भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी सपने को चैलेंज; अशनीर ग्रोवर ने कहा-ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी 55 हजार करोड़ के टैक्स नोटिस रद्द हो
नई दिल्ली: भारत सरकार के देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (5 trillion dollar Indian economy by FY2024-25) बनाने के सपने को मंगलवार को एक बड़ी हस्ती ने चैलेंज किया है। यह शख्स हैं चर्चित युवा कारोबारी और पेमैंट ऐप्प भारतपे (BharatPe) के सह-संस्थापक अश्नीर ग्रोवर। ग्रोवर ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी 55 […]
Edited By : Balraj Singh|Updated: Sep 27, 2023 00:06
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नई दिल्ली: भारत सरकार के देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (5 trillion dollar Indian economy by FY2024-25) बनाने के सपने को मंगलवार को एक बड़ी हस्ती ने चैलेंज किया है। यह शख्स हैं चर्चित युवा कारोबारी और पेमैंट ऐप्प भारतपे (BharatPe) के सह-संस्थापक अश्नीर ग्रोवर। ग्रोवर ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी 55 हजार करोड़ के टैक्स नोटिस को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि इससे वस्तु एवं सेवा कर (GST) ऐंठने से यह सपना पूरा नहीं होने वाला। इससे सिर्फ और सिर्फ वकीलों को ही फायदा मिलने वाला है और किसी को कोई लाभ नहीं होने वाला है।
बता दें कि भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने बीते दिनों वित्त वर्ष 2024-25 तक भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि अर्थव्यवस्था की क्षमता के अनुसार यह हासिल कर पाना इतना मुश्किल नहीं है, लेकिन फिर भी इसमें कछ चुनौतियां हैं। एक ओर जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को लगभग 55,000 करोड़ रुपए को जीएसटी चोरी संबंधी कारण बताओ नोटिस भेजे हैं, वहीं इन कारोबारियों का विरोध भी अपने आप में एक बड़ी चुनौती है।
यह भी पढ़ें: रसोई गैस के बाद अब सस्ते आवास देने की तैयारी में सरकार! मिडिल क्लास को मिलेगी बड़ी राहत
इसी कड़ी में मंगलवार को भारतपे के मालिक अशनीर ग्रोवर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा है, '55,000 करोड़ रुपए की जीएसटी मांग...मैं इस बात को लेकर बेहद उत्सुक हूं कि टैक्स वालों के दिमाग में आखिर क्या चलता होगा ऐसे नोटिस भेजते समय। एकमात्र स्पष्टीकरण है-कुछ नहीं। एकाधिकार का खेल चल रहा है बॉस। न कोई टैक्स देगा इतना-न सरकार को मिलने वाला है। कोई टैक्स देने नहीं जा रहा। यदि यह सच है तो इस विशाल कर नोटिस से केवल वकीलों को ही लाभ होगा'।
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₹55,000 crore GST demand ! I am intrigued ki Tax vaalo ke dimaag mein kya chalta hoga aise notice bhejte samay. The only explanation is - kuchh nahi. Monopoly ki game chal rahi hai bas. Na koi tax dega itna - na Sarkar ko milega. Milegi sirf vakilo ko fees jo SC mein ise… pic.twitter.com/BB1b9g3R4E
आर्थिक मामलों के जानकार सूत्रों की मानें तो हर्ष जैन के फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म ड्रीम 11 को भेजा गया 25 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का जीएसटी नोटिस शायद देश का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष टैक्स नोटिस है।
कैसीनो ऑपरेटर डेल्टा कॉर्प को भी जीएसटी परिषद की तरफ से जुलाई 2017 से मार्च 2022 के बीच की अवधि में कुल 16,822 करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस मिला है। इन 16,822 करोड़ में 11,140 करोड़ डेल्टा कॉर्प से मांगे गए हैं तो 5,682 करोड़ रुपए इसकी तीन अन्य सहायक कंपनियों कैसीनो डेल्टिन डेनज़ोंग, हाईस्ट्रीट क्रूज़ और डेल्टा प्लेज़र क्रूज से वांछित हैं।
इसके अलावा प्ले गेम्स 24x7, उसके सहयोगियों और हेड डिजिटल वर्क्स को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
वित्त मंत्रालय और पीएमओ से हल निकालने की अपील
