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Chhoriyan Chali Gaon: रो पड़ीं डॉली जावेद, कृष्णा ने दादी को रुलाया, अंजुम से लिया बदला
Chhoriyan Chali Gaon fourth Episode Highlights: जीटीवी के रियलिटी शो Chhoriyan Chali Gaon के चौथे एपिसोड में 11 छोरियों को नई चुनौती से गुजरना पड़ा। वो चुनौती थी मुर्गी पकड़ने की। इससे पहले बिमुलिया के 5 अलग-अलग घरों में रह रही 11 छोरियों की दूसरी रात कैसे बीती? तीसरे दिन सुबह रणविजय ने जब सबको साथ बुलाया तो सबने अपना-अपना अनुभव शेयर किया।
Chhoriyan Chali Gaon Fourth Episode Highlights: रियलिटी शो 'छोरियां चली गांव' के चौथे एपिसोड में दिखाया गया कि अंजुम और रमीत के बीच समझौता हुआ। अगली सुबह जहां अनीता और डोली को अपने हाथों से गोबर उठाना पड़ा। वहीं, कृष्णा पेट साफ न होने की वजह से रो पड़ीं। हालांकि बाद में कुछ राहत मिली। अंजुम को चूल्हे में फूंक मारकर पोहा बनाना सीखा।
वहीं, रेहा और ऐश्वर्या ने भी अपने-अपने घरों में यही तकतीफें झेलीं। चाय पीने के लिए इतनी जद्दोजहद करते हुए सभी एक्ट्रेस को अपने घर की याद सताई। डॉली जावेद ने जब चूल्हे पर रोटी बताई तो बोली-मेरी मां बहुत खुश होगी। उसके बाद दादी का प्यार देख वो रो पड़ीं। यह अनुभव डॉली ने रणविजय के पूछने पर बताया। वहीं, कृष्णा ने भी बताया कि वो जिन दादी के घर में हैं, वो भी कृष्णा की हालत देख रो पड़ीं।
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रणविजय ने छोरियों को दिया दूसरा टास्क
रणविजय ने 11 छोरियों को तीसरे दिन दूसरा टास्क दिया। सभी से कहा गया कि गांव के अलग-अलग घरों में जाकर मुर्गी पकड़ना सीखना होगा। इस पर 11 छोरियां गांव के अलग अलग घरों में जाती हैं और जहां भी मुर्गी दिखती है तो वहां रिक्वेस्ट करती हैं कि उन्हें मुर्गी पकड़ना सिखा दें। इस ट्रेनिंग के दौरान भी कंटेस्टेंट को अलग-अलग अनुभव होते हैं।
मुर्गी को पीछे से पकड़ना चाहिए कि साइड से। अचानक हमला कर पकड़ना चाहिए या धीरे-धीरे से पीछे जाकर। वहीं, अंजुम को पता चला कि देसी मुर्गियों को पकड़ना मुश्किल है, इसपर अंजुम कहती हैं कि देसी छोरियों और देसी मुर्गिंयों, दोनों को पकड़ना मुश्किल है।
दिनभर मुर्गियों के पीछे भाग भागकर छोरियों की हालत खराब हो चुकी थी। शाम को गांव बिमुलिया के लोग एक जगह जमा थे तो शुरू हुआ कंपीटिशन। सभी 11 छोरियों ने मुर्गी पकड़ने का कौशल कंपीटिशन में आजमाया। एरिका इस कंपीटिशन को जीतने में कामयाब हो गई। रणविजय ने एरिका के सामने भी वही आफर रखी कि जिस भी छोरी को वह डेंजर जोन में भेजना चाहती हैं, उसके सिर पर गोबर से भरी बाल्टी उड़ेलनी है। एरिका इसके लिए अंजुम को चुनती हैं और गोबर से भरी बाल्टी अंजुम की पीठ पर उड़ेल देती हैं। सिर पर गोबर न डालने पर बाकी छोरियां एरिका की तारीफ करते हैं। साथ ही रमीत इस बात के लिए खुश होती हैं कि अंजुम के लिए अच्छा ही हुआ।
नॉमिनेट छोरियों को बचने का मौका
रणविजय कहते हैं कि रोजाना नॉमिनेट होने वाली छोरियों के पास भी रोजाना बचने का मौका होगा। जो भी छोरी टास्क जीतेगी, वो नॉमिनेशन से सेफ हो गई। सप्ताह के आखिर में बची नॉमिनेट छोरियां डेंजर जोन में होंगी और उनके बीच में ही एलिमिनेशन होगा। आने वाले एपिसोड्स में और भी ड्रामा, टास्क और चुनौतियां देखने को मिलेंगी।
