जब भी कोई व्यक्ति सेकंड हैंड कार खरीदने या अपनी पुरानी गाड़ी बेचने का प्लान बनाता है, तो सबसे पहले उसके दिमाग में एक सवाल आता है कि कार कितने किलोमीटर चल चुकी है. आमतौर पर माना जाता है कि ज्यादा किलोमीटर चली कार पुरानी हो जाती है और उसमें खराबी आने की आशंका भी बढ़ जाती है. लेकिन क्या वाकई कार की उम्र सिर्फ उसके ओडोमीटर पर दिखने वाले किलोमीटर से तय होती है? इसका जवाब है नहीं. कार कितनी पुरानी है, यह उसकी उम्र, रखरखाव और सर्विस हिस्ट्री पर भी निर्भर करता है. फिर भी, कुछ सामान्य पैमानों से आप समझ सकते हैं कि कार किस स्थिति में है.
15 से 50 हजार किमी चली कार कैसी होती है?
अगर किसी कार ने अब तक 15,000 से 50,000 किलोमीटर का सफर तय किया है, तो उसे आमतौर पर कम चली हुई कार माना जाता है. ऐसी गाड़ी की स्थिति काफी हद तक नई कार जैसी हो सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर कम किलोमीटर चली कार अच्छी हालत में ही होगी. कार की असली स्थिति जानने के लिए उसकी सर्विस हिस्ट्री और रखरखाव की जानकारी लेना भी जरूरी है.
5 साल में 60 से 75 हजार किमी चलने वाली कार कैसी?
आमतौर पर भारत में एक कार सालभर में करीब 10,000 से 15,000 किलोमीटर चलती है. इस हिसाब से अगर कोई कार 5 साल में 60,000 से 75,000 किलोमीटर तक चली है, तो इसे सामान्य इस्तेमाल माना जा सकता है. यानी इतनी दूरी तय करने का मतलब यह नहीं है कि कार अब पुरानी या खराब हो चुकी है.
क्या 1 लाख से 1.5 लाख किमी के बाद कार पुरानी हो जाती है?
जब कोई कार 1 लाख से 1.5 लाख किलोमीटर का आंकड़ा पार कर लेती है, तो उसे हाई-माइलेज या पुरानी कार की श्रेणी में रखा जाने लगता है. इस पड़ाव पर कार के कुछ पार्ट्स में घिसावट आ सकती है और उनकी मरम्मत या बदलाव की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, अगर गाड़ी की समय पर सर्विस हुई है और उसका सही रखरखाव किया गया है, तो वह आगे भी अच्छी तरह चल सकती है.
कितने किलोमीटर तक चलता है कार का इंजन?
कार के इंजन की उम्र उसके प्रकार और रखरखाव पर निर्भर करती है. आधुनिक पेट्रोल कारों के इंजन सही देखभाल के साथ करीब 2 लाख से 3 लाख किलोमीटर तक चल सकते हैं. वहीं, डीजल इंजन 4 लाख किलोमीटर तक भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. इसलिए सिर्फ ओडोमीटर पर ज्यादा किलोमीटर देखकर यह फैसला नहीं करना चाहिए कि कार अब इस्तेमाल के लायक नहीं है.
कार खरीदते समय सिर्फ किलोमीटर नहीं, सर्विस हिस्ट्री भी देखें
अगर आप पुरानी कार खरीदने जा रहे हैं, तो सिर्फ यह न देखें कि वह कितने किलोमीटर चली है. उसकी सर्विस हिस्ट्री जरूर चेक करें. अगर कार की सर्विस समय पर हुई है और इंजन, गियरबॉक्स समेत दूसरे जरूरी पार्ट्स की देखभाल की गई है, तो 2 लाख किलोमीटर चली कार भी अच्छी स्थिति में हो सकती है. इसके उलट, कम चली हुई कार में भी परेशानी हो सकती है, अगर उसका रखरखाव ठीक से नहीं किया गया हो.
10 साल पुरानी कार कम चलने के बावजूद हो सकती है कमजोर
कार की स्थिति तय करने में उसकी उम्र भी अहम भूमिका निभाती है. मान लीजिए कोई कार 10 साल पुरानी है और अब तक सिर्फ 40,000 किलोमीटर चली है. कम इस्तेमाल होने के बावजूद उसके रबर पार्ट्स, बेल्ट और बैटरी जैसे हिस्से समय के साथ कमजोर हो सकते हैं. इसलिए पुरानी कार खरीदते समय उसकी उम्र और किलोमीटर, दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है.