Sunil Sharma
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Pradosh Vrat: शास्त्रों में त्रयोदशी अथवा प्रदोष तिथि भगवान शिव को समर्पित की गई है। इस दिन बाबा भोलेनाथ की पूजा की जाती है। माना जाता है कि प्रदोष का व्रत करने से व्यक्ति अपने सभी कष्टों से मुक्ति पा सकता है। प्रत्येक हिंदू माह में दो प्रदोष आती हैं, पहली कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में।
आचार्य अनुपम जौली के अनुसार मार्च माह में प्रदोष तिथि 19 मार्च 2023, रविवार को आ रही है। रविवार को आने के कारण इसे रवि प्रदोष भी कहा जाएगा। जानिए प्रदोष के शुभ मुहूर्त तथा पूजा विधि के बारे में में
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ज्योतिषीय गणना के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 19 मार्च 2023 को सुबह 8.07 बजे आरंभ होगी। इसका समापन अगले दिन 20 मार्च, 2023 को सुबह 4.55 बजे होगा। इस दिन द्विपुष्कर योग भी बन रहा है। इसी दिन पंचक भी लग रहे हैं। ऐसे में पूजा के लिए पूरा दिन ही उत्तम माना गया है।
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सुबह जल्दी उठ कर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर लें। इसके बाद गणेशजी की पूजा करें तथा भगवान शिव एवं मां पार्वती की पूजा करें। जल और दूध से उनका अभिषेक करें। उन्हें बिल्व पत्र, सफेद पुष्प, प्रसाद आदि अर्पित करें। बहुत से लोग इस दिन व्रत भी करते हैं। यदि आप भी व्रत करते हैं तो इस दिन केवल फलाहार ग्रहण करें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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