MBBS Seats 2026: NEET छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, इन 3 राज्यों में बढ़ीं 275 एमबीबीएस की सीटें, यहां जानें पूरी डिटेल्स
NMC Approved MBBS Seats News: देशभर में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीट हासिल करने की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है. NMC ने देश के 3 राज्यों में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटों को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद इन राज्यों में 275 सीटें बढ़ी हैं.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jul 15, 2026 12:38
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jul 15, 2026 12:38
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इन राज्यों में बढ़ी MBBS की सीटें. (Image: AI)
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खबर की मुख्य बातें:-
NMC ने आंध्र प्रदेश, गोवा और जम्मू-कश्मीर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटें बढ़ाने को मंजूरी दी है.
आंध्र प्रदेश में 2026-27 सत्र के लिए कुल 275 नई MBBS सीटें जुड़ी हैं, जबकि गोवा और जम्मू में भी 50-50 अतिरिक्त सीटों को मंजूरी मिली है.
बढ़ी हुई सीटों का लाभ NEET UG 2026 काउंसलिंग में शामिल होने वाले छात्रों को मिलेगा, जिससे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के अवसर बढ़ेंगे.
NEET UG के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है, जिसके सुनने के बाद मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हर छात्र के चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी. दरअसल, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देश के कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटों को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, जिसके बाद MBBS की सीटों में 275 इजाफा हुआ है. इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को होगा, जो 2026-27 शैक्षणिक सत्र में मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेना चाहते हैं. इन सीटों की संख्या बढ़ने से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के अवसर पहले की तुलना में काफी बेहतर होंगे और ज्यादा छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS में दाखिला मिलने की उम्मीद है. जिन राज्यों में सीटें बढ़ी हैं, उनमें आंध्र प्रदेश, गोवा और जम्मू-कश्मीर का नाम शामिल है. आइए जानते हैं किस राज्य में कितनी सीटें बढ़ी है.
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की इस बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा फायदा आंध्र प्रदेश को मिला है. राज्य स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने जानकारी दी कि NMC ने राज्य में दो सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए 175 अतिरिक्त MBBS सीटों को मंजूरी दी है. इसमें पिडुगुराल्ला सरकारी मेडिकल कॉलेज में 100 नई MBBS सीट और विजयवाड़ा के सिद्धार्थ सरकारी मेडिकल कॉलेज में 75सीटें शामिल हैं. बता दें कि इससे पहले कडप्पा सरकारी मेडिकल कॉलेज में 75 और नेल्लोर सरकारी मेडिकल कॉलेज में 25 सीटें बढ़ाई जा चुकी हैं. इस तरह सिर्फ 2026-27 सत्र के लिए राज्य में कुल 275 नई MBBS सीटें जुड़ गई हैं. आंकड़ों को देखें तो पिछले तीन सालों में अकेले आंध्र प्रदेश में कुल 455 अतिरिक्त MBBS सीटों की मंजूरी मिल चुकी है. यह आंकड़े राज्य में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं.
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गोवा में बढ़ी इतनी सीटें
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) को भी NMC से बड़ी सौगात मिली है. आयोग ने राज्य में 50 MBBS सीटों को मंजूरी दी है. इसके बाद कॉलेज की शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सालाना दाखिले की क्षमता 200 से बढ़कर 250 छात्र हो जाएगी. एक्स पर एक पोस्ट में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस फैसले का स्वागत किया और राज्य में मेडिकल एजुकेशन के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बताया. उन्होंने कहा, ‘नेशनल मेडिकल कमीशन ने गोवा मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटें बढ़ाने को मंजूरी दी है, जिससे 2026-27 एकेडमिक ईयर से कुल सीटों की संख्या 200 से बढ़कर 250 हो जाएगी. इस विस्तार से गोवा का मेडिकल एजुकेशन इकोसिस्टम और मजबूत होगा और राज्य के हेल्थकेयर ह्यूमन रिसोर्स में भी बढ़ोतरी होगी.’
जम्मू-कश्मीर में भी मेडिकल शिक्षा का हुआ विस्तार
जम्मू-कश्मीर में भी MBBS सीटों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी मिल गई है. NMC ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू में 50 अतिरिक्त सीटों को बढ़ाने की मंजूरी दी है. इस फैसले के बाद केंद्र शासित प्रदेश के कॉलेज की कुल MBBS सीटें 200 से बढ़कर 250 हो जाएंगी. इससे पहले गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर को भी 50 नई सीटों की मंजूरी मिल चुकी है. इन दोनों फैसलों के बाद केंद्र शासित प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का दायरा और मजबूत होगा और स्थानीय छात्रों को अपने प्रदेश में ही मेडिकल पढ़ाई का बेहतर अवसर मिलेगा.
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राज्य
मेडिकल कॉलेज
नई बढ़ी MBBS सीटें
आंध्र प्रदेश
पिडुगुराल्ला सरकारी मेडिकल कॉलेज
100 सीटें
आंध्र प्रदेश
सिद्धार्थ सरकारी मेडिकल कॉलेज, विजयवाड़ा
75 सीटें
गोवा
गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC)
50 सीटें
जम्मू-कश्मीर
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू
50 सीटें
छात्रों व राज्य के भविष्य के लिए बहुत बड़ा फायदा
MBBS सीटों में बढ़ोतरी के फैसला से सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित होगी. सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ने से ज्यादा डॉक्टर तैयार होंगे, जिससे भविष्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी. साथ ही सरकारी संस्थानों में पढ़ाई का अवसर मिलने से छात्रों पर निजी मेडिकल कॉलेजों की ऊंची फीस का बोझ भी कम हो सकता है, जिससे हर कोई डॉक्टर बनने के सपने को पूरा कर सकेगा. हकीकत ये है कि डॉक्टर बनने की तैयारी बहुत से स्टूडेंट्स करते हैं, लेकिन सरकारी कॉलेज हासिल न करने के कारण वह 2-3 ट्राई करने के बाद मेडिकल का सपना छोड़ देते हैं, क्योंकि उनका परिवार प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस का बोझ नहीं उठा सकते हैं. इसलिए आयोग द्वारा सीटें बढ़ाने का यह फैसला देश की तरक्की में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसका फायदा भविष्य में जरूर देखने को मिलेगा.
मुख्य निष्कर्ष:- MBBS सीटों में बढ़ोतरी का यह फैसला NEET छात्रों के लिए बड़ी राहत है. इससे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के अवसर बढ़ेंगे, मेडिकल शिक्षा को मजबूती मिलेगी और भविष्य में देश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहले से ज्यादा योग्य डॉक्टर तैयार करने में भी मदद मिलेगी.