भारतीय कार बाजार ने अक्टूबर 2026 में बिक्री का नया रिकॉर्ड बना दिया है. दिवाली और दशहरा जैसे त्योहारों के दौरान लोगों ने जमकर नई कारें खरीदीं. इसका असर कंपनियों की बिक्री के आंकड़ों में भी देखने को मिला. पहली बार ऐसा हुआ है, जब एक महीने में देश की पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री 5 लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गई. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में कार कंपनियों ने डीलर्स को 5.25 लाख से 5.30 लाख तक गाड़ियां भेजीं. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 12 से 13 फीसदी ज्यादा है. इससे पहले जुलाई 2026 में सबसे ज्यादा 4.69 लाख गाड़ियां भेजने का रिकॉर्ड बना था, जो अब टूट गया है.
त्योहारों में कार खरीदने के लिए उमड़े ग्राहक
अक्टूबर में कारों की रिकॉर्ड बिक्री के पीछे नवरात्रि और दशहरा जैसे त्योहारों की बड़ी भूमिका रही. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने नई कार खरीदने का प्लान बनाया. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, GST 2.0 में बदलाव रेपो रेट में कटौरी और इनकम टैक्स में राहत ने भी कारों की मांग बढ़ाने में मदद की. इन फैसलों से ग्राहकों को आर्थिक राहत मिली और उनके लिए कार खरीदना पहले से मुकाबले आसान हुआ. बता दें कि कंपनियां डीलर्स को जो गाड़ियां भेजती हैं, उसे होलसेल बिक्री कहा जाता है.
Maruti से लेकर Kia तक ने बनाया नया रिकॉर्ड
अक्टूबर में देश की पांच बड़ी कार कंपनियों ने अपनी अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री दर्ज की. इनमें मारुति सुजुकी इंडिया, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई मोटर इंडिया और किआ इंडिया शामिल हैं. इन सभी कंपनियों ने अक्टूबर में डीलर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा गाड़ियां भेजीं. त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग का फायदा सिर्फ एक कंपनी को नहीं, बल्कि देश की लगभग सभी बड़ी कार कंपनियों को मिला. इससे भारतीय कार बाजार में बढ़ती मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है.
Maruti Suzuki की बिक्री में 20.45 फीसदी का उछाल
देश की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के लिए भी अक्टूबर का महीना शानदार रहा. कंपनी ने इस दौरान डीलर्ज को कुल 2.12 लाख पैसेंजर गाड़ियां भेजीं. पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 1.76 लाख यूनिट था. इस तरह कंपनी की बिक्री में सालाना आधार पर 20.45 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. अक्टूबर में मारुति ने अपनी अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री का रिकॉर्ड भी बनाया. त्योहारों के दौरान कंपनी की कारों की मांग में आई तेजी का असर इन आंकड़ो में साफ दिखाई देता है.
GST और ब्याज दरों में राहत से भी मिला फायदा
कारों की बिक्री बढ़ने के पीछे आर्थिक राहत से जुड़े फैसलों का भी योगदान रहा. मारुति सुजुकी के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पार्थो बनर्जी ने मनीकंट्रोल से बातचीत में बताया कि GST 2.0, रेपो रेट में कटौती और इनकम टैक्स में राहत से कारों की मांग को बढ़ावा मिला है. इन बदलावों के कारण ग्राहकों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे बचे और कार लोन लेना भी पहले के मुकाबले आसान हुआ. अक्टूबर में टूटा बिक्री का रिकॉर्ड इसी बढ़ती मांग को दिखाता है.