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Lok Sabha Election 2024 से पहले क्यों वायरल हुआ Vijay Sethupathi का ये वीडियो, कहा- धर्म की राजनीति…

Vijay Sethupathi: साउथ सुपरस्टार विजय सेतुपति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे आगामी आम चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। इस वीडियो में विजय सेतुपति वोटर्स से कुछ खास अपील करते दिखाई दे रहे हैं। फैंस भी विजय की काफी सराहना कर रहे हैं।

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Vijay Sethupathi: लोकसभा चुनावों को लेकर देश में काफी हलचल है। इसी बीच साउथ सुपरस्टार विजय सेतुपति (Vijay Sethupathi) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो मतदाताओं से कुछ खास अपील करते नजर आ रहे हैं।

धर्म के नाम पर वोट मांगने का किया विरोध

दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा विजय सेतुपति का यह वीडियो वैसे तो सालों पुराना है। मगर कई लोग इसे मौजूदा राजनीति से रिलेट कर रहे हैं, जिसके कारण साउथ सुपरस्टार का यह वीडियो फिर से ट्रेंड करने लगा है। इसमें वो वोटर्स से धर्म की राजनीति करने वालों को वोट ना देने की गुजारिश कर रहे हैं।

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सोचकर वोट करें

विजय सेतुपति ने कुछ सालों पहले एक इवेंट में हिस्सा लिया था। इस दौरान तमिल भाषा में उन्होंने वोटर्स से खास अपील की थी। उन्होंने कहा कि, प्रिय मतदाताओं, कृप्या अच्छी तरह से सोचने और देखने के बाद ही वोट करें। वोट डालना बहुत जरूरी है। जो लोग आपको फोन करके कहते हैं कि हमारे शहर, कॉलेज, स्कूल और दोस्तों में कोई समस्या है। तो आप उनका विश्वास कीजिए। आप ऐसे लोगों को वोट कर सकते हैं। लेकिन अगर कोई जाति और धर्म के आधार पर वोट मांगे तो कभी मत देना।

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बीजेपी पर साधा निशाना?

विजय सेतुपति का यह वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने दावा किया था कि, उनका निशाना भारतीय जनता पार्टी पर था। मगर विजय सेतुपति ने इन कयासों पर कोई रिएक्शन नहीं दिया। हालांकि कई फैंस का दावा था कि अमूमन सभी राजनीतिक पार्टियां जनता का वोट पाने के लिए धर्म का सहारा लेती हैं। ऐसे में विजय ने सिर्फ बीजेपी पर निशाना साधने की बजाए सभी पार्टियों को टारगेट किया था।

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हिन्दी पर दिया बयान

हाल ही में फिल्म मेरी क्रिसमस के प्रमोशन्स के दौरान जब विजय सेतुपति से पूछा गया कि तमिलनाडु के राजनेता अक्सर हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने पर आपत्ती दर्ज करवाते हैं। इस सवाल पर रिएक्ट करते हुए विजय का कहना था कि दक्षिण भारत में कोई हिन्दी के खिलाफ नहीं है। किसी ने हिन्दी पर पाबंदी लगाने या मुखालफत करने की बात नहीं कही है। हमारे यहां हिन्दी भाषा पढ़ाई जाती है। कई लोग हिन्दी सीखते हैं। तो हिन्दी के खिलाफ कोई नहीं है। बस राजनेताओं ने हिन्दी को जबरदस्ती लागू करने का विरोध किया है।

First published on: Mar 19, 2024 12:20 PM

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