इसी पर आपत्ति जताते हुए युवा कारोबारी अशनीर ग्रोवर ने पूछा है कि अगर इतना जीएसटी देना था तो जीएसटी अधिकारी 10 साल से सो रहे थे क्या? उन्होंने वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से इस मुद्दे का समाधान निकालने की अपील की है।
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नई दिल्ली: भारत सरकार के देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (5 trillion dollar Indian economy by FY2024-25) बनाने के सपने को मंगलवार को एक बड़ी हस्ती ने चैलेंज किया है। यह शख्स हैं चर्चित युवा कारोबारी और पेमैंट ऐप्प भारतपे (BharatPe) के सह-संस्थापक अश्नीर ग्रोवर। ग्रोवर ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी 55 हजार करोड़ के टैक्स नोटिस को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि इससे वस्तु एवं सेवा कर (GST) ऐंठने से यह सपना पूरा नहीं होने वाला। इससे सिर्फ और सिर्फ वकीलों को ही फायदा मिलने वाला है और किसी को कोई लाभ नहीं होने वाला है।
बता दें कि भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने बीते दिनों वित्त वर्ष 2024-25 तक भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि अर्थव्यवस्था की क्षमता के अनुसार यह हासिल कर पाना इतना मुश्किल नहीं है, लेकिन फिर भी इसमें कछ चुनौतियां हैं। एक ओर जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को लगभग 55,000 करोड़ रुपए को जीएसटी चोरी संबंधी कारण बताओ नोटिस भेजे हैं, वहीं इन कारोबारियों का विरोध भी अपने आप में एक बड़ी चुनौती है।
इसी कड़ी में मंगलवार को भारतपे के मालिक अशनीर ग्रोवर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा है, ‘55,000 करोड़ रुपए की जीएसटी मांग…मैं इस बात को लेकर बेहद उत्सुक हूं कि टैक्स वालों के दिमाग में आखिर क्या चलता होगा ऐसे नोटिस भेजते समय। एकमात्र स्पष्टीकरण है-कुछ नहीं। एकाधिकार का खेल चल रहा है बॉस। न कोई टैक्स देगा इतना-न सरकार को मिलने वाला है। कोई टैक्स देने नहीं जा रहा। यदि यह सच है तो इस विशाल कर नोटिस से केवल वकीलों को ही लाभ होगा’।
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₹55,000 crore GST demand ! I am intrigued ki Tax vaalo ke dimaag mein kya chalta hoga aise notice bhejte samay. The only explanation is – kuchh nahi. Monopoly ki game chal rahi hai bas. Na koi tax dega itna – na Sarkar ko milega. Milegi sirf vakilo ko fees jo SC mein ise… pic.twitter.com/BB1b9g3R4E
आर्थिक मामलों के जानकार सूत्रों की मानें तो हर्ष जैन के फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म ड्रीम 11 को भेजा गया 25 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का जीएसटी नोटिस शायद देश का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष टैक्स नोटिस है।
कैसीनो ऑपरेटर डेल्टा कॉर्प को भी जीएसटी परिषद की तरफ से जुलाई 2017 से मार्च 2022 के बीच की अवधि में कुल 16,822 करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस मिला है। इन 16,822 करोड़ में 11,140 करोड़ डेल्टा कॉर्प से मांगे गए हैं तो 5,682 करोड़ रुपए इसकी तीन अन्य सहायक कंपनियों कैसीनो डेल्टिन डेनज़ोंग, हाईस्ट्रीट क्रूज़ और डेल्टा प्लेज़र क्रूज से वांछित हैं।
इसके अलावा प्ले गेम्स 24×7, उसके सहयोगियों और हेड डिजिटल वर्क्स को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
वित्त मंत्रालय और पीएमओ से हल निकालने की अपील
इसी पर आपत्ति जताते हुए युवा कारोबारी अशनीर ग्रोवर ने पूछा है कि अगर इतना जीएसटी देना था तो जीएसटी अधिकारी 10 साल से सो रहे थे क्या? उन्होंने वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से इस मुद्दे का समाधान निकालने की अपील की है।
हिंदी न्यूज़/बिजनेस/भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी सपने को चैलेंज; अशनीर ग्रोवर ने कहा ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी 55 हजार करोड़ के टैक्स नोटिस रद्द हो