हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

अडाणी की सहायक कंपनी कच्छ कॉपर ने कैरवेल मिनरल्स के साथ मिलाया हाथ, ऑस्ट्रेलियाई कॉपर परियोजना तेजी से बढ़ेगा आगे

पर्थ से लगभग 150 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित कैरवेल का कैरवेल कॉपर प्रोजेक्ट, ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े अविकसित तांबा संसाधनों में से एक है.

विज्ञापन

कैरवेल मिनरल्स लिमिटेड (ASX:CVV) ने अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी कच्छ कॉपर लिमिटेड (KCL) के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर क‍िया है. इससे पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मर्चिसन क्षेत्र में प्रमुख कैरवेल कॉपर परियोजना पर रणनीतिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा.

एमओयू के तहत, कंपनियां 2026 में अंतिम निवेश निर्णय (FID) की दिशा में परियोजना के विकास में तेजी लाने के लिए निवेश और ऑफटेक के अवसरों का पता लगाएंगी, जिसमें कैरवेल के विश्व स्तरीय संसाधन को अडाणी की सिद्ध गलाने, प्रसंस्करण और रसद क्षमताओं के साथ जोड़ा जाएगा.

यह साझेदारी कैरवेल के कॉपर कंसंट्रेट उत्पादन के 100 प्रतिशत तक के लिए खदान से उठाव समझौते पर बातचीत के लिए एक विशिष्ट ढांचा भी स्थापित करती है, जिसके शुरुआती वर्षों में हर साल लगभग 62,000 से 71,000 टन भुगतान योग्य कॉपर होने की उम्मीद है. एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह कंसंट्रेट सीधे केसीएल के अत्याधुनिक 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (1.8 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) वाले कच्छ कॉपर स्मेल्टर में जाएगा, जो भारत के गुजरात में स्थापित दुनिया का सबसे बड़ा एकल-स्थान कॉपर संयंत्र है.

विज्ञापन

कैरवेल मिनरल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉन हाइमा ने कहा क‍ि अडाणी के कच्छ कॉपर के साथ यह सहयोग कैरवेल कॉपर परियोजना की पूरी क्षमता को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह पूरक शक्तियों – अडाणी की डाउनस्ट्रीम विशेषज्ञता और कैरवेल के विश्व-स्तरीय संसाधन – को एक जिम्मेदार, दीर्घकालिक तांबा उत्पादन के साझा दृष्टिकोण के तहत एक साथ लाता है.

कैरवेल की कैरवेल कॉपर परियोजना, जो पर्थ से लगभग 150 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है, ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े अविकसित तांबा संसाधनों में से एक है, जिसकी संभावित खदान अवधि 25 साल से अधिक है और अनुमानित 1.3 मिलियन टन देय तांबा है.

विज्ञापन

परियोजना की समग्र सतत लागत (एआईएससी) 2.07 अमेरिकी डॉलर प्रति पाउंड अनुमानित है, जो इसे वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागत वाले उत्पादकों में से एक बनाती है.

समझौते के एक भाग के रूप में, केसीएल को समझौता ज्ञापन की अवधि के दौरान प्रत्यक्ष इक्विटी या परियोजना-स्तरीय निवेश में भाग लेने का पहला अधिकार दिया गया है. ये चर्चाएं परियोजना के 1.7 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के प्रारंभिक पूंजीगत व्यय के अनुरूप हैं और चरणबद्ध विकास को समर्थन देने के लिए डिजाइन की गई हैं.

विज्ञापन

टॉप बैंकों के साथ वित्तपोषण पर चर्चाएं भी आगे बढ़ रही हैं, जिनका लक्ष्य एक मजबूत पैकेज तैयार करना है जिसमें डेनिश उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के लिए निर्यात ऋण एजेंसी (ईसीए) समर्थित समाधान, पारंपरिक ऋण, इक्विटी में वृद्धि और स्ट्रीमिंग व रॉयल्टी जैसी नवीन वित्तपोषण संरचनाएं शामिल हों. ये प्रयास डेनमार्क के निर्यात और निवेश कोष (ईआईएफओ) द्वारा डेनिश-स्रोत उपकरणों के लिए 2023 में जारी रुचि पत्र पर आधारित हैं.

इस समझौता ज्ञापन में सहयोगी कार्य-प्रणालियों की रूपरेखा भी दी गई है, जिसमें कच्छ कॉपर की डाउनस्ट्रीम सुविधाओं के लिए उत्पाद विनिर्देशों को अनुकूलित करने हेतु सह-इंजीनियरिंग, वितरण कार्यक्रमों में तेजी लाने के लिए संयुक्त खरीद और सीमा-पार संसाधन विकास एवं कार्यबल कौशल को बढ़ावा देने के लिए भारत-ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का लाभ उठाना शामिल है.

विज्ञापन

विज्ञप्ति में कहा गया है कि विद्युतीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के बीच 2040 तक वैश्विक तांबे की मांग में 50 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, ऐसे में कैरवेल-कच्छ कॉपर सहयोग महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ दोनों देशों के लिए सतत आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के लिए तैयार है.

दोनों कंपनियों ने अनुकरणीय ईएसजी प्रदर्शन भी दर्ज किया है, जिससे ज‍िम्मेदार खनन और टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता और मज़बूत हुई है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola