Kaalchakra: सावन में क्यों खास हैं 12 ज्योतिर्लिंग? पं. सुरेश पांडेय से जानें हर एक का महत्व और पूजा का फल

Kaalchakra Today: सावन में 12 ज्योतिर्लिंगों की पूजा और स्मरण का विशेष महत्व माना गया है. पं. सुरेश पांडेय के अनुसार, हर ज्योतिर्लिंग अलग-अलग शुभ फल और कृपा से जुड़ा माना जाता है. आइए जानते हैं, 12 ज्योतिर्लिंगों का महत्व और उनसे मिलने वाले धार्मिक फल.

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Kaalchakra Today: हिन्दू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना गया है, जिसकी शुरुआत 30 जुलाई, 2026 से हो रही है. धर्म शास्त्रों और पुराणों में, इस दौरान 12 ज्योतिर्लिंगों की पूजा और स्मरण का विशेष महत्व बताया गया है. कालचक्र कार्यक्रम में पंडित सुरेश पांडेय ने बताया है कि शिव पुराण के अनुसार, इन ज्योतिर्लिंगों का श्रद्धा से स्मरण भी शुभ फल देने वाला माना जाता है. मान्यता है कि अलग-अलग ज्योतिर्लिंग जीवन के अलग-अलग कष्टों को दूर करने और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने से जुड़े हैं. आइए कालचक्र कार्यक्रम में पंडित जी से जानते हैं, किस ज्योतिर्लिंग की पूजा किस फल से जुड़ी मानी जाती है?

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12 ज्योतिर्लिंगों की महिमा

पंडित सुरेश पांडेय के अनुसार, जो व्यक्ति प्रतिदिन स्नान के बाद 12 ज्योतिर्लिंगों का स्मरण करता है, उसे विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. शिव पुराण में इनके दर्शन और पूजन को भी अत्यंत फलदायी बताया गया है.

1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग: गुजरात में स्थित यह पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है. इसकी पूजा धन-धान्य, अच्छे स्वास्थ्य और अकाल मृत्यु के भय से रक्षा से जुड़ी मानी जाती है.
2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग: आंध्र प्रदेश के श्रीशैल पर्वत पर स्थित यह ज्योतिर्लिंग सुख, सौभाग्य, संपत्ति और संतान सुख का आशीर्वाद देने वाला माना जाता है.
3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग: उज्जैन स्थित महाकालेश्वर के दर्शन मृत्यु के भय से मुक्ति और भस्म आरती के विशेष आध्यात्मिक फल से जुड़े माने जाते हैं.
4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: नर्मदा तट पर स्थित इस ज्योतिर्लिंग की पूजा रुके हुए काम पूरे होने, मन की एकाग्रता और विवाह में आ रही बाधाएं दूर करने के लिए शुभ मानी जाती है.
5. वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग: झारखंड के देवघर स्थित वैद्यनाथ धाम रोगों से राहत और मानसिक शक्ति बढ़ाने की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है.
6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग: महाराष्ट्र में स्थित यह ज्योतिर्लिंग मांगलिक दोष और मंगल ग्रह से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए प्रसिद्ध माना जाता है.
7. रामेश्वर ज्योतिर्लिंग: तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन बड़े पापों से मुक्ति और सूर्य से जुड़े कष्ट कम करने से जोड़े जाते हैं.
8. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग: द्वारका के पास स्थित नागेश्वर की पूजा राहु-केतु से जुड़े दोषों की शांति के लिए की जाती है.
9. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग: वाराणसी स्थित यह ज्योतिर्लिंग मोक्षदायी माना जाता है. यहां दर्शन और गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है.
10. त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग: नासिक स्थित इस ज्योतिर्लिंग में महामृत्युंजय मंत्र का जप और राहु-केतु दोष की शांति का विशेष महत्व बताया गया है.
11. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग: हिमालय में स्थित केदारनाथ को शिव की दिव्य ऊर्जा का केंद्र माना जाता है. यहां दर्शन से कष्ट कम होने और मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है.
12. घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग: महाराष्ट्र स्थित यह अंतिम ज्योतिर्लिंग संतान सुख, पारिवारिक सुख और पापों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है.

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दर्शन के लिए न जा सकें, तो क्या करें?

पंडित सुरेश पांडेय के अनुसार, यदि सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन संभव न हों, तो सुबह-शाम श्रद्धा से उनके नामों का स्मरण करना भी शुभ माना गया है. उनका कहना है कि पूजा का सबसे बड़ा आधार सच्ची श्रद्धा और एकाग्र मन है. इसी भावना के साथ किया गया स्मरण भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बन सकता है.

देखें वीडियो:

कालचक्र प्रोग्राम की पूरी वीडियो को आप यूट्यूब पर यहां देख सकते हैं:

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी अंक ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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