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क्राइम

VIDEO गेम, चॉकलेट और किराये का रूम… UP का इंजीनियर कपल बनाता था बच्चों को निशाना, 10 साल में बेचे 2 लाख अश्लील वीडियो

UP News: उत्तर प्रदेश से सामने आए इस मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. एक इंजीनियर और उसकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों को बहला-फुसलाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें इंटरनेट पर बेचा. ट्रायल कोर्ट ने दोनों पति-पत्नी को फांसी की सजा सुनाई है.

Author Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 21, 2026 17:33
UP engineer Couple
Credit: AI

उत्तर प्रदेश से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. बांदा में एक इंजीनियर और उसकी पत्नी ने करीब 10 साल तक बच्चों का यौन शोषण किया और उनके अश्लील वीडियो बनाकर इंटरनेट पर बेचे. आरोप है कि राम भवन और उनकी पत्नी दुर्गावती ने किराए के कमरे को अपना अड्डा बनाया था. वो आसपास के इलाकों में रहने वाले गरीब और कमजोर परिवारों के बच्चों को वीडियो गेम, चॉकलेट, पैसे और मोबाइल फोन का लालच देते थे. बच्चे जब उनके कमरे में आते, तो उनके साथ गलत काम करते हुए वो इसका वीडियो रिकॉर्ड करते थे. दोनों को बच्चों से गंभीर सेक्सुअल अपराध, पोर्नोग्राफिक मकसद के लिए बच्चों का इस्तेमाल जैसे बेहद गंभीर मामलों में दोषी पाया गया है. उत्तर प्रदेश के बांदा में पोक्सो मामलों के स्पेशल जज की कोर्ट ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई है. ट्रायल कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि हर पीड़ित को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए.

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10 साल में बेचे 2 लाख वीडियो

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब 30 से ज्यादा मासूम बच्चों को अपना शिकार बनाया, करीब दो लाख से ज्यादा अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए विदेशों तक बेचा. इन वीडियोज की कीमत वसूली जाती थी, जिससे आरोपियों ने मोटी कमाई की. पुलिस को इस पूरे रैकेट की जानकारी तब मिली जब एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से सूचना मिली. इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की. मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंपी गई, जिसने डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया. जांच एजेंसियों ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो मिले. कई बच्चे इतने डरे हुए थे कि उन्होंने लंबे समय तक किसी को कुछ नहीं बताया.

बच्चों की मानसिक हालत पर बुरा असर

पीड़ित बच्चों की उम्र बहुत कम बताई गई है. कुछ बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और उनका इलाज अब भी चल रहा है. प्रशासन की ओर से बच्चों की काउंसलिंग और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई है. ये मामला उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है. विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों पर नजर रखने, अनजान लोगों से दूरी बनाने और बच्चों से खुलकर बात करने की जरूरत है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे भी कई खुलासे हो सकते हैं. जांच अभी जारी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.

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First published on: Feb 21, 2026 05:01 PM

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