Daily Horoscope: 21 जुलाई 2025 को सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह तिथि सुबह 9:38 बजे तक रहेगी। इसके साथ ही आज सावन का दूसरा सोमवार भी है। आज रोहिणी नक्षत्र शाम 9:07 बजे तक रहेगा, उसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा। वृद्धि योग शाम 6:39 बजे तक रहेगा, फिर ध्रुव योग लगेगा। करण में बालव सुबह 9:38 बजे तक, फिर कौलव रात 8:21 बजे तक, और इसके बाद तैतिल करण रहेगा।
ग्रहों की चाल इस दिन कुछ खास प्रभाव डाल रही है। चंद्रमा और शुक्र वृषभ राशि में एक साथ रहेंगे, जो भावनाओं और सुख-सुविधाओं को प्रभावित करेंगे। गुरु अकेले मिथुन राशि में रहेंगे, जो बुद्धि और ज्ञान को बढ़ाएंगे। सूर्य और बुध कर्क राशि में होंगे, जो मन और आत्मविश्वास पर असर डालेंगे। मंगल और केतु सिंह राशि में रहेंगे, जो साहस और आध्यात्मिकता को प्रभावित करेंगे। राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में रहेंगे, जो कुछ राशियों के लिए चुनौतियां लाएंगे। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए 21 जुलाई का दिन अच्छा नहीं रहेगा और इसके लिए क्या उपाय करें?
मिथुन राशि
चंद्रमा आपके 12वें भाव को प्रभावित करेंगे। इससे खर्च बढ़ सकता है और मन में बेचैनी आ सकती है। रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत में चंद्रमा और शुक्र का मेल आपको भावनात्मक रूप से परेशान कर सकता है। मृगशिरा नक्षत्र में मंगल और केतु का प्रभाव निर्णय लेने में उलझन पैदा कर सकता है। इससे काम में रुकावट या छोटी-मोटी गलतफहमियां हो सकती हैं।
उपाय: सुबह नहाकर भगवान शिव को गंगाजल और बिल्व पत्र चढ़ाएं।
कर्क राशि
सूर्य और बुध आपकी अपनी राशि यानी पहले भाव में हैं, लेकिन मंगल और केतु चौथे भाव में होने से घर में सुख-शांति कम हो सकती है। रोहिणी नक्षत्र की भावनात्मक ऊर्जा और मृगशिरा की अस्थिरता आपको चिंता दे सकती है। परिवार में छोटे-मोटे झगड़े या तनाव की स्थिति बन सकती है।
उपाय: भगवान शिव को दूध और सफेद फूल चढ़ाएं।
कन्या राशि
मंगल और केतु आपके 12वें भाव में हैं, जिससे खर्च बढ़ सकता है और मन में छुपा हुआ डर या चिंता रह सकती है। चंद्रमा और शुक्र ग्यारहवें भाव में होने से दोस्तों या आय के स्रोतों में थोड़ा तनाव हो सकता है। वृद्धि योग के बावजूद, जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें।
उपाय: भगवान शिव को चंदन अर्पित करें।
कुंभ राशि
राहु आपकी राशि के पहले और केतु सातवें भाव में हैं, जिससे रिश्तों या बिजनेस पार्टनरशिप में परेशानी हो सकती है। मृगशिरा नक्षत्र की अस्थिरता और मंगल का प्रभाव गलतफहमियां बढ़ा सकता है। काम के मामले में भी छोटी-मोटी रुकावटें आ सकती हैं।
उपाय: भगवान शिव को शहद और बिल्व पत्र चढ़ाएं।
मीन राशि
शनि आपकी राशि में और केतु छठे भाव में है, जिससे स्वास्थ्य या शत्रुओं से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। चंद्रमा और शुक्र तीसरे भाव में होने से भाई-बहनों या छोटी यात्राओं में दिक्कत आ सकती है। ध्रुव योग के बावजूद, मन में तनाव रह सकता है।
उपाय: भगवान शिव को पीले फूल और केसर चढ़ाएं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें- इन 5 राशियों की भरेगी तिजोरी और दुश्मनों पर पड़ेंगी हावी, नक्षत्र परिवर्तन कर गया केतु मायावी
संबंधित खबरें
Aaj Ka Rashifal: आज अक्टूबर के पहले दिन इन राशियों को मिल सकता है शुभ समाचार, पढ़ें 1 अक्टूबर 2026 का राशिफल
15 mins agoShani Vakri Upay: 11 दिसंबर तक वक्री शनि इन 5 राशियों की बढ़ाएंगे मुश्किलें! जानिए सावधानियां और उपाय
22 hrs agoAaj Ka Rashifal: आज बुधवार को इन 4 राशियों का बिगड़ सकता है बजट, पढ़ें 30 सितंबर 2026 का राशिफल
1 day agoNumerology: अकेले रहना पसंद करते हैं इन 3 मूलांक के लोग, इंट्रोवर्ट होता है इनका स्वभाव, जानिए
1 day agoAaj Ka Rashifal: आज किन राशियों को होगा लाभ, किन्हें होगा नुकसान? पढ़ें 29 सितंबर 2026 का राशिफल
2 days agoAaj Ka Rashifal: आज सोमवार को इन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के द्वार, पढ़ें 28 सितंबर 2026 का राशिफल
3 days agoVideo: सितंबर के अंत में तुला राशि को मिलेगी खुशखबरी, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
3 days agoLucky Zodiac Signs: पितृ पक्ष में 5 राशियों के जीवन में आएंगे सकारात्मक बदलाव, मिलेगा पूर्वजों का आशीर्वाद
3 days agoAaj Ka Rashifal: आज रविवार को इन 5 राशियों के लिए बनेंगे सफलता के योग, पढ़ें 27 सितंबर 2026 का राशिफल
4 days agoVideo: 26 सितंबर से सिंह राशि को कारोबार में होगा लाभ, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
4 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines