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Daily Horoscope: 18 अगस्त 2025 को दशमी तिथि शाम 5:22 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। पूरे दिन मृगशिरा नक्षत्र रहेगा, जो बौद्धिक और रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। हर्षण योग रात 11 बजे तक रहेगा, जो ऊर्जा और उत्साह को बढ़ाता है। हालांकि, विष्टि करण सुबह 6:22 से शाम 5:22 तक रहेगा, जो अशुभ माना जाता है और इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। चंद्रमा की वृषभ से मिथुन राशि में गोचर और शुक्र-गुरु के साथ युति कुछ राशियों के लिए तनाव या अनिश्चितता ला सकती है। सूर्य-केतु की युति सिंह राशि में अहंकार या गलतफहमी को बढ़ा सकती है, जबकि शनि का मीन में होना और राहु का कुंभ में होना कुछ राशियों पर दबाव डालेगा। आइए जानते हैं कि यह दिन किन राशि वालों के लिए अच्छा नहीं रहेगा और आपको दिन को अच्छा बनाने के लिए क्या उपाय करने होंगे?
18 अगस्त 2025 का दिन सिंह राशि वालों के लिए दिन थोड़ा मुश्किल हो सकता है। सूर्य और केतु की युति आपके पहले भाव में होगी, जिससे आत्मविश्वास में कमी, गलतफहमी या मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है। दोपहर के बाद चंद्रमा का मिथुन राशि में जाना आपके 11वें भाव को प्रभावित करेगा, जिससे दोस्तों या सहकर्मियों के साथ तनाव हो सकता है। विष्टि करण के दौरान महत्वपूर्ण फैसले लेने से बचें, क्योंकि गलत निर्णय नुकसान पहुंचा सकते हैं। आपके कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं और इस दौरान आपको स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना होगा।
उपाय: सूर्य को जल चढ़ाएं और गणेश जी की पूजा करें।
कन्या राशि वालों के लिए यह दिन कुछ परेशानियां ला सकता है, क्योंकि मंगल आपके पहले घर में होगा, जो जल्दबाजी या गुस्से को बढ़ा सकता है। चंद्रमा का मिथुन राशि में गोचर दोपहर के बाद आपके दसवें घर यानी करियर के भाव को प्रभावित करेगा, जिससे नौकरी या बिजनेस में छोटी-मोटी समस्याएं आ सकती हैं। विष्टि करण के दौरान बॉस या सहकर्मियों के साथ बहस से बचें। मानसिक तनाव या काम का दबाव बढ़ सकता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी होगा।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और लाल चंदन का तिलक लगाएं।
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि चंद्रमा का वृषभ राशि में सुबह का समय आपके सातवें घर यानी रिश्ते और साझेदारी को प्रभावित करेगा। इससे जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ गलतफहमी हो सकती है। दोपहर के बाद चंद्रमा का मिथुन राशि में जाना आपके आठवें घर को प्रभावित करेगा, जिससे अचानक खर्च या मानसिक तनाव बढ़ सकता है। विष्टि करण के दौरान जोखिम भरे निवेश से बचें। स्वास्थ्य, खासकर पेट या त्वचा से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दें।
उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें और काले तिल का दान करें।
धनु राशि वालों के लिए यह दिन कुछ परेशानियां ला सकता है। चंद्रमा का वृषभ राशि में सुबह का समय आपके छठे भाव यानी शत्रु, रोग, और प्रतियोगिता को प्रभावित करेगा, जिससे विरोधियों या स्वास्थ्य समस्याओं से तनाव हो सकता है। दोपहर के बाद चंद्रमा का मिथुन राशि में गोचर आपके 7वें भाव को प्रभावित करेगा, जिससे रिश्तों में तनाव या गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। विष्टि करण के दौरान कोई नया काम शुरू न करें। मानसिक शांति के लिए ध्यान रखें।
उपाय: गुरु मंत्र का जाप करें और पीले कपड़े पहनें।
मीन राशि वालों के लिए यह दिन कुछ चुनौतियां लेकर आएगा, क्योंकि शनि आपके पहले घर में होगा, जो मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ा सकता है। चंद्रमा का वृषभ राशि में सुबह का समय आपके तीसरे भाव को प्रभावित करेगा, जिससे बातचीत में गलतफहमी या यात्रा में रुकावटें आ सकती हैं। दोपहर के बाद चंद्रमा का मिथुन राशि में गोचर आपके चौथे भाव को प्रभावित करेगा, जिससे पारिवारिक तनाव या माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। विष्टि करण के दौरान धैर्य रखें।
उपाय: शनि मंत्र का जाप करें और नीले कपड़े पहनें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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