Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज ब्लैक मंडे साबित हुआ है. दलाल स्ट्रीट पर आज हाहाकार मचा है और निवेशकों के देखते ही देखते 15 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 2,345 अंक (2.97%) गिरकर 76,573 पर आ गया, वहीं निफ्टी 708 अंक (2.89%) लुढ़क कर 23,741 के स्तर पर बंद हुआ. 5 जनवरी के अपने ऑल-टाइम हाई से बाजार 10% से ज्यादा गिर चुका है, जिसे तकनीकी भाषा में करेक्शन (Technical Correction) कहा जा रहा है. अगर आप भी सुबह अपना पोर्टफोलियो लाल निशान में देखकर चौंक गए हैं, तो आप अकेले नहीं हैं.
बाजार गिरने के पीछे 6 कारण
- कच्चे तेल की आग ($119 के पार):
मिडिल ईस्ट में जारी जंग ने सप्लाई चेन को तोड़ दिया है. इराक और कुवैत ने उत्पादन घटाया है, जिससे ब्रेंट क्रूड $119 प्रति बैरल तक पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, ऐसे में महंगा तेल हमारी इकोनॉमी के लिए सबसे बड़ा खतरा है. - ग्लोबल मार्केट में मंदी:
केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरा एशिया लाल है. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7% और जापान का निक्केई 6.5% तक टूट गया. अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने आग में घी का काम किया. - विदेशी निवेशकों (FII) की बेवफाई:
विदेशी संस्थागत निवेशक भारत से पैसा निकाल रहे हैं. मार्च के पहले चार दिनों में ही उन्होंने 21829 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले. जब तक कच्चे तेल की कीमतें शांत नहीं होतीं, इनके वापस आने की उम्मीद कम है. - कमजोर होता रुपया:
कच्चे तेल की मांग और डॉलर की मजबूती ने रुपये को पस्त कर दिया है. आज रुपया 46 पैसे गिरकर 92.28 के स्तर पर पहुंच गया, जो इसके अब तक के सबसे निचले स्तर के करीब है. - डर का मीटर (India VIX) हाई:
बाजार का डर मापने वाला इंडेक्स India VIX 21% उछलकर 24.18 पर पहुंच गया है. यह पिछले 21 महीनों का उच्चतम स्तर है. VIX का बढ़ना बताता है कि निवेशक आने वाले समय को लेकर बहुत डरे हुए हैं. - बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली:
PSU बैंकों में 5% से ज्यादा की गिरावट रही. HDFC और ICICI बैंक जैसे बड़े नाम भी 3% से ज्यादा टूट गए. डर यह है कि महंगा तेल ब्याज दरों को बढ़ा सकता है, जिससे बैंकों के मुनाफे पर असर पड़ेगा.
अब आगे क्या?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी अब 23,535 के स्तर की ओर बढ़ रहा है. अगर यह स्तर भी टूटता है, तो बाजार 22000 तक जा सकता है. सुधार की उम्मीद तभी है जब निफ्टी 24000 के ऊपर टिकने में कामयाब हो.
निवेशकों के लिए सलाह
इस गिरावट में घबराकर (Panic Selling) फैसले न लें. अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो अच्छे क्वालिटी वाले शेयरों को धीरे-धीरे खरीदने का यह एक मौका भी हो सकता है.










