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RISE AND FALL: ‘छत पर सोते थे और एसी कोच में झांकते थे…’, पवन सिंह ने संघर्ष के दिनों को किया याद
भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने 'राइज एंड फॉल' शो में अपने संघर्ष के दिनों को याद कर दर्शकों के दिल छू लिए। उन्होंने कहा कि एक समय था जब 'लग्जरी लाइफ-स्टाइल' उनके लिए सिर्फ एक सपना था
इन दिनों भोजपुरी इंडस्ट्री के स्टार पवन सिंह एक टीवी रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आ रहे हैं। उन्होंने हालिया एपिसोड में अपनी संघर्ष भरी जिंदगी का किस्सा साझा किया। उन्होंने भावुक होकर बताया कि कैसे कभी फ्लाइट में सफर करना तो दूर, ट्रेन के एसी कोच के अंदर झांकना भी उनके लिए सपना था। आज उन्हीं संघर्षों ने उन्हें वो मुकाम दिलाया है, जहां लाखों लोग उनकी कला के मुरीद हैं।
वो दिन जब हर चीज थी मुश्किल
पवन सिंह ने बताया कि बचपन में फ्लाइट से सफर करना और ट्रेन के एसी कोच में बैठना उनके लिए किसी सपने से काम नहीं था। उन्होंने याद किया कि कैसे वो छत पर सोते थे और रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के ठहरने पर एसी कोच के अंदर झांकते थे ये जानने के लिए कि अंदर का माहौल कैसा होगा।
भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह ने कहा, ‘समय-समय की बात है, वो भी एक समय था जब मैं अपने परिवार के साथ छत पर सोता था. जब भी हमारे सर के ऊपर से आसमान में कोई जहाज निकलता हुआ दिखाई देता था तो मैं अपने भाइयों से बात करता था की, इतना छोटा सा जहाज है ना जाने लोग इसमें कैसे बैठते होंगे?’
बिहार के आरा जिला से आने वाले पवन सिंह ने गायकी से शुरुआत की, और 2008 में ‘लॉलीपॉप लागेलू’ हिट होने के साथ उनकी पहचान भोजपुरी सिनेमा में दर्ज हो गई। आपको बता दें की संगीत और अभिनय दोनों में काम करते-करते ही उन्होंने वो मुकाम पाया है जहां वो आज हैं। आज उनके नाम भोजपुरी के सुपरहिट गाने जैसे, 'सॉरी सॉरी कह तारु', 'राजाजी के दिलवा टूट जाई', 'हरी ओढ़नी' और छठ महपर्व के कई लोकप्रिय गीत दर्ज हैं। जहां उनकं योगदान भोजपुरी एंटरटेनमेंट में बहुत अहमियत रखता है वहीं, वो भक्ति गीतों के लिए भी बहुत पसंद किये जाते हैं।
इन दिनों भोजपुरी इंडस्ट्री के स्टार पवन सिंह एक टीवी रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आ रहे हैं। उन्होंने हालिया एपिसोड में अपनी संघर्ष भरी जिंदगी का किस्सा साझा किया। उन्होंने भावुक होकर बताया कि कैसे कभी फ्लाइट में सफर करना तो दूर, ट्रेन के एसी कोच के अंदर झांकना भी उनके लिए सपना था। आज उन्हीं संघर्षों ने उन्हें वो मुकाम दिलाया है, जहां लाखों लोग उनकी कला के मुरीद हैं।
वो दिन जब हर चीज थी मुश्किल
पवन सिंह ने बताया कि बचपन में फ्लाइट से सफर करना और ट्रेन के एसी कोच में बैठना उनके लिए किसी सपने से काम नहीं था। उन्होंने याद किया कि कैसे वो छत पर सोते थे और रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के ठहरने पर एसी कोच के अंदर झांकते थे ये जानने के लिए कि अंदर का माहौल कैसा होगा।
भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह ने कहा, ‘समय-समय की बात है, वो भी एक समय था जब मैं अपने परिवार के साथ छत पर सोता था. जब भी हमारे सर के ऊपर से आसमान में कोई जहाज निकलता हुआ दिखाई देता था तो मैं अपने भाइयों से बात करता था की, इतना छोटा सा जहाज है ना जाने लोग इसमें कैसे बैठते होंगे?’
बिहार के आरा जिला से आने वाले पवन सिंह ने गायकी से शुरुआत की, और 2008 में ‘लॉलीपॉप लागेलू’ हिट होने के साथ उनकी पहचान भोजपुरी सिनेमा में दर्ज हो गई। आपको बता दें की संगीत और अभिनय दोनों में काम करते-करते ही उन्होंने वो मुकाम पाया है जहां वो आज हैं। आज उनके नाम भोजपुरी के सुपरहिट गाने जैसे, ‘सॉरी सॉरी कह तारु’, ‘राजाजी के दिलवा टूट जाई’, ‘हरी ओढ़नी’ और छठ महपर्व के कई लोकप्रिय गीत दर्ज हैं। जहां उनकं योगदान भोजपुरी एंटरटेनमेंट में बहुत अहमियत रखता है वहीं, वो भक्ति गीतों के लिए भी बहुत पसंद किये जाते हैं।