Blackout Movie Review: (BY- Ashwani Kumar) ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो सिनेमा पर आज एक फिल्म रिलीज हुई है 'ब्लैकआउट' (Blackout)। इस फिल्म में दर्शकों को थ्रिल और कॉमेडी का मजा एक साथ मिलने वाला है। फिल्म में कई सारे कलाकार हैं। ऐसे में सबको स्क्रीन स्पेस देते-देते ऐसा लग रहा जैसे सभी फिल्म में गेस्ट अपीयरेंस दे रहे हैं। फिल्म में
मौनी रॉय (Mouni Roy) से लेकर
विक्रांत मेस्सी (Vikrant Massey) और सुनील ग्रोवर (Sunil Grover) जैसे सितारे मौजूद हैं।
क्या है 'ब्लैकआउट' की कहानी?
कहानी की बात करें तो फिल्म में एक क्राइम रिपोर्टर है जिसका नाम लेनी डिसूजा है। ये शख्स चेहरे बदलकर स्टिंग ऑपरेशन करता है और करप्शन के खिलाफ लड़ता है। लेनी डिसूजा अपनी पत्नी से बेहद प्यार करता है। वहीं, कहानी का असली मोड़ तब आता है जब एक रात कुछ लुटेरे पुणे शहर की ज्वैलेरी शॉप को लूटने के चक्कर में पूरे शहर की बिजली उड़ा देते हैं। इसके बाद लेनी डिसूजा की लाइफ में एक साथ कई सारी चीजें होने लगती हैं। उसे दोस्त के साथ दुश्मन, गैंगस्टर्स के साथ पुलिस और गुडलक के साथ बैडलक एक साथ देखने को मिलते हैं।
ओवर ड्रामेटिक है फिल्म
इतना ही नहीं लेनी को एक्सीडेंट में लूटा हुआ खजाना मिलता है और साथ ही गैंगस्टर असगर भी। कहानी में दो इन्फ्लूएंसर चोर हैं जिनका नाम ठीक-ठाक है। एक खूबसूरत लड़की है श्रुति और ये सब बवाल मचाते हैं। डिटेक्टिव अरविंद है जो कि लेनी डिसूजा के पीछे हाथ धोकर पड़ा है। कहानी बड़ी तेजी से आगे बढ़ती है जिसकी वजह से 2 घंटे तक आपको मजा आने वाला है। सईद चचा की दुकान पर जो सिचुएशनल कॉमेडी हुई है वो बेहद अच्छी है। फिल्म शुरू में थोड़ी ओवर ड्रामेटिक है और किरदार भी नैचुरल और रियल नहीं लग रहे। फिल्म ज्यादा रीयलिस्टिक नहीं है तो ये आपको चौंकाती भी नहीं है।
https://youtu.be/tIajHtT6R6E?feature=shared
यह भी पढ़ें: थप्पड़ कांड के बाद Kangana Ranaut को Chirag Paswan ने लगाया गले, मुस्कुराते हुए एक्ट्रेस का वीडियो वायरल
कैसी है कलाकारों की एक्टिंग?
कैरेक्टर्स और सिचुएशन को कॉमिक बनाने के चक्कर में राइटर-डायरेक्टर ने इसे इतना ओवर-ड्रामेटिक बना दिया कि इससे दर्शक कनेक्ट नहीं कर पाते। फिल्म में बेवफाई देख न तो आपको दर्द होगा, न ही इमोशनल सीन्स पर फीलिंग्स पहुंचेंगी और थ्रिल-सस्पेंस पर भी रिएक्शन नहीं आएगा। फिल्म में कॉमिक टोन तो है लेकिन सिचुएशन नहीं है। ऐसे में फिल्म में ये ड्रामा फोर्स्ड लग सकता है। फिल्म का ट्रीटमेंट अच्छा है, कहानी फास्ट पेस पर चलती है तो आप उससे बंधे रहेंगे। थोड़ा सस्पेंस भी बना रहता है। हालांकि, विक्रांत मैसी को लेनी डिसूजा के किरदार में ड्रैमेटिक परफॉर्मेंस करते देखना आपको अटपटा लग सकता है। सुनील ग्रोवर शराबी अंडरवर्ल्ड डॉन के रोल में छा गए हैं। लेकिन डायरेक्टर जिशु सेन गुप्ता का कहानी में अच्छा इस्तेमाल नहीं कर पाए। वहीं, मौनी रॉय फिल्म में खूबसूरत दिख रही हैं और अपने छोटे से रोल में भी बेहतरीन लग रही हैं।
ब्लैकआउट को 3 स्टार।
Movie name:Blackout
Director:Devang Bhavsar
Movie Cast:Vikrant Massey, Sunil Grover, Mouni Roy
Blackout Movie Review: (BY- Ashwani Kumar) ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो सिनेमा पर आज एक फिल्म रिलीज हुई है ‘ब्लैकआउट’ (Blackout)। इस फिल्म में दर्शकों को थ्रिल और कॉमेडी का मजा एक साथ मिलने वाला है। फिल्म में कई सारे कलाकार हैं। ऐसे में सबको स्क्रीन स्पेस देते-देते ऐसा लग रहा जैसे सभी फिल्म में गेस्ट अपीयरेंस दे रहे हैं। फिल्म में मौनी रॉय (Mouni Roy) से लेकर विक्रांत मेस्सी (Vikrant Massey) और सुनील ग्रोवर (Sunil Grover) जैसे सितारे मौजूद हैं।
क्या है ‘ब्लैकआउट’ की कहानी?
