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केवल 10000 रुपये का निवेश भी बना सकता है करोड़पति, समझिए पूरा कैलकुलेशन

Mutual Fund, SIP: अगर आप भी भविष्य में करोड़पति बनने की चाह रखते हैं लेकिन आपके पास निवेश करने के लिए लाखों की राशि नहीं है तो आप मात्र 10 हजार रुपये हर महीने के निवेश से 1.7 करोड़ तक का फंड तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं एसआईपी का पूरा कैलकुलेशन समझते हैं...

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अगर आप सोचते हैं कि करोड़पति बनने के लिए लाखों की जरूरत होती है, तो आपको एक बार “SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान” के बारे में ज़रूर जानना चाहिए। म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए लंबी अवधि में छोटी रकम भी बड़ा फंड बना सकती है। अगर आप हर महीने सिर्फ ₹10,000 की SIP करते हैं, तो आप करोड़पति बन सकते हैं, वो भी बिना किसी बड़ी रिस्क के। चलिए विस्तार से समझते हैं कि कैसे…

SIP में ₹10,000 निवेश करने पर क्या मिलेगा रिटर्न?

मान लीजिए आप हर महीने ₹10,000 म्यूचुअल फंड SIP में निवेश करते हैं और आपको औसतन 12% वार्षिक रिटर्न मिलता है। इस दर से अगर आप 25 सालों तक लगातार निवेश करते हैं, तो आपकी कुल निवेश राशि 30,00,000 रुपये होगी जिसपर कुल ब्याज/रिटर्न 1,40,22,066 मिलेगा और टोटल अमाउंट 1,70,22,066 रुपये हो जाएगा। यानि कि सिर्फ ₹30 लाख के निवेश से आप ₹1.7 करोड़ का फंड बना सकते हैं।

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SIP Calculator से कैसे करें कैलकुलेशन?

  • गूगल पर “SIP Calculator” सर्च करें।
  • Groww, Zerodha, ET Money जैसी वेबसाइट खोलें।
  • वहाँ अपना मंथली इन्वेस्टमेंट, अनुमानित रिटर्न और निवेश अवधि डालें।
  • अब आप देख सकते हैं कि कितने समय में कितना फंड बनेगा।

कैसे काम करता है कम्पाउंडिंग का जादू?

SIP में लंबी अवधि के निवेश का सबसे बड़ा फायदा कम्पाउंडिंग का होता है। कम्पाउंडिंग का मतलब है कि आपकी कमाई पर भी ब्याज जुड़ता है, और फिर उस ब्याज पर भी ब्याज बनता है। इस तरह समय के साथ आपकी रकम बहुत तेजी से बढ़ती है। उदाहरण के लिए, पहले 5 साल में आपका पैसा धीरे-धीरे बढ़ेगा, लेकिन 15-20 साल बाद यह तेजी से ग्रो करने लगेगा। इसलिए, जितना लंबा निवेश, उतना बड़ा रिटर्न।

म्यूचुअल फंड SIP क्यों है समझदारी भरा विकल्प?

म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए आप 500 या 1000 रुपये के छोटी राशि से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। शेयर बाजार में सीधा निवेश करने के बजाए म्यूचुअल फंड के जरिए बाजार में पैसा लगाने में रिस्क कम होगा है क्योंकि म्यूचुअल फंड पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है। इसके साथ ही ELSS जैसे फंड में निवेश करने पर टैक्स बेनिफिट भी मिलता है। वहीं ज़रूरत पड़ने पर SIP को रोकना या अपना पैसा निकालना भी आसान होता है।

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First published on: Jul 16, 2025 12:01 PM

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