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कार को गर्मी से बचाना है तो अभी जान लें ये 10 जरूरी टिप्स, नहीं तो बढ़ सकता है खर्च

गर्मियों की तेज धूप और बढ़ता तापमान आपकी कार के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. टायर से लेकर इंजन और पेंट तक कई हिस्सों पर इसका सीधा असर पड़ता है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी कार गर्मियों में भी शानदार परफॉर्मेंस दे और अचानक महंगे रिपेयर से बचें, तो इन आसान लेकिन बेहद जरूरी टिप्स को जरूर जान लें.

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गर्मियों में कार की हालत खराब कर देती हैं ये छोटी गलतियां! (Photo-News24 GFX)

Car Care Tips In Summer: गर्मियों ने दस्तक दे दी है और ये मौसम सिर्फ लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि कार के लिए भी काफी चुनौती भरा होता है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और गर्म सड़कों का असर धीरे-धीरे कार के कई हिस्सों पर पड़ने लगता है. लंबे समय तक धूप में खड़ी रहने से पेंट, रबर पार्ट्स, टायर और इंजन जैसे अहम कंपोनेंट्स जल्दी खराब हो सकते हैं. ऐसे में अगर समय रहते थोड़ी सावधानी बरती जाए और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो आपकी कार गर्मियों में भी बेहतर परफॉर्मेंस दे सकती है और लंबे समय तक नई जैसी बनी रह सकती है. आइए जानते हैं गर्मियों के लिए अपनी कार को कैसे तैयार करें.

गर्मियों में कार को बचाना है तो ये 10 काम जरूर करें

पेंट और बॉडी की सुरक्षा के लिए कराएं वैक्स पॉलिश

जैसे गर्मियों में तेज धूप से बचने के लिए हम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही कार के लिए वैक्स पॉलिश एक तरह से सुरक्षा कवच का काम करती है. पॉलिश की परत कार के पेंट और मेटल को तेज धूप के असर से बचाती है. इससे पेंट की चमक लंबे समय तक बनी रहती है और कार की बॉडी भी जल्दी खराब नहीं होती. खासकर SUV में लगे प्लास्टिक क्लैडिंग जैसे हिस्सों को गर्मियों में ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि तेज गर्मी में ये जल्दी सूखकर पुराने दिखने लगते हैं.

रबर पार्ट्स की नियमित जांच करें

गर्मी का मौसम रबर से बने हिस्सों के लिए थोड़ा मुश्किल होता है. इसलिए खिड़कियों के रबर चैनल और दूसरे रबर पार्ट्स की समय-समय पर जांच करना जरूरी है. अगर ये पुराने हो जाएं या इनमें दरारें आ जाएं तो कार धोते समय या बारिश में पानी सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता. इन्हें भी समय पर बदलते रहे.

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टायरों की हालत पर रखें नजर

गर्मी का असर टायरों पर भी सबसे ज्यादा पड़ता है. पुराने टायरों में छोटी-छोटी दरारें बन सकती हैं, जो कई बार आसानी से दिखाई भी नहीं देतीं. आम तौर पर टायर की उम्र करीब 5 साल या लगभग 40,000 किलोमीटर तक मानी जाती है. हर टायर के साइड में उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट लिखी होती है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि उसे कब बदलना चाहिए. भले ही टायर देखने में ठीक लग रहे हों, लेकिन अगर वे अपनी तय उम्र पार कर चुके हैं तो गर्मी में चलाते समय फटने का खतरा बढ़ सकता है.

सही टायर प्रेशर बनाए रखना जरूरी

गर्मी में हवा फैलती है, इसलिए सड़क पर चलते समय टायर का टेंपरेचर और प्रेशर दोनों बढ़ जाते हैं. अगर टायर में पहले से ही दरारें हों तो ज्यादा दबाव के कारण टायर फट सकता है, जो तेज रफ्तार में खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए गर्मियों में टायर का सही प्रेशर बनाए रखना बेहद जरूरी है. 

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टाइम-टाइम पर सर्विसिंग कराना जरूरी

समय पर सर्विस कराना बहुत जरूरी होता है. गर्मियों में इंजन ऑयल की भूमिका और भी अहम हो जाती है, क्योंकि ज्यादा तापमान में ऑयल जल्दी खराब हो सकता है. इंजन ऑयल इंजन के अंदर होने वाली घिसावट से बचाता है और छोटे-मोटे कणों को भी अपने साथ बाहर निकालता है. इसलिए तय समय पर ऑयल बदलवाना और उसका लेवल जांचते रहना कार के इंजन की लंबी उम्र के लिए जरूरी है.

बेल्ट और होज की कंडिशन पर भी ध्यान दें

सर्विसिंग के दौरान कार में लगी रबर बेल्ट और होज की भी जांच की जाती है. गर्म और सूखे मौसम में ये पार्ट्स जल्दी पुराने हो सकते हैं. एसी बेल्ट या फैन बेल्ट में अगर दरारें आ जाएं या स्टार्ट करते समय चीं-चीं की आवाज आने लगे तो यह उनके खराब होने का संकेत हो सकता है. टाइमिंग बेल्ट या टाइमिंग चेन के लिए कंपनी एक तय समय बताती है, उसी के अनुसार इन्हें बदलना बेहतर रहता है.

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कूलेंट का लेवल सही रखें

इंजन को ठंडा रखने में कूलेंट का बहुत बड़ा रोल होता है. गर्मियों में इसका महत्व और बढ़ जाता है. इसलिए समय-समय पर बोनट खोलकर कूलेंट टैंक में उसका लेवल जरूर चैक करें. अगर कूलेंट कम हो तो उसमें डिस्टिल्ड वॉटर मिलाकर उसे तय स्तर तक भर देना चाहिए, ताकि इंजन का टेंपरेचर बैलेंस में रहे. 

कार कवर और सनशेड का इस्तेमाल करें

अगर आपकी कार अक्सर बाहर धूप में खड़ी रहती है तो कार कवर का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद हो सकता है. इससे कार के पेंट और मेटल पार्ट्स को तेज धूप से बचाव मिलता है. इसके अलावा विंडशील्ड और खिड़कियों पर सनशेड लगाने से कार के अंदर का तापमान कम रहता है और इंटीरियर भी सुरक्षित रहता है.

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एयर कंडीशनिंग सिस्टम की जांच कराएं

जैसे घर के एसी की सर्विस गर्मियों से पहले कराई जाती है, वैसे ही कार के एसी सिस्टम की भी जांच कराना अच्छा रहता है. इससे यह सुनिश्चित हो जाता है कि एसी ठीक से काम कर रहा है और तेज गर्मी में कार के अंदर पर्याप्त कूलिंग मिल सके.

कार स्टार्ट करने से पहले खिड़कियां खोल दें

गर्मी में धूप में खड़ी कार का केबिन बहुत जल्दी गर्म हो जाता है और अंदर की हवा भी गर्म हो जाती है. ऐसे में कार स्टार्ट करते ही कुछ देर के लिए खिड़कियां खोल देना चाहिए. इससे अंदर की गर्म हवा बाहर निकल जाती है और ताजी हवा अंदर आती है. इसके बाद एसी ज्यादा तेजी से केबिन को ठंडा कर पाता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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