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EPFO 3.0: बैंक अकाउंट की तरह न‍िकाल पाएंगे PF का पैसा! AI से 24 घंटे में सेटल होगा क्‍लेम… जानें क‍ितना अलग होगा नया वर्जन

ऐसा लगता है क‍ि EPFO ने अपने मेम्‍बर्स को हर कुछ समय पर सरप्राइज देने की योजना बना रखी है. लिबरलाइज्‍ड विड्रॉल नियमों की घोषणा और UPI-लिंक्ड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव के बाद, ईपीएफओ अब बेहतर सुधार के साथ EPFO 3.0 लॉन्‍च करने की तैयारी कर रहा है. जानें इसमें कौन सी सुव‍िधाएं होंगी.

Author Written By: Vandana Bharti Updated: Jan 21, 2026 09:59
EPFO ला रहा है नया वर्जन

EPFO 3.0 Benefits: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सुधारों के अगले चरण को शुरू करने जा रहा है, जिसमें कई नई सुव‍िधाएं म‍िल सकती हैं. इसमें एक नया पोर्टल, बैकएंड में नया सॉफ्टवेयर और मेम्‍बर्स को स्थानीय भाषाओं में जानकारी देने के लिए AI-पावर्ड भाषा अनुवाद टूल का इस्तेमाल शामिल है. द इंडियन एक्सप्रेस की र‍िपोर्ट के अनुसार, संगठन जल्‍द ही EPFO 3.0 लॉन्‍च करने की तैयारी कर रहा है, ज‍िसमें फंड के टेक्नोलॉजी आर्किटेक्चर में बड़ा बदलाव देखने को म‍िल सकता है. ईपीएफओ अब कोर बैंकिंग सॉल्यूशन की तरफ बढ़ रहा है और इसल‍िए EPFO 3.0 के साथ आ रहे सुधारों को बेहद महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है.

यानी अब EPFO, ऑपरेशन्स का एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम तैयार कर रहा है, जैसा कि बैंकों में होता है. इससे मेम्‍बर्स देश के किसी भी सेंटर पर अपनी समस्याओं को हल कर सकेंगे. आइये जानते हैं क‍ि EPFO 3.0 के साथ कौन से सुधार आ रहे हैं और यह क‍ितना अलग होगा.

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क‍ितना अलग होगा EPFO 3.0, म‍िलेंगी कौन सी नई सुव‍िधाएं

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल बदलाव करने जा रहा है, जिसे EPFO 3.0 नाम दिया गया है. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने हाल ही में पुष्टि की है कि इस नए सिस्टम का उद्देश्य EPFO की पुरानी और सुस्त पड़ चुकी सेवाओं को पूरी तरह ‘हाई-टेक’ बनाना है. EPFO 3.0 में क्‍या खास होगा और यह पुराने स‍िस्‍टम से क‍ितना अलग होगा, जानें

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नया सॉफ्टवेयर और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम (Centralized Database)
अभी EPFO के अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों (Regional Offices) के अपने डेटाबेस हैं, जिससे क्लेम सेटलमेंट में देरी होती है. EPFO 3.0 में पूरा डेटा एक ही सेंट्रल सर्वर पर होगा. अगर आपकी नौकरी एक शहर से दूसरे शहर बदलती है, तो आपको पुरानी कंपनी से फंड ट्रांसफर करने के लिए हफ्तों इंतजार नहीं करना होगा. यह प्रक्रिया अब बैंकिंग सिस्टम की तरह ‘रियल-टाइम’ हो जाएगी.

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‘ऑटो-मोड’ क्लेम सेटलमेंट (Instant Processing)
अभी क्लेम पास होने में 7 से 20 दिन का समय लगता है. नए सॉफ्टवेयर में AI-आधारित ऑटो-मोड होगा. इससे बीमारी, शादी या शिक्षा के लिए एडवांस निकालने पर क्लेम 24 से 48 घंटों के भीतर सेटल हो जाएगा. मानवीय हस्तक्षेप (Human Intervention) कम होने से भ्रष्टाचार और बेवजह की आपत्तियों (Rejections) में कमी आएगी.

नया और यूजर-फ्रेंडली पोर्टल
मौजूदा वेबसाइट अक्सर लोड बढ़ने पर क्रैश हो जाती है या ओटीपी (OTP) आने में दिक्कत होती है. पोर्टल को पूरी तरह नए इंटरफेस के साथ रीडिजाइन किया जा रहा है. नया पोर्टल मोबाइल पर भी स्मूथ चलेगा और इसमें ‘पेंडिंग क्लेम स्टेटस’ को ट्रैक करना बहुत आसान होगा.

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ई-पासबुक में ज्यादा पारदर्शिता
नई पासबुक में अब न केवल आपका और कंपनी का योगदान दिखेगा, बल्कि आपके पैसे पर मिलने वाले ब्याज (Interest) का रियल-टाइम अपडेट भी मिलता रहेगा. आपको साल के अंत तक ब्याज जमा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. आप देख पाएंगे कि आपका फंड कितनी तेजी से बढ़ रहा है.

First published on: Jan 21, 2026 09:12 AM

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