Selfie Jyotish: क्या आप जानते हैं ‘सेल्फाइटिस’ (Selfitis)’ क्या है? मनोविज्ञान में इसे सेल्फी लेने की लत कहते हैं, जो विशेष तौर पर सोशल मीडिया पर लाइक और तारीफें पाने की चाहत से जुड़ी है. वहीं आधुनिक ज्योतिष शास्त्र में इसका कारण वाकई ज्योतिषीय बताया गया है. आइए ज्योतिषाचार्य से जानते है, इसका कारण क्या है?
सेल्फी और आत्म-सम्मान
ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, बार-बार सेल्फी लेने की आदत एक तरह से यह लगती है कि व्यक्ति को किसी-न-किसी रूप से आत्मविश्वास या बाहरी लोगों से स्वीकृति पाने की मजबूरी है. प्रायः यह आत्म-सम्मान की कमी को दर्शाता है, जो सूर्य से जुड़ा है.
सूर्य से संबंध
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सूर्य ग्रह आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान के कारक हैं. जब व्यक्ति का सूर्य कमजोर होता है, उसके अंदर असली आत्मविश्वास घट जाता है. एक खाली हो जाता है, जिसे भरने के लिए व्यक्ति सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान और तारीफ पाने और कोशिश करता है, जिसके लिए वह बार-बार सेल्फी खींचता है. लेकिन इसके दो ग्रह सूर्य से अधिक जिम्मेदार हैं.
राहु का असर
बार-बार सेल्फी लेने की आदत का सूर्य से अप्रत्यक्ष संबंध है. इसके लिए सबसे अधिक जिम्मेदार ग्रह राहु और चंद्रमा हैं. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, राहु भ्रम दिखावा, सोशल मीडिया और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के कारक ग्रह हैं. राहु के बढ़ते प्रभाव से व्यक्ति अपने वर्चुअल दुनिया बना लेता है और खुद को दूसरों से बहुत मान लेता है. सेल्फी इस सोच को सच करने का एक बढ़िया माध्यम बन जाता है.
चंद्रमा का प्रभाव
जिस व्यक्ति चंद्रमा कमजोर होता है, वे भी अपनी पहचान और खुशी के लिए सोशल मीडिया के लाइक्स, कमेंट्स और शेयर के खेल पर निर्भर हो जाते हैं. आपकों बता दें कि चंद्रमा मन, मस्तिष्क, भावना और विचार के कारक हैं. कमजोर चंद्रमा के कारण व्यक्ति में असुरक्षा की भावना बढ़ जाती है. ऐसे में उसके लगता है सेल्फी जैसे इससे निपटने का एक उपाय है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।