Rajesh Bharti
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IPO vs FPO : हाल ही में Bharti Hexacom कंपनी का IPO आया था। जब यह शेयर मार्केट में लिस्ट हुआ तो इसमें निवेश करने वालों की बल्ले-बल्ले हो गई। जब आईपीओ आया था तो इस कंपनी के 1 शेयर की कीमत 570 रुपये थी। 12 अप्रैल को जब यह शेयर मार्केट में लिस्ट हुआ तो इसकी कीमत 755 रुपये थी। यानी पहली ही बार में निवेशकों को करीब 32 फीसदी का फायदा हो गया। आज गुरुवार को इस कंपनी के एक शेयर की कीमत 995 रुपये पार कर चुकी है। यह थी IPO (Initial Public Offering) की बात।
जब किसी कंपनी को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत होती है तो वह देशभर के लोगों से पैसे जुटा सकती है। इसके लिए उसे शेयर मार्केट में लिस्ट होना पड़ता है। कंपनी अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा लोगों में बांटकर रकम जुटाती है। इस हिस्से को शेयर कहा जाता है। IPO के जरिए कंपनी पहली बार अपने शेयर निवेशकों के लिए खोलती है। IPO जारी होने के बाद कंपनी शेयर मार्केट में लिस्ट हो जाती है।

IPO या FPO में निवेश से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें
FPO भी किसी कंपनी के लिए निवेशकों से फंड जुटाने की प्रक्रिया है। इसमें भी कंपनी शेयर जारी करती है। अंतर इतना होता है कि FPO वही कंपनी लाती है तो पहले से शेयर मार्केट में लिस्ट हो। IPO वह कंपनी लाती है जो पहली बार शेयर मार्केट में लिस्ट होने जा रही होती है। चूंकि कंपनी IPO के जरिए अपनी कुछ हिस्सेदारी निवेशकों में बांट चुकी होती है, ऐसे में जब कोई कंपनी FPO लाएगी तो इसका मतलब हुआ कि वह अपनी और हिस्सेदारी निवेशकों में बांटकर पैसा इकट्ठा करना चाहती है। इस पैसे को कंपनी अपने विस्तार, कर्ज चुकाने और दूसरी बिजनेस एक्टिविटीज में इस्तेमाल करती हैं।
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Disclaimer : शेयर मार्केट में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए इसमें निवेश करने से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें।
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