हिंदी न्यूज़/एंटरटेनमेंट/'गोली मार दूंगा…', जब विनोद खन्ना पर पिता ने तान दी थी बंदूक, 1 हफ्ते में साइन की थी 15 फिल्में
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‘गोली मार दूंगा…’, जब विनोद खन्ना पर पिता ने तान दी थी बंदूक, 1 हफ्ते में साइन की थी 15 फिल्में
Vinod Khanna Birthday: विनोद खन्ना गुजरे जमाने के ऐसे अभिनेता थे, जो अपने अभिनय के साथ ही लुक के लिए भी जाने जाते रहे हैं. आज वो भले ही दुनिया में नहीं हैं लेकिन, उन्हें यादगार रोल्स और फिल्मों के लिए याद किया जाता है.
Vinod Khanna Birthday: विनोद खन्ना की बर्थ एनिवर्सरी. (File photo)
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Happy Birthday Vinod Khanna: 1980-90s के दशक में बॉलीवुड में ऐसे कई अभिनेता रहे, जिन्होंने अपने अभिनय के जरिए स्क्रीन पर अलग छाप छोड़ी. इस लिस्ट में कई बेहतरीन सितारों के नाम शामिल हैं. इसी में से एक अभिनेता विनोद खन्ना भी थे. वह एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने के बारे में सोचते भी नहीं थे. लेकिन जब बाद में सोचा तो परिवार ने इस पर सहमति नहीं जताई. मगर किस्मत को मंजूर था इसलिए वह जाने-पहचाने एक्टर बन गए. हालांकि, आज वह हमारे बीच नहीं हैं लेकिन, उन्हें उनके यादगार रोल्स और फिल्मों के लिए आज भी याद किया जाता है. वो कोई और नहीं बल्कि विनोद खन्ना हैं, जिन्होंने 140 से ज्यादा फिल्मों में काम किया.
दरअसल, विनोद खन्ना की आज बर्थ एनिवर्सरी है. उनका जन्म 6 अक्टूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था. उनका निधन 27 अप्रैल, 2017 को कैंसर के चलते हो गया था. उनके बारे में बताया जाता है कि वह बचपन से ही बेहद शर्मिले थे. स्कूल के दिनों में एक बार जबरन ही टीचर ने नाटक करने के लिए स्टेज पर उतार दिया था. यही वो समय था जब अभिनय की ओर उनका रुझान हुआ. बोर्डिंग स्कूल के दौरान उन्होंने 'सोलहवां साल' और 'मुगल-ए-आजम' जैसी फिल्में देखी. इन मूवी ने उन पर ऐसी छाप छोड़ी की उनके मन में एक्टर बनने के ख्याल आने लगे. उनके साथ पढ़ने वाले लोग भी उन्हें उकसाते कि वह एक्टर की तरह दिखते हैं.
विनोद खन्ना को एक्टिंग में ब्रेक देने वाला कोई और नहीं बल्कि सुनील दत्त थे. जब एक्टर फिल्मों में एक्टिंग करने का मन बना रहे थे तो उस समय सुनील अपनी फिल्म 'मन का मीत' के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे थे. फिर इसी बीच उनकी मुलाकात विनोद से हुई तो उन्होंने उन्हें बतौर एक्टर मूवी में काम करने का ऑफर दे दिया. हालांकि, फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई लेकिन यहां से विनोद खन्ना का करियर जरूर चल पड़ा. इतना ही नहीं, बताया जाता है कि अपनी पहली फिल्म के बाद एक्टर ने एक हफ्ते में 15 फिल्में साइन की थी.
Vinod Khanna Birth Anniversary
पिता ने तान दी थी बंदूक
फिल्मों में एक्टिंग करने से पहले विनोद खन्ना के साथ एक वाकया हुआ था. बताया जाता है कि जब उन्हें सुनील दत्त की फिल्म 'मन का मीत' ऑफर हुई तो उन्होंने इसके बारे में पिता को बताया. वह इस पर गुस्सा हो गए. यहां तक कि उनके पिता ने उन पर पिस्तौल तान दी थी और कहा था कि अगर वो फिल्मों में गए तो वो उन्हें (विनोद) गोली मार देंगे. लेकिन, एक्टर भी अभिनेता बनने के फैसले पर अड़े रहे. बाद में मां को बीच-बचाव में आना पड़ा था. उनके समझाने-बुझाने के बाद पिता ने विनोद को दो साल तक फिल्मों में करने की इजाजत दे दी थी और शर्त रखी कि अगर इंडस्ट्री में सफलता नहीं मिली घर के बिजनेस में हाथ बंटाना होगा.
