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Union Budget 2023: मोदी सरकार (Modi Govt 2.0) की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने बजट 2023 (Union Budget 202) पेश किया। इस दौरान किसी की झोली में कुछ ज्यादा आया है तो किसी की झोली में पहले के कुछ कम या फिर पहले के बराबर ही पैसा आवंटित हुआ है। हर वर्ग इस बजट को अपने-अपने हिसाब से देख रहा है।

8 मदों से आता है, 9 मदों में खर्च होता है पैसा

ऐसे में हमें एक तथ्य जरूर जानना चाहिए कि केंद्र सरकार के पास किन-किन मदों (माध्यमों) से पैसा प्राप्त होता है और किन-किन मदों में पैसा खर्च होता है। केंद्र सरकार की ओर से पेश बजट 2023 की प्रति के मुताबिक कुल 8 श्रोतों से केंद्र को पैसा मिलता है। जबकि कुल 9 श्रोतों में पैसा खर्च होता है। ऐसे में आमदनी और देयता की प्राथमिकता तय करते हुए बजट तैयार किया जाता है।

कहां से आता है पैसा?

1. ऋण एवं अन्य देयताओं से 34 फीसदी हिस्सा आता है।
2. आयकर से 15 फीसदी केंद्र सरकार को प्राप्त होता है।
3. केंद्रीय उत्पादन शुल्कों से 7 फीसदी की प्राप्ति होती है।
4. निगम कर से 15 फीसदी केंद्र के खजाने में जाता है।
5. वस्तु एवं सेवा कर और अन्य करों से केंद्र सरकार को 17 फीसदी प्राप्त होता है।
6. सीमा शुल्क से 4 फीसदी मिलता है।
7. ऋण-रहित पूंजीगत प्राप्तियों से 2 फीसदी हिस्सा आता है।
8. कर रहित प्राप्तियों से केंद्र को 6 फीसदी की कमाई होती है।

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कुल 100 फीसदी

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कहां जाता है पैसा?

1. व्याज भुगतान में 20 फीसदी जाता है।
2. पेंशन के लिए केंद्र सरकार को 4 फीसदी देना होता है।
3. अन्य व्यय में 8 फीसदी हिस्सी जाता है।
4. करों और शुल्कों में राज्यों को 18 फीसदी दिया जाता है।
5. वित्त आयोग और अन्य अंतरण में 9 फीसदी का खर्च होता है।
6. केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं में कुल हिस्से का 17 फीसदी जाता है।
7. रक्षा क्षेत्र में 8 फीसदी हिस्सा खर्च किया जाता है।
8. सब्सिडी में 7 फीसदी की देयता होती है।
9. केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में 9 फीसदी केंद्र सरकार की ओर से दिया जाता है।

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कुल 100 फीसदी

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(नोटः- यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से जारी की गई बजट 2023 की प्रति के अनुसार है।)

First published on: Feb 01, 2023 04:35 PM

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Naresh Chaudhary

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