बीजेपी सांसद कंगना की ‘इमरजेंसी’ पर सरकार ने ही लगाया ब्रेक! केंद्र ने फंसा दिया पेंच?
Kangana Ranaut Film Emergency Controversy: कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' को लेकर अब सरकारी सूत्रों की तरफ से बड़ी टिप्पणी की गई है। फिल्म की रिलीज डेट पोस्टपोन होने के बाद अब कंगना को सरकार से भी झटका लगता हुआ नजर आ रहा है।
Edited By : Himanshu Soni|Updated: Sep 2, 2024 20:11
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Kangana Ranaut Film Emergency Controversy
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Kangana Ranaut Film Emergency Controversy: कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' इन दिनों विवादों में चल रही है। इस फिल्म में एक्ट्रेस पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रही हैं, जिस पर अब कई सवाल उठने लगे हैं। फिल्म की रिलीज डेट पहले से ही पोस्टपोन कर दी गई है, अब ऐसा लग रहा है कि कंगना की फिल्म को लेकर सरकार को भी डर सताने लगा है। पहले ये फिल्म 6 सितंबर को रिलीज होने वाली थी लेकिन अब इसकी रिलीज को लेकर कोई अपडेट नहीं आया है।
फिल्म को लेकर सरकार ने जताई चिंता-सूत्र
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कुछ धार्मिक संगठनों ने फिल्म के खिलाफ आपत्ति जताई है और कहा है कि फिल्म में ऐसा कंटेंट है जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। इस वजह से फिल्म को अभी तक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से सर्टिफिकेट नहीं मिला है। वहीं एनडीटीवी में छपी खबर के मुताबिक सूत्रों ने कहा है कि सरकार इन चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और फिलहाल फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी गई है।
सिख समुदाय ने की रोक की मांग
सिख समुदाय के कई संगठनों ने 'इमरजेंसी' के रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म सिख समुदाय की छवि को गलत तरीके से पेश कर रही है। प्रमुख सिख संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें फिल्म से आपत्तिजनक सीन हटाने की मांग की गई है। उनका कहना है कि इन सीन्स से सिख भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।
कंगना रनौत ने जाहिर की निराशा
भाजपा की सांसद कंगना रनौत ने इस पूरे मामले को लेकर निराशा जाहिर की है। उन्होंने फिल्म और नेटफ्लिक्स की सीरीज 'IC814: द कंधार हाईजैक' के बीच तुलना करते हुए कहा है कि सेंसरशिप सिर्फ उन फिल्मों पर लागू होती है जो "ऐतिहासिक तथ्यों" पर आधारित हैं।
कंगना ने ये भी आरोप लगाया कि OTT प्लेटफॉर्म पर हिंसा और अश्लीलता को बिना किसी सेंसरशिप के दिखाया जा सकता है, जबकि ऐतिहासिक घटनाओं को राजनीतिक मंशा के मुताबिक प्रस्तुत करने पर सेंसरशिप लगाई जाती है। उन्होंने कहा, "कम्युनिस्टों और लेफ्टिस्टों को पूरी आजादी है कि वो अपनी मर्जी से फिल्में बनाएं, जबकि हम पर सेंसरशिप लगाई जाती है।"
आपको बता दें फिलहाल अनुभव सिन्हा की फिल्म 'IC814' पर भी विवाद चल रहा है, जिसमें हाइजैकर्स के नाम को लेकर मतभेद हैं। इस मामले में सरकार ने नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट प्रमुख मोनिका शेरगिल को तलब किया है और कहा है कि ये मुद्दा गंभीर है।
कंगना ने 'IC814' को लेकर किया ट्वीट
कंगना रनौत ने भाजपा नेता अमित मालवीय के 'IC814' पर किए गए पोस्ट का जवाब देते हुए X पर लिखा, "किसी भी OTT प्लेटफॉर्म पर भारत की अखंडता और एकता पर आधारित फिल्में बनाना मुश्किल हो गया है। ऐसा लगता है कि सेंसरशिप केवल उन लोगों के लिए है जो देश के विभाजन के खिलाफ हैं और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित फिल्में बनाते हैं। ये निराशाजनक और अन्यायपूर्ण है।"
