News24 हिंदी
न्यूज 24 डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।
Read More---विज्ञापन---
Stock Market Knowledge: शेयर बाजार में लिस्टेड कुछ कंपनियां अपने शेयरों को विभाजित यानी स्प्लिट करने जा रही हैं। इन कंपनियों ने एक्सचेंज फाइलिंग में स्टॉक स्प्लिट की सूचना दी है। इसमें डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders) भी शामिल है। कंपनी के शेयर आज दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए हैं।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स अपने शेयरों को दो भागों में बांटेगी, जिसके बाद कंपनी के शेयरों की फेस वैल्यू घटकर 5 रुपए हो जाएगी। इस स्टॉक स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट 27 दिसंबर है। फिलहाल कंपनी के एक शेयर की कीमत 4,854 रुपए चल रही है। इस शेयर ने इस साल अब तक अपने निवेशकों को 111.99% का शानदार रिटर्न दिया है और एक साल में यह आंकड़ा 133.84% पहुंच चुका है। ऐसे में इस स्टॉक में पैसा लगाने वालों की कमाई का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें – Sovereign Gold Bond की नई किश्त का है इंतजार? सामने आया ये बड़ा अपडेट
इसी तरह, कामधेनु लिमिटेड (Kamdhenu Ltd) के शेयरों का भी बंटवारा होने जा रहा है। कंपनी के अपने शेयरों को 10 हिस्सों में बांटने का फैसला लिया है। कंपनी ने इसके लिए अगले साल 8 जनवरी की रिकॉर्ड डेट तय की है। कंपनी के शेयर आज 498 रुपए पर बंद हुए हैं। ये शेयर इस साल अब तक 36.49% का रिटर्न दे चुका है। कंपनी पिछले 2 साल से लगातार निवेशकों को डिविडेंड देती आ रही है।
स्टॉक स्प्लिट की सूचना देने वालों में शीश इंडस्ट्रीज भी शामिल है। कंपनी का शेयर 10 टुकड़ों में बंटेगा। शीश इंडस्ट्रीज ने इसके लिए 17 दिसंबर की रिकॉर्ड तय की है। कंपनी के शेयर की कीमत 134.90 रुपए चल रही है। इसने इस साल अब तक 31.10% का रिटर्न दिया है। इसका 52 वीक का हाई लेवल 172.05 रुपए है। अब जब स्टॉक स्प्लिट की बात निकली है, तो चलिए यह भी समझ लेते हैं कि आखिर कंपनियां ऐसा क्यों करती हैं और इसके क्या फायदे हैं?
नाम से ही समझ आ रहा है कि इसमें शेयरों को अलग-अलग भागों में बांटा जाता है। इस प्रक्रिया में कंपनी एक्सचेंज को सूचित करके एक निर्धारित तिथि पर अपने शेयरों को एक निश्चित अनुपात में बांट देती है। जैसे कि मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स अपने स्टॉक के दो टुकड़े कर रही है। कंपनी जिस अनुपात में स्टॉक स्प्लिट करती है, उसी अनुपात में स्टॉकहोल्डर्स के शेयरों में बदलाव हो जाता है। मान लीजिये आपके पास किसी कंपनी के 100 शेयर हैं। कंपनी स्टॉक स्प्लिट से 1 शेयर को 2 में तोड़ देती है, आपके पास कंपनी के 200 शेयर हो जाएंगे। लेकिन, इससे उसकी निवेश की वैल्यू में कोई बदलाव नहीं आएगा।
कंपनी स्टॉक स्प्लिट कई वजहों से करती है। जैसे मार्केट में डिमांड बढ़ाने, शेयर को किफायती बनाने और लिक्विडिटी बढ़ाने आदि। आमतौर पर जब किसी कंपनी के शेयर की कीमत काफी ज्यादा हो जाती है, तो कंपनी छोटे निवेशकों के लिए उसमें निवेश आसान बनाने के लिए स्टॉक स्प्लिट का फैसला लेती है। उदाहरण के लिए नेस्ले इंडिया का शेयर इस साल 5 जनवरी को 27,150 रुपए पर था। इतनी बड़ी कीमत पर शेयर खरीदना आम निवेशकों के लिए आसान नहीं होता। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट किए, आज इसका भाव प्रति शेयर 2,255 रुपए है। तो स्टॉक स्प्लिट की एक वजह स्टॉक की कीमत को नीचे लाकर छोटे निवेशकों को आकर्षित करना भी है।
यहां एक सवाल यह उठता है कि क्या स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के मार्केट कैप पर भी कोई असर पड़ता है? बिल्कुल नहीं। चलिए इसे सरल शब्दों में समझते हैं। मान लीजिये आपके पास एक चॉकलेट है। आप उसे 6 टुकड़ों में विभाजित करते हैं, ताकि सभी छह लोगों को कुछ न कुछ मिल जाए। तो क्या आपके ऐसा करने से चॉकलेट का एक्चुअल साइज़ घट-बढ़ जाएगा? आपके टुकड़े छोटे-बड़े हो सकते हैं, लेकिन कंपनी जिस अनुपात में चॉकलेट बेचती है उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। इसी तरह, स्टॉक स्प्लिट से केवल स्टॉक कुछ टुकड़ों में विभाजित होता है, इससे कंपनी के मार्केट कैप पर कोई असर नहीं पड़ता।
न्यूज 24 पर पढ़ें बिजनेस, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।