कई विश्लेषकों का मानना है कि अर्थव्यवस्था में किसी भी तरह के संघर्ष या अस्थिरता के समय, कीमती धातुओं की कीमतों में काफी बढ़ोतरी होती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि निवेशक मुद्रा में होने वाले उतार-चढ़ाव, महंगाई के डर और वैश्विक वित्तीय अनिश्चितता से बचाव (हेज) के तौर पर इन धातुओं में निवेश करते हैं. एक कीमती धातु होने के नाते, सोना सदियों से न केवल धन-संपत्ति के प्रतीक के रूप में, बल्कि मूल्य को सुरक्षित रखने के एक भरोसेमंद माध्यम के रूप में भी अपनी भूमिका निभाता आया है. यही कारण है कि अनिश्चित समय में सुरक्षा की तलाश करने वाले निवेशकों के बीच यह एक लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है. हम आपको भारत में सोने की ताजा कीमतें उपलब्ध कराते हैं.
Gold Silver Price Today Live: अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है. सर्राफा बाजार में इस हफ्ते कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है. 14 मार्च 2026 को बाजार बंद होने तक सोने और चांदी, दोनों ने अपनी दूसरी लगातार साप्ताहिक गिरावट दर्ज की है.
आज के ताजा भाव (14 मार्च 2026)
भारतीय बाजार (MCX) और रिटेल मार्केट में आज की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) $5,050 प्रति औंस के स्तर को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि चांदी (Spot Silver) लगभग 4% टूटकर $80.5 प्रति औंस पर आ गई है.
क्यों गिर रहे हैं दाम? 3 मुख्य कारण
मिडिल ईस्ट (ईरान-इजरायल) में चल रहे तनाव के बावजूद सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग कम हुई है. इसके पीछे ये बड़े कारण हैं:
मजबूत होता डॉलर इंडेक्स: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबरों के बीच निवेशकों ने नकदी (Liquidity) के लिए डॉलर को सुरक्षित विकल्प माना है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने पर दबाव बढ़ जाता है.
महंगे क्रूड ऑयल का असर: कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार जाने से ग्लोबल इन्फ्लेशन (महंगाई) का खतरा बढ़ गया है. इसके कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं.
मार्जिन कॉल्स और बिकवाली: अन्य बाजारों में घाटे की भरपाई करने के लिए बड़े निवेशक सोने में अपनी पोजीशन काटकर कैश जुटा रहे हैं, जिसे प्रॉफिट बुकिंग भी कहा जा सकता है.
प्रमुख शहरों में 24K सोने का भाव
दिल्ली: ₹1,60,840
मुंबई: ₹1,60,690
चेन्नई: ₹1,62,560
कोलकाता: ₹1,60,690
एक्सपर्ट की राय: क्या अभी खरीदना सही है?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई यह 2% से 5% की गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकती है. हालांकि, बाजार अभी भी अस्थिर है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय किश्तों (SIP मोड) में खरीदारी करें.
अभी भारत में चांदी की कीमत 275 रुपये प्रति ग्राम और 275,000 रुपये प्रति किलोग्राम है. हालांकि यह अक्सर सोने से सस्ती होती है, फिर भी चांदी निवेशकों और गहने खरीदने वालों के लिए एक आम पसंद बनी हुई है, खासकर उन देशों में जहां सोने के मुकाबले चांदी के गहने ज्यादा खरीदे जाते हैं. चांदी की कीमत वैश्विक बाजार पर भी निर्भर करती है, क्योंकि औद्योगिक इस्तेमाल और मैन्युफैक्चरिंग के लिए चांदी की मांग भी कीमतों में उतार-चढ़ाव में एक बड़ी भूमिका निभाती है.
भारत में सोने की कीमतें वैश्विक और स्थानीय, दोनों तरह के कारकों से तय होती हैं. सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और गहनों के लिए स्थानीय खपत, खासकर त्योहारों के आस-पास, ये सभी मिलकर सोने का वास्तविक मूल्य निर्धारित करते हैं. नतीजतन, भारत में खरीदार को ऐसी कीमतों का सामना करना पड़ता है जो व्यापक आर्थिक कारकों और मौसमी बाजार कारकों के आधार पर बदलती रहती हैं.