यह भी पढ़ें: दीपिका पादुकोण के मैटरनिटी फोटोशूट ने लूटा दिल, नकली बेबी बंप की अफवाहों पर लगाया ब्रेक
Kangana Ranaut Film Emergency Controversy: कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ इन दिनों विवादों में चल रही है। इस फिल्म में एक्ट्रेस पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रही हैं, जिस पर अब कई सवाल उठने लगे हैं। फिल्म की रिलीज डेट पहले से ही पोस्टपोन कर दी गई है, अब ऐसा लग रहा है कि कंगना की फिल्म को लेकर सरकार को भी डर सताने लगा है। पहले ये फिल्म 6 सितंबर को रिलीज होने वाली थी लेकिन अब इसकी रिलीज को लेकर कोई अपडेट नहीं आया है।
फिल्म को लेकर सरकार ने जताई चिंता-सूत्र
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कुछ धार्मिक संगठनों ने फिल्म के खिलाफ आपत्ति जताई है और कहा है कि फिल्म में ऐसा कंटेंट है जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। इस वजह से फिल्म को अभी तक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से सर्टिफिकेट नहीं मिला है। वहीं एनडीटीवी में छपी खबर के मुताबिक सूत्रों ने कहा है कि सरकार इन चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और फिलहाल फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी गई है।
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सिख समुदाय ने की रोक की मांग
सिख समुदाय के कई संगठनों ने ‘इमरजेंसी’ के रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म सिख समुदाय की छवि को गलत तरीके से पेश कर रही है। प्रमुख सिख संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें फिल्म से आपत्तिजनक सीन हटाने की मांग की गई है। उनका कहना है कि इन सीन्स से सिख भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।
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कंगना रनौत ने जाहिर की निराशा
भाजपा की सांसद कंगना रनौत ने इस पूरे मामले को लेकर निराशा जाहिर की है। उन्होंने फिल्म और नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘IC814: द कंधार हाईजैक’ के बीच तुलना करते हुए कहा है कि सेंसरशिप सिर्फ उन फिल्मों पर लागू होती है जो “ऐतिहासिक तथ्यों” पर आधारित हैं।
कंगना ने ये भी आरोप लगाया कि OTT प्लेटफॉर्म पर हिंसा और अश्लीलता को बिना किसी सेंसरशिप के दिखाया जा सकता है, जबकि ऐतिहासिक घटनाओं को राजनीतिक मंशा के मुताबिक प्रस्तुत करने पर सेंसरशिप लगाई जाती है। उन्होंने कहा, “कम्युनिस्टों और लेफ्टिस्टों को पूरी आजादी है कि वो अपनी मर्जी से फिल्में बनाएं, जबकि हम पर सेंसरशिप लगाई जाती है।”
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आपको बता दें फिलहाल अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘IC814’ पर भी विवाद चल रहा है, जिसमें हाइजैकर्स के नाम को लेकर मतभेद हैं। इस मामले में सरकार ने नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट प्रमुख मोनिका शेरगिल को तलब किया है और कहा है कि ये मुद्दा गंभीर है।
कंगना ने ‘IC814’ को लेकर किया ट्वीट
कंगना रनौत ने भाजपा नेता अमित मालवीय के ‘IC814’ पर किए गए पोस्ट का जवाब देते हुए X पर लिखा, “किसी भी OTT प्लेटफॉर्म पर भारत की अखंडता और एकता पर आधारित फिल्में बनाना मुश्किल हो गया है। ऐसा लगता है कि सेंसरशिप केवल उन लोगों के लिए है जो देश के विभाजन के खिलाफ हैं और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित फिल्में बनाते हैं। ये निराशाजनक और अन्यायपूर्ण है।”