Udhaya Krishna Reddy: 16 अप्रैल को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2023 के परिणाम घोषित किए थे, जिसमें 1016 लोगों ने बाजी मारी है। हर बार की तरह इस बार भी UPSC की टॉपर्स लिस्ट में कामयाबी की कुछ शानदार कहानियां मौजूद हैं। ऐसी ही एक कहानी है उदय कृष्ण रेड्डी की। आंध्र प्रदेश के मामूली कॉन्सटेबल से सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले उदय कृष्ण रेड्डी का जज्बा कमाल का है। इस साल 780वीं रैंक लाने वाले उदय यहीं नहीं रुकेंगे, उन्होंने दोबारा एग्जाम देने का मन बना लिया है।
दादी ने सब्जी बेचकर पढ़ाया
उदय कृष्ण रेड्डी ने बेहद छोटी उम्र में माता-पिता को खो दिया था, जिसके बाद उनकी दादी ने उन्हें पाल पोस कर बड़ा किया। घर का खर्च चलाने के लिए दादी ने सब्जी का ठेला लगाना शुरू किया। सब्जी बेचकर ही उन्होंने उदय को पढ़ाया-लिखाया और इस काबिल बनाया कि आज वो ऑफिसर बन चुके हैं।
आंध्र पुलिस में बने कॉन्सटेबल
उदय कृष्ण रेड्डी की सक्सेस स्टोरी साल 2013 में शुरू हुई थी। तब उदय 19 साल के थे और उनका सेलेक्शन आंध्र प्रदेश पुलिस में बतौर कॉन्सटेबल हो गया। हालांकि उदय ने नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए बड़ा अफसर बनने का सपना देखा था। उदय के इस सपने की भनक उनके सीनियर अफसर को लग गई। उदय के अनुसार सीनियर ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया और जानबूझकर मुश्किल टास्क देने लगे, जिससे उदय की पढ़ाई में बाधा उत्तपन्न हो सके।
60 लोगों के सामने किया अपमान
उदय ने इस किस्से का जिक्र करते हुए बताया कि एक दिन वो ऑफिस देर से पहुंचे और सीनियर को उनपर चिल्लाने का मौका मिल गया। उन्होंने उदय को अपमानित करते हुए कहा कि ऐसे लोग IAS और IPS बनने का ख्वाब देखते हैं। उदय के माफी मांगने के बावजूद सीनियर ने उदय को खूब लताड़ लगाई और एक घंटे की कड़ी सजा दी।
https://twitter.com/sudhakarudumula/status/1780451354856567114
उदय ने दिया इस्तीफा
सीनियर की हरकतों से तंग आकर उदय ने शाम को अपना इस्तीफा सौंप दिया। मगर सीनियर ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने से मना कर दिया और उन्हें रोज नौकरी पर आने की सख्त हिदायत दी। इस्तीफा नामंजूर होने पर उदय ने छुट्टी के लिए अप्लाई किया और UPSC की तैयारी में लग गए। हालांकि इस्तीफे के एक साल बाद 2019 में उदय को ड्यूटी के दौरान गैरमौजूद रहने के सिलसिले में नोटिस मिला।
2019 में पास किया प्रीलीम्स
उदय के अनुसार 2019 में उन्होंने UPSC की परीक्षा दी और उन्होंने प्रीलीम्स पास कर लिया। ऐसे में मेन्स का फॉर्म भरने के लिए उदय को नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की जरूरत थी और सीनियर उन्हें वो देने को राजी नहीं थे। इसलिए उदय ने यूनिट ऑफिसर सिद्धार्थ कौशल से मिलकर पूरी बात बताई और NOC लेकर मेन्स की परीक्षा भी दी।
https://twitter.com/PTI_News/status/1780777080961016308
2023 में मिली कामयाबी
5 साल बाद उदय ने UPSC की परीक्षा पास कर ली और उन्हें 780वीं रैंक मिली है। ऐसे में उदय IRS ऑफिसर बन सकते हैं। मगर 30 साल के हो चुके उदय ने IAS बनने का सपना देखा है। इसलिए उदय जब तक अच्छी रैंक के साथ IAS नहीं बन जाते, वो आगे भी UPSC की परीक्षा देते रहेंगे।