गौरतलब है कि अनीता हसनंदानी और डॉली जावेद एक घर में, अंजुम फकीह और रमीत संधू दूसरे घर में, चिंकी रेहा सुखेजा तीसरे घर में, ऐश्वर्या खरे-एरिका चौथे घर में और कृष्णा श्रॉफ, मिंकी और सुमुखी सुरेश एकसाथ हैं।
Chhoriyan Chali Gaon Fourth Episode Highlights: रियलिटी शो ‘छोरियां चली गांव’ के चौथे एपिसोड में दिखाया गया कि अंजुम और रमीत के बीच समझौता हुआ। अगली सुबह जहां अनीता और डोली को अपने हाथों से गोबर उठाना पड़ा। वहीं, कृष्णा पेट साफ न होने की वजह से रो पड़ीं। हालांकि बाद में कुछ राहत मिली। अंजुम को चूल्हे में फूंक मारकर पोहा बनाना सीखा।
वहीं, रेहा और ऐश्वर्या ने भी अपने-अपने घरों में यही तकतीफें झेलीं। चाय पीने के लिए इतनी जद्दोजहद करते हुए सभी एक्ट्रेस को अपने घर की याद सताई। डॉली जावेद ने जब चूल्हे पर रोटी बताई तो बोली-मेरी मां बहुत खुश होगी। उसके बाद दादी का प्यार देख वो रो पड़ीं। यह अनुभव डॉली ने रणविजय के पूछने पर बताया। वहीं, कृष्णा ने भी बताया कि वो जिन दादी के घर में हैं, वो भी कृष्णा की हालत देख रो पड़ीं।
रणविजय ने 11 छोरियों को तीसरे दिन दूसरा टास्क दिया। सभी से कहा गया कि गांव के अलग-अलग घरों में जाकर मुर्गी पकड़ना सीखना होगा। इस पर 11 छोरियां गांव के अलग अलग घरों में जाती हैं और जहां भी मुर्गी दिखती है तो वहां रिक्वेस्ट करती हैं कि उन्हें मुर्गी पकड़ना सिखा दें। इस ट्रेनिंग के दौरान भी कंटेस्टेंट को अलग-अलग अनुभव होते हैं।
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मुर्गी को पीछे से पकड़ना चाहिए कि साइड से। अचानक हमला कर पकड़ना चाहिए या धीरे-धीरे से पीछे जाकर। वहीं, अंजुम को पता चला कि देसी मुर्गियों को पकड़ना मुश्किल है, इसपर अंजुम कहती हैं कि देसी छोरियों और देसी मुर्गिंयों, दोनों को पकड़ना मुश्किल है।
दिनभर मुर्गियों के पीछे भाग भागकर छोरियों की हालत खराब हो चुकी थी। शाम को गांव बिमुलिया के लोग एक जगह जमा थे तो शुरू हुआ कंपीटिशन। सभी 11 छोरियों ने मुर्गी पकड़ने का कौशल कंपीटिशन में आजमाया। एरिका इस कंपीटिशन को जीतने में कामयाब हो गई। रणविजय ने एरिका के सामने भी वही आफर रखी कि जिस भी छोरी को वह डेंजर जोन में भेजना चाहती हैं, उसके सिर पर गोबर से भरी बाल्टी उड़ेलनी है। एरिका इसके लिए अंजुम को चुनती हैं और गोबर से भरी बाल्टी अंजुम की पीठ पर उड़ेल देती हैं। सिर पर गोबर न डालने पर बाकी छोरियां एरिका की तारीफ करते हैं। साथ ही रमीत इस बात के लिए खुश होती हैं कि अंजुम के लिए अच्छा ही हुआ।
नॉमिनेट छोरियों को बचने का मौका
रणविजय कहते हैं कि रोजाना नॉमिनेट होने वाली छोरियों के पास भी रोजाना बचने का मौका होगा। जो भी छोरी टास्क जीतेगी, वो नॉमिनेशन से सेफ हो गई। सप्ताह के आखिर में बची नॉमिनेट छोरियां डेंजर जोन में होंगी और उनके बीच में ही एलिमिनेशन होगा। आने वाले एपिसोड्स में और भी ड्रामा, टास्क और चुनौतियां देखने को मिलेंगी।
गौरतलब है कि अनीता हसनंदानी और डॉली जावेद एक घर में, अंजुम फकीह और रमीत संधू दूसरे घर में, चिंकी रेहा सुखेजा तीसरे घर में, ऐश्वर्या खरे-एरिका चौथे घर में और कृष्णा श्रॉफ, मिंकी और सुमुखी सुरेश एकसाथ हैं।