Diwali 2026: कहीं दीपोत्सव तो कहीं काली पूजा, इन 4 शहरों से जुड़ा दिवाली का अनोखा इतिहास जानें

Diwali 2026: दिवाली का पर्व देशभर में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है. कई शहरों में दिवाली मनाने को लेकर अलग-अलग परंपरा है. आइये इन शहरों से जुड़े इतिहास के बारे में जानते हैं.

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दिवाली पर अयोध्या, वाराणसी, अमृतसर और कोलकाता में अलग-अलग अंदाज में जश्न मनाया जाता है. (Photo Credit - AI)

Diwali 2026: दिवाली का पर्व हर साल कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है. इस साल 8 नवंबर 2026 दिन रविवार को दिवाली मनाई जाएगी. दिवाली देशभर में बड़ी ही धूमधाम से मनाई जाती है. कई शहरों में दिवाली पर अलग-अलग अंदाज में जश्न मनाया जाता है. दिवाली पर्व मनाने को लेकर अमृतसर, कोलकाता, अयोध्या और वाराणसी में अलग-अलग लोक मान्यताएं हैं. दिवाली पर्व पर इन शहरों में जश्न की परंपरा और अनोखे अंदाज के बारे में यहां जान सकते हैं.

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अयोध्या में दिवाली का जश्न

रामायण के अनुसार, प्रभु श्रीराम 14 वर्षों के वनवास के बाद जन्मभूमि अयोध्या वापस लौटे थे. इस दिन अयोध्यावासियों ने पूरी नगरी को दीयों से सजाया था. यहां पर हर साल दीपोत्सव मनाया जाता है. अयोध्या राम मंदिर को भव्य लाइटों से सजाया जाता है. सरयू नदी के तट पर लाखों दीपक जलाएं जाते हैं.

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कोलकाता में काली पूजा

पश्चिम बंगाल में दिवारी के अवसर पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा के साथ ही काली मां की पूजा की जाती है. कोलकाता में दिवाली पर काली पूजा का आयोजन किया जाता है. कोलकाता में मां काली के आकर्षक पंडाल लगते हैं.

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वाराणसी में दिवाली और देव दिवाली

उत्तर प्रदेश के काशी बनारस यानी वाराणसी में दिवाली पर जश्न देखने को मिलता है. गंगा नदी के तट पर स्थित वाराणसी शहर को दिवाली के अवसर पर रंग-बिरंगी लाइटों और दीयों से सजाया जाता है. घाट को बेहद भव्य तरीके से सजाया जाता है. लोग घरों को सजाते हैं और मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करते हैं. वाराणसी में दिवाली के 15 दिनों बाद कार्तिक माह पूर्णिमा पर देव दिवाली का पर्व मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि, इस दिन देवी-देवता स्वर्ग से उतरकर वाराणसी गंगा में स्नान करने और दीये जलाने आते है. इस दिन को देव दिवाली के तौर पर मनाया जाता है.

अमृतसर में बंदी छोड़ दिवस

अमृतसर में सिख समुदाय के लोग दिवाली के दिन को बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाते हैं. पंचाब के अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर को दिवाली के अवसर पर दुल्हन की तरह सजाया जाता है. बता दें कि, मुगल सम्राट जहांगीर ने गुरु हरगोबिंद साहिब जी के साथ 52 राजाओं को ग्वालियर के किले से आजाद किया था. सिख समुदाय के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी जहांगीर की कैद से 52 हिन्दू राजाओं को छुड़वाकर दिवाली के दिन अमृतसर लौटे थे.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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