Real Estate Freelancing: न ऑफिस, न कर्मचारी! जानिए कैसे इस बोरिंग बिजनेस से लोग पार्ट-टाइम कमा रहे हैं 5 लाख रुपये महीना

Real Estate Freelancing Business Model: सोशल मीडिया पर एक यूजर ने बताया कैसे बिना किसी ऑफिस या निवेश के उनके दोस्त रियल एस्टेट फ्रीलांसिंग से हर महीने 5 लाख रुपये कमा रहे हैं. जानें इसका गणित और असली चुनौतियां.

Real estate freelancing zero investment business model graphic

Real Estate Freelancing: बिना ऑफिस और बिना निवेश के हर महीने 5 लाख रुपये की कमाई? जानें सच्चाई

विज्ञापन

आजकल साइड इनकम या कमाई का नया जरिया ढूंढने वाले ज्यादातर लोग यूट्यूब, कंटेंट क्रिएशन या किसी ऑनलाइन स्टार्टअप के पीछे भागते हैं. लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक यूजर ने एक ऐसे बोरिंग बिजनेस मॉडल का खुलासा किया है, जिससे उनके दोस्त बिना किसी ऑफिस या कर्मचारियों के हर महीने पार्ट-टाइम में करीब 5 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं.

यूजर अंकित पांडे (Ankit Pandey) की यह पोस्ट इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है. उन्होंने बताया कि बिना किसी बड़े निवेश (Zero Investment) के रियल एस्टेट फ्रीलांसिंग (Real Estate Freelancing) के जरिए कैसे यह कमाई की जा सकती है.

विज्ञापन

क्या है रियल एस्टेट फ्रीलांसिंग का गणित?
अंकित पांडे के मुताबिक, यह बिजनेस मॉडल बहुत ही सीधा और आसान है. अपने शहर के 10 से 15 बिल्डर्स से संपर्क करें और उनके चैनल पार्टनर प्रोग्राम (Channel Partner Programme) से जुड़ें. उनके प्रोजेक्ट्स, फ्लैट्स की कीमतें, पेमेंट प्लान और पजेशन डेट की पूरी जानकारी समझ लें. अपने दोस्तों, सहकर्मियों के अलावा इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और वॉट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संभावित खरीदारों तक पहुंचें. जब भी कोई बायर आपकी मदद से प्रॉपर्टी खरीदता है, तो बिल्डर आपको कमीशन देता है.

5 लाख रुपये महीने का हिसाब-किताब
कमाई के गणित को समझाते हुए अंकित ने एक उदाहरण दिया. मान लीजिए आपने 50 लाख रुपये का एक फ्लैट बिकवाया. अगर बिल्डर आपको 3% का कमीशन देता है, तो एक फ्लैट पर आपकी कमाई 1.5 लाख रुपये होगी.

अगर आप महीने में सिर्फ 3 से 4 फ्लैट बिकवा देते हैं, तो आपकी कमाई 4.5 लाख रुपये से 6 लाख रुपये तक पहुंच जाती है. इसके लिए आपको किसी खुद के प्रोडक्ट, गोदाम या भारी फंडिंग की जरूरत नहीं है. आपको बस सही बायर ढूंढना है, उसका भरोसा जीतना है और डील क्लोज करनी है.

विज्ञापन

बता दें क‍ि रियल एस्टेट में कमीशन की दरें तय नहीं होती हैं. यह बिल्डर, शहर और प्रोजेक्ट के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं.

क्या इतना आसान है यह काम?
अंकित की इस पोस्ट पर इंटरनेट पर मिले-जुले रिएक्शन्स आ रहे हैं. कई लोगों को यह आइडिया बहुत पसंद आया, वहीं इंडस्ट्री के जानकारों ने इसकी जमीनी चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया. एक यूजर ने लिखा क‍ि यह बोरिंग जरूर दिखता है, पर आंकड़े बहुत दिलचस्प हैं. कई भारतीय दुबई रियल एस्टेट मार्केट में सालों से यही काम कर रहे हैं.

विज्ञापन

एक अन्य यूजर ने सावधान करते हुए लिखा क‍ि जो सुनने में आसान लगता है, वह असल में सबसे मुश्किल होता है. किसी पुराने एजेंट से पूछिए, डील क्लोज करना और 2% कमीशन वसूलना कितना थकाऊ काम है.

वहीं एक यूजर ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा क‍ि मेरे अंकल 30 सालों से यह काम कर रहे हैं. कभी महीने में 5-7 घर बिक जाते हैं, तो कभी 4-6 महीने तक एक भी बोहनी नहीं होती. अगर आप परिवार में कमाने वाले अकेले शख्स हैं, तो यह काम सिर्फ आपके भरोसे नहीं चल सकता.

विज्ञापन

Disclaimer: यह लेख सोशल मीडिया (X/ट्विटर) पर एक यूजर द्वारा शेयर किए गए विचारों और अनुभवों पर आधारित है. इसमें बताए गए कमाई के आंकड़े और कमीशन की दरें सांकेतिक हैं, जो बाजार के हालात, स्थान और व्यक्तिगत प्रयासों के आधार पर बदल सकती हैं. इसे किसी भी प्रकार की वित्तीय या करियर सलाह न माना जाए. रियल एस्टेट से जुड़े किसी भी व्यवसाय में उतरने से पहले स्थानीय नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं (जैसे RERA रजिस्ट्रेशन आदि) की पूरी जानकारी अवश्य लें.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