Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

बिजनेस

मध्य प्रदेश: कुनो में चीतों ने क्या किया प्रवेश इन गांवों की जमीनों के तो बढ़ गए दाम

भोपाल: भारत में चीतों की वापसी ने देशवासियों के चेहरे पर खुशी ला दी। आठ चीते नामीबिया से आ गए हैं। बाकी 12 चीतों को अगले महीने दक्षिण अफ्रीका से स्थानांतरित कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चीतों को कुनो में छोड़ा गया। वहीं, इस परियोजना के साथ ही यह राज्य में स्थानीय लोगों […]

Author
Edited By : Nitin Arora Updated: Sep 17, 2022 17:46
Cheetah
भारत आने पर इन चीतों का ना केवल एक नया घर, बल्कि नए नाम भी मिले हैं।

भोपाल: भारत में चीतों की वापसी ने देशवासियों के चेहरे पर खुशी ला दी। आठ चीते नामीबिया से आ गए हैं। बाकी 12 चीतों को अगले महीने दक्षिण अफ्रीका से स्थानांतरित कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चीतों को कुनो में छोड़ा गया। वहीं, इस परियोजना के साथ ही यह राज्य में स्थानीय लोगों के लिए कुछ अच्छी खबर लेकर आया है।

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में उनके बहुप्रतीक्षित आगमन ने राज्य के चार जिलों में कृषि और आर्थिक समृद्धि की आशा जगा दी है। केएनपी से सटे गांवों में जमीन की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। केएनपी मुख्य द्वार के पास स्थित टिकटोली और मोरवन गांवों की जमीन की कीमतें पर्यटन और आतिथ्य उद्योग पर अधिक ध्यान देने के कारण बढ़ी हैं।

---विज्ञापन---

टिकटोली बड़े पैमाने पर एक आदिवासी बहुल गांव होने के कारण (जहां कानून गैर-आदिवासियों को जमीन बेचने पर रोक लगाता है) होटल व्यवसायी और रिसॉर्ट मालिक मोरवन गांव में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिसमें लगभग 200 परिवार (ज्यादातर गैर-आदिवासी) रहते हैं।

newindianexpress.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शिवपुरी जिले के आसपास के प्रॉपर्टी डीलरों को भी बड़े कारोबारियों के फोन आ रहे हैं, जो शिवपुरी-श्योपुर रोड और शिवपुरी-पोहरी रोड पर जमीन के लिए उत्सुक हैं।

---विज्ञापन---

राज्य विधानसभा में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, श्योपुर क्षेत्र कुपोषण के मामले में भारत में सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक है। इसमें 19,243 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे हैं, कराहल में 18,944, श्योपुरकलां में 11,970, श्योपुर शहर में 9,297, विजयपुर 1 में 14,710, विजयपुर 2 में 15,712 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे हैं।

First published on: Sep 17, 2022 05:46 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.