की यह एक्सपर्ट टीम इन कुत्तों के बीच फर्क बताकर सही उपाय निकाल सकती हैं. इसके लिए उन्होंने AIIMS के एक कुत्ते का उदाहरण दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

आवारा कुत्तों पर सुनावई के वक्त सुप्रीम कोर्ट ने शर्मिला टैगोर को फटकार लगाई. उन्होंने उनके बताए कदमों और उदाहरणों को बेबुनियाद बताया. सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS के उदाहरण का ही हवाला देते हुए पूछा, क्या उसे अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में भी ले जाया जा रहा था?’ उन्होंने आगे बोला कि ‘सड़क पर घूमने वाले हर कुत्ते में कीड़े-मकोड़े होना स्वाभाविक है और अस्पताल में कीड़े-मकोड़ों से संक्रमित कुत्ते के साथ स्थिति भयावह हो सकती है. क्या आप समझ रही हैं, जिस तर्क की वास्तविकता से हम आपको अवगत करा रहे हैं.’

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सुनवाई में क्या हुआ तय?

बता दें, सड़के से सभी कुत्तों को हटाने का आदेश अभी तक नहीं दिया गया है. सिर्फ एनिमल बर्थ कंट्रोल के नियमों के साथ व्यवहार किया जाए. वहीं शर्मिला टैगोर का तर्क है कि कुत्तों से निपटने के लिए साइक्लॉजी और मेडिकल साइंस का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन सभी कुत्तों को सड़क से हटाने के लिए शर्मिला बिल्कुल खिलाफ हैं और लगातार लड़ रही हैं.

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First published on: Jan 09, 2026 06:25 PM

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