रात के करीब 10 बजे हैं. दिनभर ट्रैफिक से भरा रहने वाला चौराहा अब लगभग खाली है. आप कार लेकर सिग्नल पर पुहंचे हैं तो देखते हें कि लाल और हरी बत्ती की जह सिर्फ पीली लाइट लगातार ब्लिंक कर रही है. ऐसे में मन में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर रात में ट्रैफिक सिग्नल ऐसा क्यों करते हैं? क्या इस समय ट्रैफिक नियम भी बदल जाते हैं या फिर बिना रुके चौराह पार किया जा सकता है? अगर आपके मन में भी ऐसे सवाल आते हैं, तो इसका जबाव यहां समझते हैं.

रात में सिग्नल क्यों बदल जाता है मोड?

शहरों के कई प्रमुख चौराहों पर रात के समय ट्रैफिक सिग्नल को फ्लैशिंग मोड में डाल दिया जाता है. आमतौर पर रात करीब 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाल या हरी बत्तियों की जगह पीली बत्ती ब्लिंक करती दिखाई दे सकती है. इसका मुख्य कारण रात में सड़कों पर कम होने वाला ट्रैफिक है. दिन के समय जहां लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है, वहीं देर रात सड़कें काफी खाली हो जाती हैं.

---विज्ञापन---

खाली सड़क पर बेवजह नहीं रुकना पड़ता

अगर रात में भी दिन की तरह 60 से 90 सेकंड का लाल सिग्नल चलता रहे तो खाली सड़क पर भी वाहन चालकों को अनावश्यक रूप से रुकना पड़ेगा. इससे समय की बर्बादी के साथ गाड़ियों के फ्यूल की खपत भी बढ़ सकती है. इसी वजह से कम ट्रैफिक वाले समय में सिग्नल को फ्लैशिंग मोड पर रखा जाता है. पीली बत्ती के ब्लिंक करने का मतलब है कि चौराहे पर तय टाइमर के हिसाब से से ट्रैफिक नहीं चल रहा है लेकिन चालक को सावधानी के साथ आगे बढ़ना है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें- 1.55 लाख रुपये तक सस्ती ले सकते हैं Maruti की ये 7-सीटर फैमिली कार, अगस्त ऑफर में बड़ा फायदा

---विज्ञापन---

क्या रात में ट्रैफिक नियम खत्म हो जाते हैं?

ये सबसे बड़ी गलतफहमी है. सिग्नल के फ्लैशिंग मोड में जाने का मतलब ये नहीं है कि रात में ट्रैफिक नियम लागू नहीं होते. अगर पीली बत्ती ब्लिंक कर रही है तो चालक को अपनी स्पीड कम करनी चाहिए और चौराहे को पार करने से पहले दोनों तरफ से आने वाले वाहनों को देखना चाहिए. 

---विज्ञापन---

रात में भी कट सकता है चालान

रात में सड़क खाली देखकर तेज स्पीड में गाड़ी चलाना भारी पड़ सकता है. कई जगह चौराहों और सड़को पर लगे ऑटोमैटिक कैमरे स्पीड और ट्रैफिक नियमों की निगरानी करते हैं. अगर कोई चालक ओवरस्पीडिंग करता है या खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाता है तो कैमरे के जरिए उसका ई चालान जारी हो सकता है.इसलिए यह सोचना गलत है कि रात में सड़क खाली होने पर स्पीड लिमिट की चिंता करने की जरूरत नहीं है.

---विज्ञापन---

रात में चौराहा पार करते समय रहें सावधान

रात के समय सड़क पर वाहनों की संख्या कम जरूरी होती है, लेकिन तेज रफ्तार और कम सतर्कता के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में ब्लिंक करती पीली बत्ती को रास्ता साफ होने का संकेत न समझे. चौराहे के पास स्पीड कम करें, दोनों तरफ देखें और तभी आगे बढ़ें. याद रखें, रात में सिग्नल का मोड बदल सकता है, लेकिन आपकी जिम्मेदारी और ट्रैफिक नियम खत्म नहीं होते.

ये भी पढ़ें- पुरानी कार बेचते समय ये 5 काम कर लिए तो मिल सकती है बेहतर कीमत, खरीदार भी नहीं करेगा ज्यादा मोलभाव