कहानी की बात करें तो फिल्म में एक क्राइम रिपोर्टर है जिसका नाम लेनी डिसूजा है। ये शख्स चेहरे बदलकर स्टिंग ऑपरेशन करता है और करप्शन के खिलाफ लड़ता है। लेनी डिसूजा अपनी पत्नी से बेहद प्यार करता है। वहीं, कहानी का असली मोड़ तब आता है जब एक रात कुछ लुटेरे पुणे शहर की ज्वैलेरी शॉप को लूटने के चक्कर में पूरे शहर की बिजली उड़ा देते हैं। इसके बाद लेनी डिसूजा की लाइफ में एक साथ कई सारी चीजें होने लगती हैं। उसे दोस्त के साथ दुश्मन, गैंगस्टर्स के साथ पुलिस और गुडलक के साथ बैडलक एक साथ देखने को मिलते हैं।
ओवर ड्रामेटिक है फिल्म
इतना ही नहीं लेनी को एक्सीडेंट में लूटा हुआ खजाना मिलता है और साथ ही गैंगस्टर असगर भी। कहानी में दो इन्फ्लूएंसर चोर हैं जिनका नाम ठीक-ठाक है। एक खूबसूरत लड़की है श्रुति और ये सब बवाल मचाते हैं। डिटेक्टिव अरविंद है जो कि लेनी डिसूजा के पीछे हाथ धोकर पड़ा है। कहानी बड़ी तेजी से आगे बढ़ती है जिसकी वजह से 2 घंटे तक आपको मजा आने वाला है। सईद चचा की दुकान पर जो सिचुएशनल कॉमेडी हुई है वो बेहद अच्छी है। फिल्म शुरू में थोड़ी ओवर ड्रामेटिक है और किरदार भी नैचुरल और रियल नहीं लग रहे। फिल्म ज्यादा रीयलिस्टिक नहीं है तो ये आपको चौंकाती भी नहीं है।
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कैसी है कलाकारों की एक्टिंग?
कैरेक्टर्स और सिचुएशन को कॉमिक बनाने के चक्कर में राइटर-डायरेक्टर ने इसे इतना ओवर-ड्रामेटिक बना दिया कि इससे दर्शक कनेक्ट नहीं कर पाते। फिल्म में बेवफाई देख न तो आपको दर्द होगा, न ही इमोशनल सीन्स पर फीलिंग्स पहुंचेंगी और थ्रिल-सस्पेंस पर भी रिएक्शन नहीं आएगा। फिल्म में कॉमिक टोन तो है लेकिन सिचुएशन नहीं है। ऐसे में फिल्म में ये ड्रामा फोर्स्ड लग सकता है। फिल्म का ट्रीटमेंट अच्छा है, कहानी फास्ट पेस पर चलती है तो आप उससे बंधे रहेंगे। थोड़ा सस्पेंस भी बना रहता है। हालांकि, विक्रांत मैसी को लेनी डिसूजा के किरदार में ड्रैमेटिक परफॉर्मेंस करते देखना आपको अटपटा लग सकता है। सुनील ग्रोवर शराबी अंडरवर्ल्ड डॉन के रोल में छा गए हैं। लेकिन डायरेक्टर जिशु सेन गुप्ता का कहानी में अच्छा इस्तेमाल नहीं कर पाए। वहीं, मौनी रॉय फिल्म में खूबसूरत दिख रही हैं और अपने छोटे से रोल में भी बेहतरीन लग रही हैं।
ब्लैकआउट को 3 स्टार।