Kidney Stones Treatment: किडनी में पथरी होना एक ऐसी समस्या है जिससे बहुत से लोग दोचार होते हैं. मरीजों में पथरी को लेकर कंफ्यूजन भी होती है जिसके कारण ट्रीटमेंट में देरी हो जाती है. ऐसे में AIIMS, नई दिल्ली के यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार बताते हैं कि किडनी की पथरी से जुड़े ऐसे कुछ मिथक हैं जिनके बारे में बात करना जरूरी है. किडनी स्टोन के ऐसे कई मरीज हैं जो उन सलाह पर चल रहे होते हैं जो उनकी स्थिति को और खराब कर रही होती हैं. ऐसे में यहां जानिए किडनी स्टोन से जुड़ी किन गलतफहमियों से बचे रहने की सलाह दे रहे हैं डॉक्टर.
किडनी स्टोन क्या होता है
शरीर की दोनों किडनी खून की गंदगी को छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकालती हैं. जब कुछ मिनरल पदार्थ बहुत अधिक मात्रा में एकत्रित हो जाते हैं तो वे अंदर किडनी स्टोन या पथरी (Pathri) बनने लगते हैं. ये स्टोन खुद ब खुद पेशाब के जरिए निकल भी सकते हैं या ये इतने बड़े हो जाते हैं कि इनसे दर्द होने लगता है और किडनियों को नुकसान पहुंच सकता है.
पथरी में कहां दर्द होता है
पथरी में पीठ, बगल या पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता है. इसके अलावा पेशाब रुक-रुक कर आना इसका बड़ा लक्षण है. अगर इस तरह दर्द और पेशाब रुक-रुककर आने की दिक्कत हो तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए.
पथरी का दर्द कैसा महसूस होता है
पथरी का दर्द एकदम से उठता है और तीव्र होता है. ऐसा लगता है जैसे किडनी में कुछ जोर से चुभ रहा हो.
क्या पथरी से बचने के लिए कैल्शियम का सेवन नहीं करना चाहिए
डॉ. राजीव कुमार बताते हैं कि किडनी की पथरी से बचने के लिए कैल्शियम का सेवन ना करना गलत है. जब भोजन के साथ कैल्शियम लिया जाता है तो यह आंतों में ऑक्सलेट्स बनाता है और दोनों मल के जरिए शरीर से बाहर निकल जाते हैं. लेकिन, अगर कैल्शियम कम लिया जाता है तो ऑक्सलेट आसानी से खून में घुल जाता है और किडनी तक पहुंचता है और पथरी बना देता है. ऐसे में कैल्शियम खाने से आपको पथरी से सुरक्षा मिलती है.
क्या पथरी केवल बुजुर्गों को होती है
यह एक गलत धारणा है. किडनी की पथरी हर उम्र के व्यक्ति को हो सकती है और कई बार बड़ी-बड़ी पथरियां छोटे-छोटे बच्चों में पाई जाती हैं.
क्या पथरी पारिवारिक होती है
बहुत से लोगों को लगता है कि पथरी की समस्या पारिवारिक होती है और इससे बचने का कोई तरीका नहीं है. लेकिन, यह पूरी तरह सही नहीं है. डॉक्टर बताते हैं कि कुछ पथरियां जरूर पारिवारिक होती हैं, लेकिन हमेशा नहीं.
पथरी से बचने के लिए क्या करना चाहिए
पथरी से बचाव के लिए पानी ज्यादा पीने और नमक का सेवन कम करने जैसी सावधानियां बरती जा सकती हैं. पथरी के मरीज को अगर पथरी से छुटकारा मिल गया है तो उसके बाद खासतौर से ये सावधानियां बरतनी चाहिए जिससे पथरी दोबारा ना बनें.
किडनी की पथरी का इलाज कैसे होता है
किडनी की पथरी का इलाज आमतौर पर 5 तरीकों से किया जाता है . छोटी पथरी खुद ही निकल जाती है और कुछ का इलाज शॉक वेव थेरैपी के जरिए किया जाता है. यह बिना सर्जरी के होता है. बाकी किडनी की पथरियों या यूरेथ्रा की पथरियों को ऑपरेशन के जरिए निकाला जाता है. इसमें मूत्र मार्ग से स्कोप के जरिए पथरी निकाली जा सकती है. यह कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया होती है. गुर्दे में छेद करके या सामान्य ऑपरेशन के जरिए भी पथरी निकाल सकते हैं. इन सब में लेजर का इस्तेमाल किया जा सकता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.