Udhaya Krishna Reddy: 16 अप्रैल को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2023 के परिणाम घोषित किए थे, जिसमें 1016 लोगों ने बाजी मारी है। हर बार की तरह इस बार भी UPSC की टॉपर्स लिस्ट में कामयाबी की कुछ शानदार कहानियां मौजूद हैं। ऐसी ही एक कहानी है उदय कृष्ण रेड्डी की। आंध्र प्रदेश के मामूली कॉन्सटेबल से सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले उदय कृष्ण रेड्डी का जज्बा कमाल का है। इस साल 780वीं रैंक लाने वाले उदय यहीं नहीं रुकेंगे, उन्होंने दोबारा एग्जाम देने का मन बना लिया है।
दादी ने सब्जी बेचकर पढ़ाया
उदय कृष्ण रेड्डी ने बेहद छोटी उम्र में माता-पिता को खो दिया था, जिसके बाद उनकी दादी ने उन्हें पाल पोस कर बड़ा किया। घर का खर्च चलाने के लिए दादी ने सब्जी का ठेला लगाना शुरू किया। सब्जी बेचकर ही उन्होंने उदय को पढ़ाया-लिखाया और इस काबिल बनाया कि आज वो ऑफिसर बन चुके हैं।

आंध्र पुलिस में बने कॉन्सटेबल
उदय कृष्ण रेड्डी की सक्सेस स्टोरी साल 2013 में शुरू हुई थी। तब उदय 19 साल के थे और उनका सेलेक्शन आंध्र प्रदेश पुलिस में बतौर कॉन्सटेबल हो गया। हालांकि उदय ने नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए बड़ा अफसर बनने का सपना देखा था। उदय के इस सपने की भनक उनके सीनियर अफसर को लग गई। उदय के अनुसार सीनियर ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया और जानबूझकर मुश्किल टास्क देने लगे, जिससे उदय की पढ़ाई में बाधा उत्तपन्न हो सके।
60 लोगों के सामने किया अपमान
उदय ने इस किस्से का जिक्र करते हुए बताया कि एक दिन वो ऑफिस देर से पहुंचे और सीनियर को उनपर चिल्लाने का मौका मिल गया। उन्होंने उदय को अपमानित करते हुए कहा कि ऐसे लोग IAS और IPS बनने का ख्वाब देखते हैं। उदय के माफी मांगने के बावजूद सीनियर ने उदय को खूब लताड़ लगाई और एक घंटे की कड़ी सजा दी।
उदय ने दिया इस्तीफा
सीनियर की हरकतों से तंग आकर उदय ने शाम को अपना इस्तीफा सौंप दिया। मगर सीनियर ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने से मना कर दिया और उन्हें रोज नौकरी पर आने की सख्त हिदायत दी। इस्तीफा नामंजूर होने पर उदय ने छुट्टी के लिए अप्लाई किया और UPSC की तैयारी में लग गए। हालांकि इस्तीफे के एक साल बाद 2019 में उदय को ड्यूटी के दौरान गैरमौजूद रहने के सिलसिले में नोटिस मिला।
2019 में पास किया प्रीलीम्स
उदय के अनुसार 2019 में उन्होंने UPSC की परीक्षा दी और उन्होंने प्रीलीम्स पास कर लिया। ऐसे में मेन्स का फॉर्म भरने के लिए उदय को नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की जरूरत थी और सीनियर उन्हें वो देने को राजी नहीं थे। इसलिए उदय ने यूनिट ऑफिसर सिद्धार्थ कौशल से मिलकर पूरी बात बताई और NOC लेकर मेन्स की परीक्षा भी दी।
2023 में मिली कामयाबी
5 साल बाद उदय ने UPSC की परीक्षा पास कर ली और उन्हें 780वीं रैंक मिली है। ऐसे में उदय IRS ऑफिसर बन सकते हैं। मगर 30 साल के हो चुके उदय ने IAS बनने का सपना देखा है। इसलिए उदय जब तक अच्छी रैंक के साथ IAS नहीं बन जाते, वो आगे भी UPSC की परीक्षा देते रहेंगे।