बहरहाल, अगर विनोद खन्ना की अंतिम घड़ी की फिल्मों के बारे में बात की जाए तो उन्होंने उस समय भी कई बेहतरीन मूवीज में काम किया. इसमें ‘वॉन्टेड’, ‘दबंग’ और ‘दबंग 2’ जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं, जिसमें उन्होंने सलमान खान के पिता की भूमिका निभाई थी. वह आखिरी बार साल 2015 में शाहरुख खान की फिल्म 'दिलवाले' के जरिए स्क्रीन पर दिखाई दिए थे. इसके दो साल के बाद 27 अप्रैल 2017 को उनका कैंसर के चलते निधन हो गया था. उनकी एक आखिरी इच्छा थी, जो अधूरी रह गई. वह पाकिस्तान में अपना पुस्तैनी घर देखना चाहते थे.
Happy Birthday Vinod Khanna: 1980-90s के दशक में बॉलीवुड में ऐसे कई अभिनेता रहे, जिन्होंने अपने अभिनय के जरिए स्क्रीन पर अलग छाप छोड़ी. इस लिस्ट में कई बेहतरीन सितारों के नाम शामिल हैं. इसी में से एक अभिनेता विनोद खन्ना भी थे. वह एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने के बारे में सोचते भी नहीं थे. लेकिन जब बाद में सोचा तो परिवार ने इस पर सहमति नहीं जताई. मगर किस्मत को मंजूर था इसलिए वह जाने-पहचाने एक्टर बन गए. हालांकि, आज वह हमारे बीच नहीं हैं लेकिन, उन्हें उनके यादगार रोल्स और फिल्मों के लिए आज भी याद किया जाता है. वो कोई और नहीं बल्कि विनोद खन्ना हैं, जिन्होंने 140 से ज्यादा फिल्मों में काम किया.
दरअसल, विनोद खन्ना की आज बर्थ एनिवर्सरी है. उनका जन्म 6 अक्टूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था. उनका निधन 27 अप्रैल, 2017 को कैंसर के चलते हो गया था. उनके बारे में बताया जाता है कि वह बचपन से ही बेहद शर्मिले थे. स्कूल के दिनों में एक बार जबरन ही टीचर ने नाटक करने के लिए स्टेज पर उतार दिया था. यही वो समय था जब अभिनय की ओर उनका रुझान हुआ. बोर्डिंग स्कूल के दौरान उन्होंने ‘सोलहवां साल’ और ‘मुगल-ए-आजम’ जैसी फिल्में देखी. इन मूवी ने उन पर ऐसी छाप छोड़ी की उनके मन में एक्टर बनने के ख्याल आने लगे. उनके साथ पढ़ने वाले लोग भी उन्हें उकसाते कि वह एक्टर की तरह दिखते हैं.
विनोद खन्ना को एक्टिंग में ब्रेक देने वाला कोई और नहीं बल्कि सुनील दत्त थे. जब एक्टर फिल्मों में एक्टिंग करने का मन बना रहे थे तो उस समय सुनील अपनी फिल्म ‘मन का मीत’ के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे थे. फिर इसी बीच उनकी मुलाकात विनोद से हुई तो उन्होंने उन्हें बतौर एक्टर मूवी में काम करने का ऑफर दे दिया. हालांकि, फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई लेकिन यहां से विनोद खन्ना का करियर जरूर चल पड़ा. इतना ही नहीं, बताया जाता है कि अपनी पहली फिल्म के बाद एक्टर ने एक हफ्ते में 15 फिल्में साइन की थी.
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Vinod Khanna Birth Anniversary
पिता ने तान दी थी बंदूक
फिल्मों में एक्टिंग करने से पहले विनोद खन्ना के साथ एक वाकया हुआ था. बताया जाता है कि जब उन्हें सुनील दत्त की फिल्म ‘मन का मीत’ ऑफर हुई तो उन्होंने इसके बारे में पिता को बताया. वह इस पर गुस्सा हो गए. यहां तक कि उनके पिता ने उन पर पिस्तौल तान दी थी और कहा था कि अगर वो फिल्मों में गए तो वो उन्हें (विनोद) गोली मार देंगे. लेकिन, एक्टर भी अभिनेता बनने के फैसले पर अड़े रहे. बाद में मां को बीच-बचाव में आना पड़ा था. उनके समझाने-बुझाने के बाद पिता ने विनोद को दो साल तक फिल्मों में करने की इजाजत दे दी थी और शर्त रखी कि अगर इंडस्ट्री में सफलता नहीं मिली घर के बिजनेस में हाथ बंटाना होगा.
बहरहाल, अगर विनोद खन्ना की अंतिम घड़ी की फिल्मों के बारे में बात की जाए तो उन्होंने उस समय भी कई बेहतरीन मूवीज में काम किया. इसमें ‘वॉन्टेड’, ‘दबंग’ और ‘दबंग 2’ जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं, जिसमें उन्होंने सलमान खान के पिता की भूमिका निभाई थी. वह आखिरी बार साल 2015 में शाहरुख खान की फिल्म ‘दिलवाले’ के जरिए स्क्रीन पर दिखाई दिए थे. इसके दो साल के बाद 27 अप्रैल 2017 को उनका कैंसर के चलते निधन हो गया था. उनकी एक आखिरी इच्छा थी, जो अधूरी रह गई. वह पाकिस्तान में अपना पुस्तैनी घर देखना चाहते थे.