शेयर बाजार में पिछले दो दिनों से जारी भारी बिकवाली और मायूसी के बाद आखिरकार निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर आई है. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त वापसी की.
दोपहर 2:10 बजे के करीब सेंसेक्स 1003.78 अंक (1.4%) की तूफानी तेजी के साथ 72,597.02 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी भी 325.85 अंक (1.47%) चढ़कर 22,557.65 के पार चला गया.
शेयर बाजार में तेजी की 7 मुख्य वजहें
IT शेयरों में बंपर खरीदारी: TCS के शानदार नतीजों का जादू
आईटी सेक्टर आज बाजार को ऊपर खींचने वाला सबसे बड़ा हीरो रहा. टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी TCS के दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे आने के बाद उसके शेयरों में 5% तक का जोरदार उछाल आया. कंपनी के एआई (AI) आधारित रेवेन्यू और इंटरनेशनल बिजनेस में बेहतरीन ग्रोथ देखने को मिली है.
ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JPMorgan) का मानना है कि इस ग्रोथ रेट से टीसीएस अपने प्रतिस्पर्धियों (Infosys और HCLTech) को कड़ी टक्कर देगा. Nifty IT इंडेक्स 3% से ज्यादा उछलकर टॉप सेक्टोरल गेनर बना.
मिडल ईस्ट तनाव में थोड़ी ढील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान से ग्लोबल निवेशकों ने राहत की सांस ली, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान पर किसी भी संभावित हमले को मिडटर्म इलेक्शन तक टाल दिया गया है. तुरंत सैन्य कार्रवाई का डर टलने से भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का सेंटिमेंट सुधरा है.
कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 1.11% फिसलकर $103 प्रति बैरल पर आ गया. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी सी भी नरमी देश के इंपोर्ट बिल और महंगाई के लिहाज से बड़ी राहत देती है.
मजबूत ग्लोबल संकेत
एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला और बढ़त का रुख रहा. हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स हरे निशान में दिखा, जबकि अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स 0.5% ऊपर ट्रेड कर रहे थे, जिसने भारतीय बाजार को मजबूत सहारा दिया.
भारतीय रुपये में सुधार
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 23 पैसे मजबूत होकर 96.65 के स्तर पर पहुंच गया. डॉलर में आई हल्की नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संभावित दखल से रुपये को मजबूती मिली है.
टेक्निकल रीबाउंड
गुरुवार को सेंसेक्स अपने 32 महीने के निचले स्तर और निफ्टी 18 महीने के लोअर लेवल पर बंद हुआ था. लगातार बिकवाली के कारण बाजार अति-बिकवाली (Oversold) की स्थिति में आ गया था. ऐसे निचले स्तरों पर जब दिग्गज शेयरों के दाम सस्ते दिखे, तो निवेशकों ने जमकर खरीदारी की.
इंडिया विक्स (India VIX) में गिरावट
बाजार में वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) मापने वाला सूचकांक India VIX 4% घटकर 14.68 के स्तर पर आ गया. इंडिया विक्स में गिरावट का मतलब है कि अब बाजार में अचानक बड़े झटकों की आशंका कम हुई है, जिससे छोटे और रिटेल निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.
निचले स्तरों से आई यह रिकवरी बताती है कि मजबूत फंडामेंटल वाले आईटी और अन्य दिग्गज शेयरों में खरीदारी का मौका अभी भी बना हुआ है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम और वैश्विक राजनीति से जुड़ी खबरों पर नजर बनाए रखना अब भी बहुत जरूरी है.