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Meta में फिर बड़ी छंटनी! 8000 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, जुकरबर्ग ने क्यों लिया ये फैसला?

फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) दुनिया भर में 8,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। हालांकि, कंपनी ने 7,000 कर्मचारियों को एआई (AI) आधारित प्रोजेक्ट्स में शिफ्ट कर उनकी नौकरी बचाई है। जानिए पूरी रिपोर्ट।

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टेक जगत और कॉर्पोरेट दुनिया से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और व्हाट्सएप (WhatsApp) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर छंटनी (Layoffs) करने का एलान किया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के हवाले से आई इस खबर के मुताबिक, मेटा दुनिया भर में अपने 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है। लेकिन इस निराशाजनक खबर के बीच एक राहत देने वाली और दिलचस्प बात भी सामने आई है कि कंपनी 7,000 कर्मचारियों को बाहर निकालने के बजाय उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए रोल्स में शिफ्ट कर रही है।

आइए समझते हैं कि मार्क जुकरबर्ग की कंपनी ने अचानक इतना बड़ा फैसला क्यों लिया और टेक इंडस्ट्री का भविष्य अब किस ओर जा रहा है।

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मेटा ने क्यों लिया 8,000 लोगों को निकालने का फैसला?

मेटा के इस कदम के पीछे मुख्य रूप से कंपनी का ‘रीस्ट्रक्चरिंग’ (पुनर्गठन) प्लान है। जानकारों के मुताबिक, कंपनी पारंपरिक ऑपरेशंस, मार्केटिंग और कुछ ऐसे प्रोजेक्ट्स से अपना खर्च कम कर रही है जो अब फायदे का सौदा नहीं रहे। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और तकनीकी बदलावों के बीच खुद को रेस में बनाए रखने के लिए मेटा ने इस मुश्किल छंटनी का रास्ता चुना है।

7000 कर्मचारियों की बची नौकरी

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इस छंटनी की सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने पूरी तरह वर्कफोर्स को घटाया नहीं है, बल्कि उसे अपग्रेड किया है। जिन 7,000 कर्मचारियों पर नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा था, उन्हें मेटा ने एक बेहतरीन मौका दिया है। इन कर्मचारियों को कंपनी के भीतर ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जनरेटिव एआई टूल्स और मशीन लर्निंग जैसे भविष्य के प्रोजेक्ट्स में री-असाइन (Shift) किया जा रहा है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का यह फैसला साफ दिखाता है कि कंपनी अब पारंपरिक सोशल मीडिया से आगे बढ़कर पूरी तरह AI-First कंपनी बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है।

टेक इंडस्ट्री के लिए क्या है इसका संदेश?
मेटा का यह फैसला पूरी आईटी और टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सबक और संकेत है। यह साफ हो गया है कि अब सिर्फ अनुभव काफी नहीं है, बल्कि समय के साथ नई तकनीकों को सीखना जरूरी है। जो कर्मचारी खुद को एआई (AI) के अनुकूल ढाल रहे हैं या नई स्किल्स सीख रहे हैं, उनकी नौकरियां न सिर्फ सुरक्षित हैं बल्कि उनकी मांग भी बाजार में तेजी से बढ़ रही है।

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First published on: May 20, 2026 09:24 AM

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About the Author

Vandana Bharti

BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 में बतौर DNE नई शुरुआत करने से पहले मैं, News18 में कॉन्‍ट्रीब्‍यूटर रही. DU के खालसा कॉलेज और YMCA (2005-06) से पढ़ाई करने के बाद मैंने साल 2007 में दैन‍िक जागरण अखबार (फीचर) से अपने कर‍ियर की शुरुआत की. फ‍िर देशबंधु (ब‍िजनेस पेज), ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार (ब‍िजनेस पेज), Aaj Tak ड‍िजिटल (कर‍ियर), News18 ड‍िज‍िटल (कर‍ियर), India.com (कर‍ियर और लाइफस्‍टाइल), Zee News ड‍िज‍िटल (लाइफस्‍टाइल और कर‍ियर) आद‍ि में काम कर चुकी हूं.

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